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स्कूल की अनोखी पहल- छुट्टियों में पैंरेट्स को दिया होमवर्क

बच्चों के साथ खाना खाएं, उन्हें मोबाइल की बजाय दादा-दादी के पास समय बिताने कहें, गैजेट्स से बढ़ी दूरियां, पैरेंट्स से बात तक नहीं करते बच्चे

एजुकेशन डेस्क, राजस्थान। राजस्थान में झुंझुनूं के एक स्कूल की ओर से इस बार गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को नहीं, बल्कि उनके पैरेंट्स को अनूठा होमवर्क दिया गया है। पैरेंट्स को कहा गया है कि वे इन छुट्टियों में अपने बच्चों को अधिक से अधिक समय दें। उन्हें मोबाइल से दूर करें तथा दादा-दादी के साथ ज्यादा समय बिताने के लिए प्रेरित करें। उन्हें श्रम का महत्व समझाएं, घर में साफ-सफाई में उनकी मदद लें, कुछ निश्चित कामों के लिए उनकी जिम्मेदारी तय कर दें। झुंझुनूं के टैगोर स्कूल ने यह पहल की है। 

बच्चों और पैंरेट्स की दूरियां होंगी कम

- स्कूल के संचालकों ने पहले ही तय कर लिया था कि वे इस बार कुछ अलग करेंगे। इसी के तहत स्कूल की ओर से 13 बिन्दुओं पर आधारित एक पत्र तैयार किया गया, जिसे पिछले दिनों समर वैकेशन से दो दिन पहले बच्चों को यह कह कर दिया गया कि वे इसे पैरेंट्स को आवश्यक रूप से दें। यह पत्र उन्हें मिल गया, इसकी फोन पर इत्तला दिलाएं। 
- स्कूल की एकेडमिक डायरेक्टर पलक अहलावत बताती हैं कि बच्चों और पैरेंट्स दूरियां आ रही हैं। बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल, इंटरनेट पर खर्च कर रहे हैं।
- माता-पिता के साथ ही दादा-दादी के पास ज्यादा नहीं बैठते। ऐसे में कई तरह की विषमताएं पैदा हो रही हैं। गैजेट्स ने दूरियां बढ़ा दी हैं। बच्चे अपनी बात पैरेंट्स से शेयर तक नहीं करते।
- हमारे यहां करीब 750 बच्चे हैं, हमने एक पत्र तैयार करवाया और उनके साथ भेजा। पत्र पढ़ कर अनेक पैरेंट्स ने इस पहल की सराहना की। 

पत्र में लिखा- बच्चों को श्रम का महत्व समझाएं 

- बच्चों के साथ लंच, डिनर करें। इन्हें खेती करने वालों और उनके काम के बारे में सिखाएं। खाना बर्बाद न करने की सीख दें। 
- भोजन के बाद अपनी प्लेट स्वयं धोने के लिए कहें। इससे वे श्रम का महत्व समझेंगे। 
- सुबह और रात में अपना बिस्तर स्वयं बनाकर आपकी मदद करने के लिए कहें। 
- दादा-दादी से मुलाकात करें। बच्चों को उनके साथ समय व्यतीत करने के लिए प्रेरित करें। बच्चे के लिए उनका प्यार और भावनात्मक समर्थन महत्वपूर्ण है। उनके साथ तस्वीरें खिंचवाएं। 
- बच्चों को कभी-कभार अपने कार्यस्थल पर ले जाएं। बच्चे को यह समझने दें कि परिवार चलाने के लिए आपको कितनी कड़ी मेहनत करनी होती है। 
- बच्चे को अपने घर का उद्यान लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। पेड़-पौधों का महत्व और उनके विकास का ज्ञान उनके विकास की प्रक्रिया एवं उनके जीवन का अंग है। 
- अपने बचपन की कहानियां, अपने संघर्ष और अपने परिवार के बारे में बताएं। 
- बच्चों को कई बार घर के बाहर खेलने दें, उन्हें चोटिल और गंदा होने दें। उनके लिए गिरना और थोड़ी देर दर्द का अनुभव होना ठीक है। 
- कम से कम एक लोक गीत अवश्य सिखाएं। चाहे वह किसी भी भाषा का हो। 

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