कामयाबी देगी सही फैसला लेने की कला

किसी भी एक विकल्प को चुनने में जब असमंजस आपके लिए परेशानी खड़ी करता है तब आपकी निर्णय लेने की क्षमता अहम हो जाती है। आप चाहें तो अपनी इस क्षमता को विकसित कर अच्छे विकल्पों का चुनाव अपने लिए कर सकते हैं।

करियर डेस्क । कई रिसर्च में अच्छे लीडर्स की अलग- अलग खूबियों के बीच उनकी डिसिजन मेकिंग पावर यानी फैसला लेने की काबिलियत एक महत्वपूर्ण स्किल के रूप में सामने आई है। इसके इस्तेमाल से उन्होंने न केवल कई अहम फैसले लिए हैं बल्कि अपने करियर को भी ऊंचाई दी है। असल में यह स्किल हर दौर के प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी रही है। करियर और बिजनेस दोनों में ही कई बार ऐसी स्थिति आती है जब आपके सामने कई विकल्पों में से किसी एक को चुनने की चुनौती होती है। किसी भी एक विकल्प को चुनने में जब असमंजस आपके लिए परेशानी खड़ी करता है तब आपकी निर्णय लेने की क्षमता अहम हो जाती है। आप चाहें तो अपनी इस क्षमता को विकसित कर अच्छे विकल्पों का चुनाव अपने लिए कर सकते हैं। ये टिप्स इसमें आपकी मदद करेंगे।


सबसे पहले जानिए, परेशानी क्या है 

किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले जरूरी है कि परेशानी को समझा जाए। इसके लिए आप उस स्थिति से बाहर निकलकर सोचिए। तब आप बेहतर ढंग से सोच पाएंगे। जितना ज्यादा आप ‘क्यों’ पर मंथन करेंगे उतने ही फैसले के नजदीक पहुंचेंगे। 


वैकल्पिक समाधान के बारे में सोचें 

समस्या जानने के बाद आप उसके जितने समाधान सोच सकते हैं उन पर विचार कर लें। बिना किसी जजमेंट के सभी की लिस्टिंग कर लें। सोच-विचार के बाद सभी विकल्पों पर तीन से चार लोगों से बात करें। उनकी राय जानकर अपनी प्राथमिकता तय करें।


समाधान का कीजिए सही विश्लेषण 

अब जितने भी संभावित समाधान सामने आए हैं उन पर थोड़ा और काम करना होगा। साथ आने वाले जोखिम के बारे में भी सोचें। यह भी देखें कि इस समाधान का आने वाले एक साल में क्या असर होगा और इस पर आपकी कितनी मेहनत और समय लगेगा।

 

निर्णय लेने का समय 

सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद आप फैसला ले सकते हैं। लेकिन कुछ दिनों का समय हमेशा लेकर चलें। हो सकता है कि कुछ ही दिनों में आपको अपना निर्णय कमजोर नजर आए। अगर फैसला गलत भी हो तो भी सुधार के लिए वक्त हाथ में होना चाहिए।

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