स्टॉक मार्केट से जुड़े 10 रोचक फैक्ट्स, जिन्हें आप जरूर जानना चाहेंगे

स्‍टॉक मार्केट को किसी भी देश की इकोनॉमी के मानक के तौर पर जाना जाता है।

एजुकेशन डेस्क,नई दिल्‍ली। आम तौर पर स्‍टॉक मार्केट को किसी भी देश की इकोनॉमी के मानक के तौर पर जाना जाता है। इससे उस देश की इकोनॉमी की मजबूती का पता चलता है और उसको अधार मानकर फॉरेन इन्‍वेर्स्‍टस (विदेशी निवेशक) किसी देश में सीधे तौर पर इन्‍वेस्‍ट करता है।
 
दरअसल किसी भी कंपनी के शेयर स्‍टॉक मार्केट के जरिए ही खरीदे और बेचे जाते हैं। इसलिए इसके सूचकांक पर देश और दुनिया की निगाहें बनी रहती है। मार्केट में होने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का सीधा असर देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ता है। भारतीय स्‍टॉक मार्केट से जुड़े कई ऐसे रोचक फैक्‍ट्स हैं, जिसके बारे में अधिकांश लोग शायद ही जानते होंगे। मनीभास्‍कर आज आपको स्‍टॉक मार्केट से जुड़े हुए 10 फैक्‍ट्स के बारे में बता रहा है।

 
भारत में हैं 12 स्‍टॉक एक्सचेंज
 
- देश में आमतौर पर नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) और बांबे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) को छोड़कर किस अन्‍य एक्‍सचेंजों के बारे में शायद ही कोई जानता होगा। जबकि भारत में 12 स्‍टॉक एक्‍सचेंज हैं, जिसमें से सिर्फ 7 एक्‍सचेंज परमानेंट हैं, जबकि अन्‍य 5 एक्‍सचेंज को समय-समय पर अपने लाइसेंस को रिन्‍यू कराना होता है। लेकिन, इसके अतिरिक्‍त 13 अन्‍य स्‍टॉक एक्‍सचेंजों को शुरू करने की मंजूरी सेबी द्वारा दी गई है।


2015 में सेंसेक्‍स रिकॉर्ड 30024 अंक को छूआ
 
- भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्‍स ने रिकॉर्ड सबसे नीचले स्‍तर 113.28 प्‍वाइंट पर दिसंबर, 1979 में चला गया था। जबकि 35 साल बाद मार्च, 2015 में सेंसेक्‍स ने अपने सबसे ऊंचे स्‍तर 30024 प्‍वाइंट तक जा  पहुंचा जो कि एक रिकॉर्ड है। भारत के स्‍टॉक एक्‍सचेंज में सेंसेक्‍स और निफ्टी बेंचमार्क हैं। 
 
अमेरिका में हैं दो बड़े स्‍टॉक एक्‍सचेंज
 
-अमेरिका के दो बड़े स्‍टॉक एक्‍सचेंज एस एंड पी 500 और डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज स्‍टॉक एक्‍सचेंज हैं, जिसमें शेयर मार्केट का कारोबार होता है। उसी प्रकार ब्रिटेन में एफटीईएसई 100 स्‍टॉक एक्‍सचेंज के तौर पर काम करता है।
 

बीएसई में 5 हजार से ज्‍यादा कंपनियां शामिल
 

-बॉबे स्‍टॉक एक्‍सचेंज अपने लिस्‍टेड मेंबर्स की वजह से दुनिया के टॉप स्‍टॉक एक्‍सचेंजों में एक है। वहीं बीएसई की लिस्‍ट में तकरीबन 5 हजार से ज्‍यादा कंपनियां शामिल है।

 

टॉप 10 कैपिटलाइजेशन वाले मार्केट्स में भारत
 

-मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में नवंबर, 2014 में भारत दुनिया के टॉप 10 मार्केट में शामिल हो गया था। भारतीय मार्केट कैप्‍टलाइजेशन लगभग 1,60000 करोड़ रुपए था जो स्‍वीटजरलैंड और ऑस्‍ट्रेलिया के मार्केट कैप पर आधारित है।
  


इक्विटी मार्केट में 2 फीसदी करते हैं निवेश 
 
- सिर्फ 2 फीसदी भारतीय परिवार सीधे तौर पर इक्विटी मार्केट में पैसा लगाते हैं। क्‍योंकि अधिकांश भारतीय इस तरह के जोखिम उठाने के खिलाफ होते हैं।
 
एफआईआईएस से भारतीय मार्केट को मजबूती
 
- फॉरेन इंस्‍टीट्यूशनल इन्‍वेर्स्‍टस (एफआईआईएस) से भारतीय स्‍टॉक मार्केट को एक मजबूत प्रेरणा व शक्ति मिलती है। जबकि घरेलू इंस्‍टीट्यूशनल इन्‍वेर्स्‍टस (डीआईआईएस) के जरिए एलआईसी इसका नेतृत्‍व करती है। 
 

एनएसई का डेरिवेटिव मार्केट में दूसरा स्‍थान
 
- नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) डेरिवेटिव मार्केट में कारोबार के लिहाज से दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी स्‍टॉक एक्‍सचेंज है।
 

एफ एंड ओ वैल्‍यू में 8 फीसदी उछाल
 
- स्‍टॉक मार्केट का कुल एफ एंड ओ वैल्‍यू 30 अप्रैल, 2015 तक 6.27 लाख करोड़ रुपए था। इसमें करीब 8 फीसदी का उछाल देखने को मिला और यह 26 फरवरी 2015 तक रिकॉर्ड 5.81 लाख करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया। 
 
2014 में इक्विटी सेगमेंट हुई हुई थी रिकॉर्ड ट्रेडिंग
 
- शेयर मार्केट के इक्विटी सिग्‍मेंट में रिकॉर्ड ट्रेडस किए गए जो कि 16-05-2014 को 1.18 करोड़ रुपए के करीब था।
 

Next News

जानिए, क्‍या होती है थोक महंगाई दर, क्‍या है इसको मापने का पैमाना

वस्‍तुओं की डिमांड और सप्‍लाई में अंतर की वजह से बढ़ जाती है महंगाई दरें।

ये हैं सिक्कों की पहचान से जुड़े राज, जिन्हें शायद नहीं जानते होंगे आप

भारत में सिक्‍कों को ढालने का काम सरकार के अधीन है, लेकिन इसे मार्केट में उतारने की जिम्‍मेदारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास है।

Array ( )