दो या उससे ज्यादा भाषाएं जानते हैं तो ट्रांसलेटर की जॉब रहेगी बेस्ट ऑप्शन

एक दूसरे की भाषा न जानना एक रुकावट के तौर पर सामने आया है। इसी समस्या को सुलझाने के लिए ट्रांसलेटर्स की भूमिका अहम हो गई है।

करियर डेस्क । वैश्वीकरण ने ना केवल ग्लोबल स्तर पर बिजनेस के दरवाजे खोल दिए हैं बल्कि अलग-अलग संस्कृतियों, नॉलेज और साहित्य के एक्सचेंज को भी सरल बना दिया है, लेकिन इन सबके बीच एक दूसरे की भाषा न जानना एक रुकावट के तौर पर सामने आया है। इसी समस्या के हल में ट्रांसलेटर्स की भूमिका ने जन्म लिया है। दरअसल, ट्रांसलेटर एक भाषा का दूसरी में अनुवाद करके भाषाओं के बीच की बाधा को दूर करने में अहम भूमिका अदा करते हैं। यही वजह है कि अब हर क्षेत्र में ट्रांसलेटर्स की मांग की जाने लगी है। ऐसे में अगर आप दो या अधिक भाषाएं जानते हैं और किसी भाषा को दूसरी भाषा में सरल या रोचक तरीके से अनुवाद करने की कला में रुचि रखते हैं तो बतौर ट्रांसलेटर कॅरिअर के अच्छे मौके हासिल कर सकते हैं। ट्रांसलेशन की वैश्विक मांग को देखते हुए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने भी मशीन ट्रांसलेशन की शुरुआत की है। ये अलग बात है कि ये प्रोफेशनल ट्रांसलेटर्स की जगह लेने में
कामयाब नहीं हुए।

क्या चुन सकते हैं
आप पढ़ाई के लिए भारत सरकार के राजभाषा विभाग ने अनुवाद को एक रोजगार मानते हुए सेंट्रल ट्रांसलेशन ब्यूरो संस्था का गठन किया है। यह संस्था ऑनलाइन व ऑफलाइन कई तरह के कोर्सेज का संचालन करती है। इसके अलावा कई सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में भी ट्रांसलेशन से जुड़े कोर्स कराए जा रहे हैं। ये कोर्सेज मुख्य तौर पर तीन तरह के हैं - सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा कोर्स और डिग्री कोर्स। कुछ संस्थानों में ट्रांसलेशन में पीजी व पीएचडी का ऑप्शन भी उपलब्ध है।

ये कोर्स हैं उपलब्ध 
12वीं के बाद आप बीए इन ट्रांसलेशन व इंटरप्रिटेशन, बैचलर इन जर्नलिज्म एंड मीडिया, बीए ऑनर्स इन इंटरप्रिटिंग एंड ट्रांसलेशन, बैचलर ऑफ लैंग्वेज एंड लिंग्विस्टिक्स जैसे डिग्री कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं। ये कोर्स सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज, जेएनयू, दिल्ली यूनिवर्सिटी, रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर से किए जा सकते हैं। ग्रेजुएशन के बाद आप एमए इन ट्रांसलेशन एंड इंटरप्रिटेशन, एमएससी इन इंटरप्रिटिंग एंड ट्रांसलेटिंग, एमए इन लिंग्विस्टिक, एमए इन ट्रांसलेशन कर सकते हैं। इसके अलावा आप डिप्लोमा कोर्स करके भी ट्रांसलेशन में कॅरिअर बना सकते हैं।

कहां से करें पढ़ाई

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी
फोन : 0177 283 0913
http://www.hpuniv.nic.in/

गुजरात विद्यापीठ,अहमदाबाद 
फोन : 079 2754 0746
http://www.gujaratvidyapith.org/centrallibrary.htm

द इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी हैदराबाद 
फोन : 040 2768 9618
http://efluniversity.ac.in/

सेंट्रल ट्रांसलेशन ब्यूरो
फोन : 011-24362151
http://ctb.rajbhasha.gov.in/

पुणे यूनिवर्सिटी से कर सकते हैं।
फोन : 020 2569 6064
http://www.unipune.ac.in/

स्कॉलरशिप के लिए अवसर
जेएनयू व डीयू जैसे संस्थान में फॉरेन लैंग्वेज कोर्सकरने वाले स्टूडेंट्स को मेरीट बेस्ड स्कॉलरशिप दी जाती है। जेएनयू स्टूडेंट्स को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत फॉरेन यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए भी भेजता है। इसके अलावा मैक्स मूलर भवन द्वारा जर्मन भाषा सीखने वाले दो बेस्ट स्टूडेंट्स को एडवांस लेवल की लर्निंग के लिए चुना जाता है और जर्मनी जाने का मौका दिया जाता है।

ये स्किल्स जरूरी 
ट्रांसलेशन के लिए लैंग्वेज की नॉलेज के साथ-साथ रिसर्च व मजबूत कम्यूनिकेशन स्किल्स भी आवश्यक हैं। अगर आपको किसी फॉरेन लैंग्वेज की नॉलेज है तो उस देश की हिस्ट्री, इकोनॉमी और पॉलिटिकल सिस्टम के बारे में पता होना चाहिए। इसके अलावा पब्लिक स्पीकिंग एबिलिटी के साथ एनालिटिकल पावर भी जरूरी है।

करिअर ऑप्शन 

लेखक : आप कल्पनाशील हैं तो राइटर या नॉवलिस्ट के रूप में कॅरिअर की शुरुआत कर सकते हैं। ट्रांसलेशन में आपका हाथ साफ है तो आप दूसरी भाषाओं की रचना को पढ़कर भी राइटिंग स्किल्स को बेहतर बना सकते हैं।

इंटरप्रिटर : अगर आप एक स्किल्ड ट्रांसलेटर हैं तो किसी राष्ट्रीय नेता, अभिनेता और व्यवसायी के साथ बतौर इंटरप्रिटर जुड़ सकते हैं। जहां ट्रांसलेटर लिखित रूप से अनुवाद करता है वहीं इंटरप्रिटर मौखिक रूप से अनुवाद करता है।

स्पीच राइटिंग : भारत जैसे बहुभाषी देश में लीडर्स और नेताओं के भाषण को अलग-अलग भाषाओं में अनुवादित करने के लिए भी ट्रांसलेटर्स की मांग की जाती है।

एडिटर/रिपोर्टर: मजबूत ट्रांसलेशन स्किल्स हैं तो आप किसी बड़े मीडिया या पब्लिशिंग हाउस के साथ जुड़कर बतौर एडिटर काम कर सकते हैं। एक संवाददाता के रूप में आपको कई अहम खबरों को लिखित व मौखिक रूप से एक से अधिक भाषाओं में भी कंट्रोल रूम तक पहुंचाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर आपके पास एक से अधिक भाषाओं की नॉलेज और ट्रांसलेशन स्किल्स हैं तो आपका काम आसान हो जाता है। 

स्किल्ड ट्रांसलेटर्स की हर जगह है मांग
भारत जैसे बहुभाषी देश में अनुवाद के क्षेत्र में जॉब्स बड़ी संख्या में मौजूद हैं। आज हिंदी सहित सभी प्रांतीय भाषाओं में कुशल ट्रांसलेशन करने वालों की जरूरत है। वैश्विक स्तर पर भी अंग्रेजी, चीनी, जापानी, रूसी, अरबी, स्पैनिश, जर्मन, फ्रेंच आदि भाषाओं से हिंदी में अनुवाद के लिए सरकारी व गैरसरकारी संस्थाओं में अनुवादकों की मांग है। देश में विज्ञान के क्षेत्र में हर साल रिसर्च वर्क का ट्रांसलेशन करने के लिए बड़ी संख्या में ट्रांसलेटर्स की जरूरत होती है। सरकार की भाषा-नीति के तहत सरकारी संगठनों, बैंकों, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, साहित्य अकादमियों आदि के अलावा उद्योग एवं पत्रकारिता में भी कुशल अनुवादकों की मांग बढ़ी है।
-डॉ. एस. एन. सिंह
 निदेशक, केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो

 

Next News

पढ़ाई के साथ सॉफ्ट स्किल्स सीखकर बनेंगे जॉब रेडी

अगर आपकी ऑन जॉब एटीट्यूड ट्रेनिंग सही है तो आपको आगे आने से कोई नहीं रोक सकता। इसके लिए आपको पढ़ाई के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स डेवलप करनी होंगी।

पुख्ता तैयारी और सही टाइम मैनेजमेंट से होगा NEET क्रैक

एमबीबीएस व बीडीएस कॉलेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम नीट का आयोजन किया जाता है। इस साल 6 मई को यह परीक्षा देशभर के करीब 2,300 परीक्षा केन्द्रों पर

Array ( )