पढ़ाई के साथ सॉफ्ट स्किल्स सीखकर बनेंगे जॉब रेडी

अगर आपकी ऑन जॉब एटीट्यूड ट्रेनिंग सही है तो आपको आगे आने से कोई नहीं रोक सकता। इसके लिए आपको पढ़ाई के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स डेवलप करनी होंगी।

करियर डेस्क । आप ग्रेजुएशन कर रहे हैं और जॉब मार्केट में प्रवेश करने के लिए खुद को बेहतर बनाने के की कोशिश भी तो आपके लिए यह जानना जरूरी होगा कि अगर आपकी ऑन जॉब एटीट्यूड ट्रेनिंग सही है तो आपको आगे आने से कोई नहीं रोक सकता। इसके लिए आपको पढ़ाई के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स डेवलप करनी होंगी।

कम्यूनिकेशन स्किल्स 
कॉलेज की पढ़ाई के दौरान होने वाली डिबेट, ग्रुप डिस्कशन में हिस्सा लेकर आप अपनी कम्यूनिकेशन स्किल्स को धार दे सकते हैं। ईमेल, टेलीफोन और फेस-टू-फेस डिस्कशन की प्रैक्टिस आपकी इंग्लिश को मजबूती देगी। इसके अलावा अंग्रेजी में ज्यादा से ज्यादा संवाद भी आपके लिए फायदेमंद होगा। 

मनी मैनेजमेंट 
कॉलेज में ही मनी मैनेजमेंट को गंभीरता से लेना जरूरी है। जॉब इंटरव्यू में देखा जाता है कि आपकी मनी मैनेजमेंट स्किल्स कैसी हैं और बजट को किस तरह इंप्लीमेंट करते हैं। 

इनोवेटिव थिंकिंग 
पढ़ाई के दौरान आने वाली प्रॉब्लम्स का हल खुद ही निकालना होता है। निश्चित ही इस दौरान आप कई इनोवेटिव तरीके खोजते हैं और रिसर्च भी करते हैं। कंपनियां भी आउट आॅफ द बॉक्स सोचने वालों को वरीयता देती हैं। 

आलोचना में रचनात्मकता देखें 
कॉलेज आपको सीखने का प्लेटफॉर्मदेते हैं जहां आपको अपने प्रोजेक्ट‌्स के लिए अपने ट्यूटर्स और साथियों की रचनात्मक आलोचना का भी सामना करना पड़ता है। आप इस आलोचना का इस्तेमाल कितनी क्रिएिटविटी के साथ करते हैं यह महत्वपूर्ण है। एम्प्लॉयर्स भी ऐसे ही एम्प्लॉइज चाहते हैं जो इस तरह की आलोचना को अपने काम में सुधार के लिए इस्तेमाल करें।

फ्लेक्सिबिलिटी 
मुश्किल परिस्थितियों का सामना कॉलेज में भी होता है, अगर आप इनका सामना फलेक्सिबिलिटी के साथ करते हैं तो आगे चलकर आप रिक्रूटर्स की पसंद बन सकते हैं। इंटरव्यू में आपकी फ्लेक्सिबिलिटी को परखने के लिए आपसे पूछा जा सकता है कि किसी पेचीदा परिस्थिित में फंसने पर आप क्या कदम उठाएंगे। इसका प्रभावशाली जवाब तभी दे पाएंगे जब आप फ्लेक्सिबल होंगे।

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