ग्रह, नक्षत्रों का विज्ञान समझकर अपने करियर को दें नई उड़ान

ज्‍योतिष कोर्स को लेकर युवाओं के बढ़ते रुझान को देखते हुए यह एक बेहतरीन करियर विकल्‍प बन गया है। पिछले कुछ सालों में इस फील्‍ड में काफी स्‍कोप बढ़ा है।

करियर डेस्क । हमारा देश आस्था का देश हैं यहां तिथी देखकर ही शुभ काम किए जाते हैं। हमारे यहां हस्तरेखा व ज्योतिष विज्ञान का भी अपना विशेष महत्व है। इसी का नतीजा है कि युवाओं में ज्‍योतिष की पढ़ाई को लेकर क्रेज दमखने को मितल रहा है। बाजार में ज्‍योतिषियों की बढ़ती मांग को देखते हुए युवाओं को इसमें भविष्‍य संवारने का सुनहरा मौका दिया है। ज्‍योतिष कोर्स को लेकर युवाओं के बढ़ते रुझान को देखते हुए यह एक बेहतरीन करियर विकल्‍प बन गया है। पिछले कुछ सालों में इस फील्‍ड में काफी स्‍कोप बढ़ा है। यही नहीं ज्‍योतिष के साथ पूजा-पाठ में करियर का व्‍यापक प्रचार-प्रसार हो रहा है। जहां लोग अपना भविष्‍य जानना चाहते हैं, वहीं ग्रह-नक्षत्र को शांत करने के लिए धार्मिक अनुष्‍ठान कराते हैं। कुंडली मिलान से लेकर, मांगलिक कार्य, शादी ब्‍याह, पंचाग, राशिफल, अंकविज्ञान, कर्मकांड आदि भी इसी दायरे में आते हैं।

12वीं के बाद भी

ज्‍योतिष, पूजा-पाठ के कई तरह के कोर्स उपलब्‍ध है। 12 वीं करने के बाद भी आप इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। स्‍नातक ऑनर्स या शास्‍त्री की डिग्री तीन साल की होती है। दो साल का पीजी कोर्स या आचार्य की डिग्री हासिल की जा सकती है। आप पीएचडी भी कर सकते हैं। ज्‍योतिष अलंकार कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है। इसके बाद आप ज्‍योतिषाचार्य का कोर्स कर सकते हैं। ज्योतिष और अध्यात्म के साथ-साथ पूजा-पाठ में करियर का व्यापक प्रचार-प्रसार हो रहा है। जहां लोग अपना भविष्य जानना चाहते हैं, वहीं ग्रह-नक्षत्र को शांत करने के लिए भी धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं। कई संस्थानों में ज्योतिष प्रज्ञ में सर्टिफिकेट कोर्स तो ज्योतिष भूषण में डिप्लोमा कोर्स भी आयोजित कर रहे हैं।

संभावनाएं
ज्योतिष में करियर बनाने के इच्छुक लोगों को रत्न, पत्थर, ग्रह-नक्षत्र के साथ भारतीय लोगों के दृष्टिकोण को पहचानने की क्षमता होनी चाहिए। इस क्षेत्र में कभी भी मंदी नहीं आती क्योंकि अधिकतर भारतीय पारंपरिक हैं और ज्योतिष पर विश्वास करते हैं। कोई भी व्यक्ति अखबार, न्यूज चैनलों के अलावा पत्रिकाओं में भविष्यवक्ता भी बन सकता है।

स्किल्‍स
इस फील्ड में आप तभी सफल हो सकते हैं जब आप में लगातार कुछ न कुछ सीखने के गुण हों। आपका व्यक्तित्व आकषर्क हो, आप लोगों के साथ दोस्ताना रवैया रख सकें। केवल पैसा कमाना ही आपका मकसद न होकर दूसरों की सहायता करना भी होना चाहिए। ईमानदारी इस पेशे में काफी अहमियत रखती है। साथ ही, जिम्मेदारी की भावना भी आप में कूट-कूट कर भरी होनी चाहिए। लोगों को अपनी बातों से कंविंस करना इस फील्ड की मुख्य चुनौती है। आप अपनी बात हर समय तर्कयुक्त ढंग से रखें जिससे सामने वाला आपकी बातों पर हामी भरे। ज्योतिष सीखना और भविष्यवाणी करना आसान काम नहीं है। इसके लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है। नकारात्मक बातों की भविष्यवाणी करने से पहले आपको इस बात का ख्याल रखना होता है कि ग्राहक कहीं बेहद निराश में न डूब जाए।

कोर्सेज
बीएससी इन एस्ट्रोलॉजी, एमएससी इन एस्ट्रोलॉजी, सर्टिफिकेट कोर्स इन एस्ट्रोलॉजी, डिप्लोमा कोर्स इन भारतीय ज्योतिष, बीएम/एमए/पीएचडी इन एस्ट्रोलॉजी, एमए इन संस्कृत रिसर्च इन एस्ट्रोलॉजी, कोर्स इन वेदांग ज्योतिष, टू ईयर ग्रेडेट कोर्स इन वैदिक एस्ट्रोलॉजी, एम इन एस्ट्रोलॉजी (पत्राचार), बीए (संस्कृत), ज्योतिष एमए (आचार्य), ज्योतिष बीए (संस्कृत), ज्योतिष फलित, ज्योतिष बीए (ज्योतिष), एमए (फलित ज्योतिष), एमए (सिध्दांत ज्योतिष), बीए शास्त्री (सिध्दांत ज्योतिष), बीए (फलित ज्योतिष), ज्योतिष डिप्लोमा कोर्स, ज्योतिष डिप्लोमा पुरोहित सर्टिफिकेट ट्रेनिंग कोर्स इन पुरोहित, पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र रिफ्रेशर कोर्स इन ज्योतिष (ज्योतिष प्रज्ञ और ज्योतिष भूषण), ज्योतिष प्रवीण बेसिक एस्ट्रोलॉजी कोर्स (एक साल)।

कहा से करें

अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ नई दिल्ली व मेवाड़ विश्वविद्यालय जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में ज्योतिष विद्या में यूजीसी से मान्यता प्राप्त पीएचडी की पढ़ाई प्रारंभ की गई है। पीएचडी में नामांकन के लिए अभ्यर्थी का किसी भी विषय में 55 प्रतिशत अंक के साथ स्नातकोत्तर पास होना जरूरी है। अधिक जानकारी अभ्यर्थी संस्थान के फोन नंबर 011-40541040 पर बात कर सकते हैं। 

इसके अलावा भारतीय वैदिक विज्ञान संस्थान जयपुर से भी ज्योतिष की पढ़ाई की जा सकती है। यहां भारतीय गणित ज्योतिष, भारतीय फलित ज्योतिष, पंचांग व मुहूर्त शास्त्र एवं अष्टक वर्ग व गोचर विज्ञान में एक से तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की व्यवस्था है। अधिक जानकारी के लिए 0141-2393111, 2393222 पर संपर्क किया जा सकता है। 

इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ एस्ट्रोलॉजी, कांदीवली, मुम्बई में दो वर्षीय ज्योतिष भास्कर व तीन वर्षीय ज्योतिष शिरोमणि की पढ़ाई होती है। विशेष जानकारी के लिए संस्थान के दूरभाष संख्या 022-28015114 से संपर्क किया जा सकता है। 

सौभाग्य दीप, नई दिल्ली से ज्योतिष पारंगत, ज्योतिष महर्षि, ज्योतिष चिकित्सा भूषण और ज्योतिष समाधान शिरोमणि में दो मासिक पाठ्यक्रम भी किया जा सकता है। यहां प्रत्येक पाठ्यक्रम का शुल्क 1500 रूपये है। अधिक जानकारी के लिए 011-298440051, 09350577777 पर संपर्क किया जा सकता है।

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