UPSC: डेढ़ साल बच्चे से दूर रहकर की तैयारी, ऐसी है टॉपर अनु की कहानी

दूसरों से उम्मीद करने से पहले खुद को बनाना होगा उदाहरण। मुश्किल तब तक जब तक उसे हासिल करने के लिए ईमानदारी से कोशिश नहीं की जाए - अनु कुमारी

सोनीपत। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन 2017 के एग्जाम में सोनीपत की अनु कुमारी ने देशभर में स्टेट का नाम रोशन कर दिया है। शुक्रवार को घोषित रिजल्ट में सोनीपत की अनु सैकेंड टॉपर बनीं। पानीपत के दिवाना गांव निवासी बलजीत सिंह की बेटी अनु की इस कामयाबी से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। कॉलोनी में रहने वालों से लेकर रिश्तेदार तक बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं। जयपुर गोल्डन अस्पताल दिल्ली से रिटायर्ड पिता बलजीत सिंह, मां संतरा, बेटे विनित और नितिन सभी अनु की कामयाबी पर बहुत खुश हैं। 

बेटों से बढ़कर है बेटी

बलजीत सिंह ने कहा कि मेरी बेटी बेटों से भी बढ़कर है। वैसे भी मैंने कभी अपने बच्चों में कोई भेद नहीं किया। सही राह दिखाई और फिर उन पर विश्वास किया। परिणाम सामने हैं। कभी किसी ने निराश नहीं किया। बेटी ने साबित किया कि बेटियां किसी से पीछे नहीं हैं। हर मां बाप को चाहिए कि वे बेटियों को भी आगे बढ़ने का भरपूर मौका दें। 

अौर भी हैं अचीवमेंट्स

अनु कुमारी दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज की फिजिक्स ऑनर्स की स्टूडेंट रही हैं। यही नहीं अनु ने आईएमटी नागपुर से एमबीए भी किया है और पिछले 9 सालों से प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रही थीं। 
 

अनु से जानिए उनकी सक्सेस स्टोरी

Q. सवाल कब लगा की आपको आईएएस की तैयारी करनी चाहिए 
जवाब : चाहती तो बचपन से ही थी, लेकिन गुड़गांव में कुछ साल जॉब करने के बाद यूं लगने लगा कि कुछ नया नहीं हो रहा है। जब तक जॉब होगी तब तक कुछ कर भी नहीं सकूंगी, इसलिए जॉब छोड़ दी। फिर सिर्फ डेढ़ महीने की तैयारी के आधार पर प्री एग्जाम दिया, लेकिन सिर्फ एक नंबर से चूक गई। 

Q. ऐसे में कैसे खुद को तैयार किया। 
जवाब :
खुद को मानसिक तौर पर तैयार किया। जब डेढ़ महीने में इतने करीब आ सकते हैं तो और मेहनत कर कामयाबी हासिल भी की जा सकती है। 

Q. सबसे बड़ी अड़चन क्या थी सामने, उसे कैसे दूर किया। 
जवाब :
अड़चन कुछ नहीं, बस पूरा ध्यान इसी पर लगाना चाहती थी, इसलिए बच्चे को अपनी मां के पास छोड़ा और खुद अपनी मौसी नीलम के घर रहकर पढ़ाई की। जहां पति से लेकर अपने घरवालों का पूरा सहयोग मिला। 

Q. छोटे से बच्चे को छोड़कर यूं पढ़ना कितना मुश्किल था। 
जवाब :
बहुत मुश्किल था, लेकिन परिजन ने पूरा सपोर्ट किया, मेरा भी निरंतर हौसला बढ़ाया। मेरे अंदर की मां जागती तो तकलीफ तो होती थी, लेकिन चूंकि लक्ष्य बनाया हुआ था तो उससे पीछे नहीं हट सकती थी। 

Q. तैयारी किस तरह से की। 
जवाब :
काफी हद तक सेल्फ स्टडी की। कोचिंग सेंटर्स के भरोसे नहीं रही। डीयू से बीएससी की हुई थी, काफी सब्जेक्ट की नॉलेज थी। इसके बाद ऑनलाइन स्टडी की। स्पेशल टॉपिक बनाकर उस पर अभ्यास किया। पढ़ाई को भी स्टेप बाय स्टेप किया। इसलिए मुश्किल नहीं हुई। 

Q. क्या भरोसा था देशभर में दूसरा रैंक हासिल होगा। 
जवाब :
कामयाबी का तो पूरा भरोसा था, लेकिन रैंक के बारे में नहीं सोचा था। अच्छा लग रहा है कि सैकेंड रैंक हासिल किया है। 

Q. अब क्लियर कर लिया है तो क्या चल रहा है दिमाग में। 
जवाब :
यही कि अच्छे से ट्रेनिंग कर जो काम मिलेगा उसे पूरी ईमानदारी के साथ करना है। 

Q. हरियाणा को लेकर आपकी क्या सोच है। 
जवाब :
हरियाणा एक उभरता हुआ राज्य है, लेकिन बड़ी परेशानी लड़कियों के लिए बढ़ता हुआ क्राइम है, जोकि एक खुशहाल प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। 

Q. ऐसी स्थिति में ऐसा क्या हो जिससे हालत में सुधार हो। 
जवाब :
सबसे जरूरी है कि दूसरों से उम्मीद करने से पहले खुद को एक एग्जाम्पल की तरह सेट करना होगा। हाल में मानुषी छिल्लर एवं खेलों में लड़कियों ने पहले ऐसा किया है और भविष्य में भी और लड़कियां ऐसा कर सकती हैं। इसलिए पेरेंट्स को अपने बच्चों पर भरोसा भी दिखाना होगा

Q. अपनी कामयाबी का श्रेय किसे देना चाहेंगी। 
जवाब :
अपने परिजनों को, जिन्होंने हमेशा मेरे फैसले में अपना साथ दिया, कभी हौसला कम नहीं होने दिया, आगे बढ़कर हर परेशानी को दूर करने में मेरी मदद की। 

Q. जो युवा इस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं उनके लिए क्या मैसेज देंगी। 
जवाब : बस यही कि जीवन में एक लक्ष्य जरूर होना चाहिए, कुछ ऐसा कि जिससे खुद के साथ अपने समाज के लिए भी कुछ कर सकें। कोई भी लक्ष्य तब तक मुश्किल है जब तक उसे ईमानदारी से हासिल करने की कोशिश नहीं हो। लक्ष्य को लेकर कोशिश निरंतर करो, असफलता को भी सफलता पाने का एक स्टेप समझो। खुद पर भरोसा हमेशा रखना चाहिए। 

Next News

UPSC 2017 : छत्तीसगढ़ से चार मेधावियों को मिली कामयाबी, किसान की बेटी भी शामिल

छत्तीसगढ़ के पांचों मेधावियों की कहानियां काफी अलग हैं। देवेश आईआईटी खड़गपुर से पासआउट हैं वहीं किसान की बेटी अंकिता ने रोजाना 12 घंटे की पढ़ाई के बाद

UPSC सक्सेस स्टोरी: अनुदीप से पहले 3 साल टॉप पर थीं गर्ल्स

ईरा सिंघल, टीना डाबी और नंदिनी केआर पिछले तीन साल में डिक्लेयर किए गए यूपीएससी रिजल्ट में टॉप पर रहीं। इस बार डुरीशेट्टी अनुदीप ने टॉप किया है।

Array ( )