सोशल मीडिया यूजर्स के लिए जरूरी है इन कानूनों की जानकारी

यहां सोशल मीडिया से जुड़े कुछ कानूनों की जानकारी दी गई है, जो आपको इंटरनेट इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतने में काम आएगी।   

एजुकेशन डेस्क, भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट पवन दुग्गल ने सोशल मीडिया से जुड़ी खास जानकारी के बारे में बताते हुए कहा कि आप जो भी एक्टिविटी ऑनलाइन करते हैं वह कानून के तहत आती है। कम्प्यूटर सिस्टम्स, कम्प्यूटर नेटवर्क्स, कम्प्यूटर रिसोर्सेज एंड कम्यूनिकेशन डिवाइसेज और इंफॉर्मेशन के इस्तेमाल से जुड़े मामले संविधान में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत आते हैं। यहां सोशल मीडिया से जुड़े कुछ कानूनों की जानकारी दी गई है, जो आपको इंटरनेट इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतने में काम आएगी। 
 
- सोशल मीडिया पर यदि आप किसी व्यक्ति या संस्था की मानहानि करते हैं तो आपको भारतीय दंड संहिता 1860 के सेक्शन 499 के तहत 2 साल की सजा के साथ फाइन भी भरना पड़ सकता है।

- सोशल मीडिया पर किसी आपत्तिजनक फेक न्यूज के जरिए अशांति फैलाने पर आप आईपीसी 1860 के सेक्शन 468 व 469 के तहत दोषी होंगे और सजा के रूप में फाइन व जेल दोनों हो सकते हैं। 

- आईटी एक्ट के सेक्शन 66 सी के तहत अगर आप किसी का पासवर्ड, डिजिटल सिग्नेचर या कोई दूसरा यूनीक आइडेंटिफिकेशन कोड चोरी करते हैं तो आपको तीन साल की सजा और फाइन भरना पड़ेगा।

- किसी व्यक्ति या कंपनी के डिजिटल डॉक्यूमेंट के साथ छेड़छाड़ आईटी एक्ट के सेक्शन 65 के अंतर्गत आती है। इस अपराध में यूजर को तीन साल की जेल के साथ 2 लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ सकता है। 

- यदि पोर्नोग्राफी से जुड़ा कंटेंट गैरकानूनी ढंग से अपलोड या सर्कुलेट करते हैं तो यह आईटी एक्ट के सेक्शन 67 बी के तहत अपराध होता है। इसके लिए तीन साल की सजा व फाइन का प्रावधान है। 

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