आरजीपीवी: बीटेक के साथ पढ़ाया जाएगा भारतीय ज्ञान परंपरा का एडिशनल कोर्स

आरजीपीवी ने तैयार की की नई स्कीम में नॉलेज क्रिएशन के लिए एडिशनल कोर्स भी पढ़ाए जाएंगे

एजुकेशन डेस्क, भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) नए सत्र से चार वर्षीय बीटेक कोर्स के लिए नई स्कीम लागू करने जा रहा है। इसके तहत स्टूडेंट्स को एडिशनल कोर्स के तौर पर भारतीय पारंपरिक ज्ञान का सार नामक नया कोर्स पढ़ने को मिलेगा। इसके लिए एआईसीटीई द्वारा तैयार किए गए सिलेबस को एडॉप्ट किया जाएगा। आरजीपीवी ने एआईसीटीई के नए मॉडल के आधार पर नया करिकुलम तैयार किया है। दावा है कि इससे स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल बेस्ड नॉलेज मिल सकेगा। साथ ही स्टूडेंट्स पर का लोड कम होगा। 

 

अच्छा परफॉर्मे करने वाले छात्रों को 4 अंक बोनस

- नई स्कीम में आरजीपीवी ने अलग-अलग सेमेस्टर में नॉलेज क्रिएशन के लिए एडिशनल कोर्स भी पढ़ाए जाएंगे। इनमें भारतीय ज्ञान परंपरा का सार के अलावा एथिक्स इन इंजीनियरिंग व साइबर सिक्यूरिटी को शामिल किया गया है। इनके क्रेडिट नहीं मिलेंगे, लेकिन इनमें पास होना भी जरूरी है।
- वहीं इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट और डिजास्टर मैनेजमेंट को सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किया गया है। इसके क्रेडिट रिजल्ट में जोड़े जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले छात्र यदि अच्छा परफार्मेंस करते हैं तो उसके रिजल्ट में अधिकतम 4 अंक जोड़े जाएंगे। 


ऑनर्स कोर्स ऑनलाइन 
- बीटेक की डिग्री के लिए 160-200 क्रेडिट तय किए हैं। यदि कोई इंस्टीट्यूट बीटेक में ऑनर्स कोर्स कराना चाहता है तो इसमें 20 क्रेडिट का लोड बढ़ेगा। इसके लिए इंस्टीट्यूट को उसकी ब्रांच से जुड़े अन्य सर्टिफिकेट कोर्स ऑनलाइन तरीके से करने होंगे।
- इसके लिए एमएचआरडी द्वारा तैयार कोर्स किए जा सकते हैं। 

आरजीपीवी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाने के लिए क्लिक करें 

 

 

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