पुख्ता तैयारी और सही टाइम मैनेजमेंट से होगा NEET क्रैक

एमबीबीएस व बीडीएस कॉलेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम नीट का आयोजन किया जाता है। इस साल 6 मई को यह परीक्षा देशभर के करीब 2,300 परीक्षा केन्द्रों पर होगी जिसमें 12 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स के बैठने का अनुमान है।

एजूकेशन डेस्क । एमबीबीएस व बीडीएस कॉलेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम नीट का आयोजन किया जाता है। इस साल 6 मई को यह परीक्षा देशभर के करीब 2,300 परीक्षा केन्द्रों पर होगी जिसमें 12 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स के बैठने का अनुमान है। अगर आप भी इस एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो बचे हुए एक महीने की तैयारी आपके प्रदर्शन को बेहतर बना सकती है। ऐसे में कुछ टिप्स आपके काम आएंगे।

स्कोरिंग सब्जेक्ट पर फोकस करें
रीविजन में इस बात का खास ध्यान रखें कि फिजिक्स व केमिस्ट्री की तुलना में बायोलॉजी ज्यादा स्कोरिंग सब्जेक्ट है। इसलिए सुबह का समय बायोलॉजी को दें और बाकी समय का बंटवारा फिजिक्स व केमिस्ट्री के लिए कर लें। पिछले सालों के प्रश्न पत्र देखकर 11वीं के स्कोरिंग टॉपिक्स की एक लिस्ट तैयार करें। 12वीं के साथ 11वीं के इन टॉपिक्स का भी रीविजन करें।

इन सब्जेक्ट्स पर बनाएं पकड़

फिजिक्स में मेकेनिक्स, ऑप्टिक्स, थर्मोडायनेमिक्स और न्यूक्लियर फिजिक्स।

केमिस्ट्री में मोल कॉन्सेप्ट, जनरल ऑर्गेनिक केमिस्ट्री, पीरियोडिक टेबल, केमिकल बॉन्डिंग, कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री।

बायोलॉजी में इकोलॉजी एंड एन्वायरनमेंट,जेनेटिक्स, सेल बायोलॉजी, मॉर्फोलॉजी, रिप्रॉडक्शन एंड फिजियोलॉजी ऑफ प्लांट्स एंड एनिमल्स, बेसिक्स ऑफ बायोटेक्नोलॉज।

प्रैक्टिस से मजबूत करें तैयारी
एग्जाम तक नियमित रूप से प्रैक्टिस करना आपकी तैयारी को मजबूत करेगा। इसी के साथ पेपर के फॉर्मेट का अंदाजा लेने के लिए पिछले सालों के टेस्ट पेपर्स सॉल्व करें और मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी का एनालिसिस करें।

इन पॉइंट्स का भी रखें ध्यान

-फॉर्मूले फिजिक्स का अहम हिस्सा हैं इसलिए बार-बार रीविजन करके इन्हें याद करें।

-सभी चैप्टर के आसान सवाल रिवाइज करें। अहम टॉपिक्स का अच्छी तरह रीविजन करें।

-180 मिनट की परीक्षा में 180 सवाल सॉल्व करने होंगे। सभी सवालों का डिफिकल्टी लेवल अलग होगा इसलिए सही टाइम मैनेजमेंट जरूरी है।

-एनसीईआरटी की बुक्स को अच्छी तरह पढ़ें। इसमें से कई डायरेक्ट क्वेश्चन्स पूछे जाते हैं जो थ्योरी बेस्ड होते हैं या फॉर्मूला की डायरेक्ट एप्लीकेशन पर आधारित होते हैं।

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