UPSC 2017 : छत्तीसगढ़ से चार मेधावियों को मिली कामयाबी, किसान की बेटी भी शामिल

छत्तीसगढ़ के पांचों मेधावियों की कहानियां काफी अलग हैं। देवेश आईआईटी खड़गपुर से पासआउट हैं वहीं किसान की बेटी अंकिता ने रोजाना 12 घंटे की पढ़ाई के बाद ये मुकाम हासिल किया है।

रायपुर। यूपीएससी 2017 के जारी हुए रिजल्ट में इस बार छत्तीसगढ़ से 4 मेधावियों ने कामयाबी पाई है। इनमें राजधानी रायपुर के देवेश ध्रुव, सूरजपुर के उमेश गुप्ता, भिलाई की बेटी अंकिता शर्मा और बिलासपुर के वर्णित नेगी शामिल हैं।

राजधानी के देवेश को पांचवीं बार में 47वीं रैंक 
रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित आम्रपाली सोसायटी में रहने वाले देवेश कुमार ध्रुव को यूपीएससी में 47वां रैंक मिली है। देवेश आईआईटी खड़गपुर से 2012 के पासआउट हैं। देवेश ने बताया कि उन्हें पांचवें अटैम्प्ट में ये सफलता मिली है। शुरुआत में दो बार उन्होंने कुछ विषयों के लिए कोचिंग ली। इसके बाद तीन बार सेल्फ स्टडी की और एग्जाम की तैयारी की। इस दौरान उन्हें फैमिली का पूरा सपोर्ट मिला। देवेश का कहना है उन्हें आईएएस मिलने की संभावना है। देवेश के पिता तोरलाल ध्रुव और माता पद्‌मावती ध्रुव हैं। उनकी दो बहनें लीना और अंजलि ध्रुव डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहीं हैं।

कलेक्टर ने कहा था, यूपीएससी क्रैक करो...
यूपीएससी क्रैक करने वाले उमेश कुमार गुप्ता को जो रैंक मिली है उससे वे आईपीएस बन सकते हैं। लेकिप उनकी पसंद आईआरएस है। सरगुजा के छोटे से गांव मानपुर के रहने वाले उमेश को यूपीएससी में 179 वीं रैंक मिली है। उनका कहना है कि कोई भी परीक्षा हो, सफलता नहीं बल्कि खुद का परिश्रम ही इकलौता रास्ता है। प्रारंभिक पढ़ाई मानपुर में करने के बाद उमेश ने बारहवीं अंबिकापुर से पास की। तब तत्कालीन कलेक्टर सरगुजा रोहित यादव से मुलाकात हुई। उन्होंने ही यूपीएससी की राह सुझाई। उनके पिता रामसेवक गुप्ता एसईसीएल में पंप ऑपरेटर हैं, मां गृहिणी हैं। उमेश ने 2017 में जून में प्रीलिम्स दिया था। अक्टूबर में मेन्स उमेश ने आईआईटी बीएचयू से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की और कोल इंडिया में कैंपस सलेक्शन भी हुआ। इसके बाद यूपीएससी में ऑल इंडिया इंजीनियरिंग सर्विस की परीक्षा दी और रेलवे में सलेक्शन हो गया और इसी 13 अप्रैल को इंटरव्यू दिया।

कृषक पिता की बेटी अंकिता को 203 वीं रैंक

दुर्ग के विद्युत नगर में रहकर अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल से ग्रहण करने वाली 27 वर्षीय अंकिता शर्मा शुक्ला का सलेक्शन यूपीएससी में हुआ है। उनकी 203वीं रैंक है। अंकिता के पिता राकेश शर्मा मूल रूप से किसान हैं। अंकिता पिछले करीब 1 साल से दिल्ली में रहकर यूपीएससी में सलेक्शन के लिए पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार को परिणाम की घोषणा के बाद उनके पिता ने दैनिक भास्कर को इसकी जानकारी दी। अंकिता के पति विवेकानंद शुक्ला आर्मी में कैप्टन हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जम्मू के अखनूर में हैं। विवेकानंद शुक्ला का परिवार सेक्टर-7 भिलाई में रहता है। अंकिता के पिता राकेश शर्मा ने बताया कि अंकिता शुरू से ही पढ़ने में तेज थी। दुर्ग में रहकर 12 वीं तक पढ़ाई करने के बाद उसने शंकराचार्य कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई की। उसके बाद से उसने केवल एक लक्ष्य बनाकर यूपीएससी की तैयारी की। रोजाना 8 से 12 घंटे तक केवल वह पढ़ती थी। शादी के बाद भी उसका लक्ष्य को लेकर यह जुनून बरकरार रहा। अंकिता की छोटी बहन निकिता सीए की तैयारी कर रही, वहीं उससे छोटी बहन युक्ति इस वर्ष बीकॉम फाइनल में है। राकेश शर्मा पिछले कुछ समय से राजनीति से जुड़े हुए हैं ।
 

पॉवरग्रिड में काम करते एग्जाम की तैयारी की
वर्णित नेगी ने 504 रैंक हासिल की है। वर्णित ने यह रैंक दूसरे अटेंप्ट में हासिल की है। नेहरू नगर के वर्णित ने कर्नाटक सूरत से बीटेक किया। वहीं से उनका प्लेसमेंट पावरग्रिड कंपनी में हो गया। डेढ़ साल नौकरी करने के बाद वर्णित ने यूपीएससी की तैयारी करनी शुरू की। वर्णित 2016 में नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पहले अटेंप्ट में इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पाए थे। वर्णित के पिता प्राचार्य बीएन नेगी और माता तखतपुर कॉलेज में असि. प्रोफेसर डॉ. सीमा नेगी हैं। वर्णित के भाई अंकित नेगी दिल्ली में डॉक्टर हैं।

28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2017 के बीच यूपीएससी ने सिविल सर्विस का फाइनल एग्जाम करवाया था। परीक्षा में कुल 990 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इनमें 750 पुरुष और 240 महिलाएं थीं। इस परीक्षा के जरिए भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय विदेश सेवा और अन्य केंद्रीय सेवाओं ग्रुप ए और ग्रुप बी के लिए चयन किया जाता है। वहीं फरवरी 2018 में उम्मीदवारों का पर्सनालिटी टेस्ट हुआ था।

 

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