रोजाना लगे स्पोर्ट्स की भी एक क्लास: सचिन की सीबीएसई को चिट्ठी

सीबीएसई ने पहली बार 6 स्टूडेंट्स के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम के लिए तारीखें बदलीं थीं। सचिन ने इस फैसले की तारीफ भी की है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने पहली बार देश के 6 स्टूडेंट्स के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम की तारीखें बदलीं। ये इसलिए किया गया क्योंकि इन स्टूडेंट्स ने अलग-अलग स्पोर्ट्स इवेंट में भारत को रिप्रेजेंट किया था। बोर्ड के इस फैसले की तारीफ क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी की। इसके लिए सचिन ने बकायदा बोर्ड की चेयरपर्सन अनीता करवल को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में सचिन ने कहा है कि प्राइमरी से लेकर हर क्लास में रोजाना कम से कम एक स्पोर्ट्स क्लास को जरूरी किया जाए। 

सचिन ने अपनी चिट्ठी में क्या कहा?

-  प्रिय करवल जी, मैं यह चिट्ठी बोर्ड को बधाई और धन्यवाद देने के लिए लिख रहा हूं। क्योंकि आपने 9वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के लिए स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन, हेल्थ और स्पोर्ट्स को अनिवार्य कर दिया है। मैं लंबे समय से स्कूलों के करिकुलम में स्पोर्ट्स एजुकेशन की वकालत करता आ रहा हूं। 
- कहा जा रहा है कि भारत वर्ष 2020 तक दुनिया का सबसे युवा देश बन कर उभरेगा। लेकिन एक सच यह भी है कि हम मोटापे के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर हैं। यह गंभीर और चिंता का विषय है। एक युवा लेकिन अनफिट और अनहेल्दी इंडिया किसी आपदा की रेसिपी जैसा होगा। इस मुद्दे का हल तभी संभव है, जब हम देश में एक मजबूत स्पोर्टिंग कल्चर डेवलप करें। 
- स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन के लिए रोजाना कम से कम एक क्लास को अनिवार्य करने का सीबीएसई का फैसला इस कल्चर को डेवलप करने की दिशा में बिल्कुल सही कदम है। इस छोटी सी पहल से बड़े सकारात्मक बदलाव संभव हैं। स्पोर्ट्स में बड़ी क्षमता है और यह किसी शख्स के ओवर-ऑल डेवलपमेंट में अहम रोल प्ले करता है। क्योंकि इस पहल के पीछे बोर्ड का मकसद बच्चों में मोटापा कम करना है, आपको प्राइमरी से लेकर हर क्लास में इस फिटनेस प्लान को अनिवार्य करना चाहिए। 
- स्पोर्ट्स सिर्फ फिजिकल हेल्थ ही अच्छा नहीं करता, बल्कि यह हमें मानसिक रूप से भी मजबूत करता है। यह अनुशासन, चरित्र और ध्यान के साथ-साथ बच्चों के पूरे व्यक्तित्व का बेहतर निर्माण करने की क्षमता रखता है। एक फिट और हेल्दी इंडिया के लक्ष्य के साथ, हमें अपने बच्चों को स्पोर्ट्स व अन्य फिजिकल एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। ताकि वे चाहें तो इस क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपने सपने पूरे कर सकें। मुझे पूरा विश्वास है कि फिट और हेल्दी रहकर हमारे बच्चे इस तरह अपना भविष्य बना पाएंगे जो देश के लिए और बेहतर होगा। इसके साथ ही, मैं फिर से आपको आपके फैसले के लिए बधाई देता हूं। शुभकामनाएं। 

इन 6 स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड ने बदली एग्जाम की डेट

1. अमोलिका सिंह : कक्षा 12, अवध स्कूल, लखनऊ। डच ओपन इंटरनेशनल और योनेक्स जर्मन ओपन टूर्नामेंट बैडमिंटन में भारत को रिप्रजेंट किया। 
2. अनीश भानवाला : कक्षा 10, संत टेरेसा कॉन्वेंट, करनाल। ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 25 मीटर कैटेगरी मेन्स रैपिड फायर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता। 
3. सहजप्रीत : कक्षा 10वीं, रेयान इंटरनेशनल स्कूल, पटियाला। वीमेंस रीकर्व टीम की सदस्य के रूप में ढाका में हुए इंटरनेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतीं। 
4. मानव ठक्कर : कक्षा 12, मयूर स्कूल, अजमेर। एशिया कप योकोहामा, रोड टू ब्यूनस एयर्स यूथ ओलिंपिक क्वालिफिकेशंस टेबल टेनिस टूर्नामेंट में भारत को रिप्रजेंट किया। 
5. के वेंकटद्री : कक्षा 10, संत जॉन्स हाई स्कूल, विजयवाड़ा। साउथ एशियन आर्चरी चैंपियनशिप, ढाका में 3 सिल्वर मेडल जीते। 
6. रेखा : कक्षा 10, राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय, दिल्ली। पारा एशियन गेम्स, बैंकॉक में व्हील चेयर बास्केटबॉल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। 
 

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