UPSC 2017: फर्स्ट अटैम्प्ट में ही पूरा हुआ उत्तराखंड की अपूर्वा का IAS बनने का सपना

उत्तराखंड से टॉप 50 में अपूर्वा पांडेय इकलौती कैंडिडेट हैं। वहीं दो अन्य कैंडिडेट्स भी रैंक हासिल करने में सफल रहे।

हल्द्वानी।  अपूर्वा पांडे ‘मन्नू’ ने फर्स्ट अटैम्प्ट में यूपीएससी एग्जाम में 39th रैंक हासिल की है। अपूर्वा के साथ दो और कैंडिडेट्स ने भी परचम लहराया। बचपन से ही आईएएस बनने का ख्वाब देखने वाली अपूर्वा ने बीटेक के बाद घर पर ही रहकर आईएएस की तैयारी की। इसके लिए उन्होंने बिल्कुल नए विषय पॉलीटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन को चुना और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। 

एकेडमिक है पूरी फैमिली 

अपूर्वा की मां मीना पांडे नैनीताल में कैमिस्ट्री टीचर हैं और पिता किशन चंद्र पांडे कोटाबाग पॉलिटेक्निक में प्रोफेसर हैं। अपूर्वा ने जीबी पंत एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पंतनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। अपूर्वा के चाचा डॉ. विमल पांडे, चाची सीमा पांडे नैनीताल में डीएसबी परिसर में भौतिकी के प्राध्यापक हैं। 

डिसिप्लिन और हार्ड वर्किंग है जरूरी

अपूर्वा का कहना है कि डिसिप्लिन और कंटीन्यूटी से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इस एग्जाम के लिए पांच से छह घंटे पढ़ाई की। एग्जाम से तीन महीने पहले से उन्होंने 12 घंटे हर रोज स्टडी की।

एजुकेशन और जेंडर इक्वेलिटी होगी प्रायोरिटी

आईएएस बनने के बाद अपूर्व का इरादा देश की एजुकेशन सिस्टम, जेंडर इक्वेलिटी में सुधार के लिए कार्य करने का है। यातायात व्यवस्था में सुधार करना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी।

मुकुल और मोनिका ने भी छुआ शिखर

अपूर्वा के अलावा रुद्रप्रयाग फाटा के मुकुल जमलोकी ने 505th रैंक और देहरादून की डॉ. मोनिका राणा ने 577th रैंक हासिल की है। मुकुल ने पिछले एग्जाम में 609th रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका सिलेक्शन भारतीय सूचना सेवा के लिए हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी से फाउंडेशन कोर्स के बाद वह दिल्ली में ट्रेनिंग ले रहे हैं।

एमबीबीएस कर चुकीं हैं मोनिका

नाडा, लाखामंडल की मोनिका ने अपने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल कर ली। मोनिका ने मद्रास मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। इसके तुरंत बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। 2015-16 में उन्होंने दून में रहकर तैयारी की। 2016-17 में वह तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं। वहीं से उन्होंने सिविल सर्विस एग्जाम दिया जिसमें उन्होंने सफलता हासिल की है।

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