वरिष्ठ स्वास्थ्य मंत्रालय का आदेश अब स्कूलों में पढ़ाया जाएगा सेक्स एजुकेशन

वरिष्ठ स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार स्कूलों में हफ्ते में कम से कम एक पीरियड सेक्स एजुकेशन का हो। सेक्स एजुकेशन का मॉड्यूल टीनेजर्स से जुड़े इम्पोर्टेन्ट इश्यूज को कवर करेगा।

एजुकेशन डेस्क। अब यह आधिकारिक हो गया है कि देश के स्कूलों में बच्चों को सेक्स एजुकेशन दी जाएगी। सेक्स एजूकेशन अब देश के स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनने जा रहा है। इस कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत पीएम मोदी आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत' के तहत छत्तीसगढ़ के बीजापुर से करेंगे। यही नहीं इस शुरुआत के साथ देश स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 'रोल प्ले और एक्टिविटी बेस्ड' मॉड्यूल के रूप में लागू किया जाएगा। यह कई चरणों में पूरे देश के स्कूलों में लागू किया जाएगा, वहीं इसके लिए स्पेशलाइज्ड टीचर और एजुकेटर की मदद ली जाएगी। 

टीनेजर्स को मिलेगा बेनिफिट 

इस मॉड्यूल में विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर बच्चों को शिक्षित किया जाएगा। इसमें बच्चों को यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के साथ शारीरिक शोषण, गुड टच बैड टच, पोषण, मेंटल हेल्थ के साथ साथ यौन संचारित रोगों,गैर संचारी रोग, चोट और हिंसा के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। 22 घंटे के इस कार्यक्रम को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त प्रयास से तैयार किया है और सरकार को उम्मीद है कि इससे देश के 26 करोड़ टीनेजर्स को लाभ मिलेगा।

देश के 115 जिलों में होगा शुरू

बता दें कि शनिवार से बीजापुर से सेक्स एजुकेशन को मिल रही हरी झंडी देश के पहले चरण में 115 जिलों में शुरू होगा, इसकी पहचान सरकार ने कर ली है। इस कार्यक्रम के तहत सरकार जिलों में हर समय निगरानी के साथ विकास कार्य करती है। पहले चरण में 9'th से 12'th तक के स्टूडेंट्स पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और बाद में इसमें छोटी क्लासेज के बच्चों को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए हर स्कूल के दो शिक्षकों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।

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