स्टूडेंट्स के लिए वर्चुअल साइंस पोर्टल तैयार, कर सकेंगे साइंटिस्ट से चर्चा

छात्र-छात्राओं को अपने विचार साझा करने का अवसर मिलेगा।

एजुकेशन डेस्क, ग्वालियर। हाल ही में राष्ट्रीय विज्ञान और संचार प्रौद्योगिकी परिषद, विज्ञान भारती और सीएसआईआर ने मिलकर वर्चुअल साइंस पोर्टल तैयार किया है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं अब साइंटिफिक आइडिया को डीआरडीओ, इसरो और सीएसआईआर के साइंटिस्ट से साझा कर सकेंगे। 

 

इसका फायदे यह है। 

- वैज्ञानिक सोच और विचारों को बढ़ावा मिलेगा। 
- टीचर्स का मानना है कि यदि छात्र-छात्राएं इस साइंस पोर्टल पर अपना समय व्यतीत करते हैं, तो वे फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे विषयों पर अपनी अच्छी पकड़ बना पाएंगे। 
- साथ ही आइडिया जनरेट होगा, जिस पर वे अपने विचारों को खुलकर लिख सकते हैं।
- राइटिंग स्किल्स बढ़ेगी और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसका फायदा होगा। 
- उन्हें किताब और क्लासरूम से हटकर पढ़ाई का नया तरीका मिलेगा। 

साइंस पर लिख सकते हैं अपना ब्लॉग
- इस पोर्टल के जरिए वे साइंस के किसी भी विषय पर विचार और आर्टिकल लिख सकते हैं। इन ब्लॉग की सीनियर साइंटिस्ट की ओर से समीक्षा की जाएगी। 
- सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन स्कूलों में वर्चुअल साइंस पोर्टल की सुविधा शुरू करने जा रहा है 

ऐसे जुड़ेंगे साइंस पोर्टल से 
- यह वर्चुअल पोर्टल है, जिस पर स्टूडेंट्स ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को अपना एक विशिष्ट स्कूल पंजीकरण कोड देना होगा।
- यह कोड स्कूल के नोटिस बोर्ड पर लिख दिया जाएगा। इसके बाद छात्र-छात्राएं इस कोड के जरिए वर्चुअल साइंस पोर्टल की सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। 
- इसमें बच्चों का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसकी जानकारी सीबीएसई ने वेबसाइट पर एक सर्कुलर के माध्यम से दी है।
- स्कूलों को वर्चुअल साइंस पोर्टल के इस कोड को सभी छात्र-छात्राओं से साझा करना होगा। 

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