करियर को पैशन के साथ जोड़ना है तो चुनिए ये ऑफबीट कोर्सेज

स्टूडेंट‌्स के लिए पारंपरिक कोर्सेज से हटकर आॅफबीट आॅप्शन्स की ओर रुख करना जरूरी हो गया है। देश के कई संस्थान ऐसे आॅफबीट कोर्स उपलब्ध करवा रहे हैं, जो आपको अच्छी कमाई के साथ-साथ अपने पैशन के मुताबिक पढ़ाई करने का अवसर देते हैं।

एजूकेशन डेस्क । एक स्टूडेंट के तौर पर क्या आप इस असमंजस में हैं कि बारहवीं के बाद क्या पढ़ना है? क्या आपको भी लगता है कि सफल होने के लिए रेग्युलर प्रोफेशनल कोर्स चुनना बेहतर होगा? अगर आपका जवाब हां है तो एस्पायरिंग माइंड्स की कुछ वर्ष पूर्व आई रिपोर्ट के नतीजों पर एक नजर डाल लेनी चाहिए। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर वर्ष 50 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं। इनमें से 75 फीसदी जॉब मार्केट में प्रवेश करते हैं, लेकिन 47 प्रतिशत रोजगार हासिल नहीं कर पाते। ऐसे में स्टूडेंट‌्स के लिए पारंपरिक कोर्सेज से हटकर आॅफबीट आॅप्शन्स की ओर रुख करना जरूरी हो गया है। देश के कई संस्थान ऐसे आॅफबीट कोर्स उपलब्ध करवा रहे हैं, जो आपको अच्छी कमाई के साथ-साथ अपने पैशन के मुताबिक पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। तो कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले एक नजर इन ऑफबीट कोर्सेज पर डालें और जानें कि इनकी पढ़ाई कहां से की जा सकती है और भविष्य में क्या स्कोप है। ये कोर्सेज आपके लिए मजबूत कॅरिअर की राह खोल देंगे।

कार्पेट टेक्नोलॉजी 


इंडियन ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन के मुताबिक भारत का हैंड मेड कार्पेट 73 देशों में एक्सपोर्ट होता है। अप्रैल से जुलाई 2017 के बीच यह बाजार 558.14 मिलियन यूएस डॉलर का रहा। मजबूत होती कार्पेट इंडस्ट्री में युवाओं के लिए कॅरिअर के बहुत अवसर हैं और वे कार्पेट टेक्नोलॉजी पढ़कर इस क्षेत्र में भविष्य बना सकते हैं। 


स्कोप कार्पेट 
टेक्नोलॉजिस्ट के लिए फैशन व टेक्सटाइल इंडस्ट्री के साथ-साथ निजी कंपनियों और सरकारी विभागों में कई संभावनाएं मौजूद हैं। आप क्वालिटी मैनेजर, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजिस्ट, प्रॉडक्ट डेवलपर, प्रोसेस इंजीनियर, डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में कॅरिअर बना सकते हैं। 


इंस्टीट्यूट
आईआईसीटी, भदोही के अलावा डिपार्टमेंट ऑफ टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी से भी यह कोर्स किया जा सकता है। 


गांधीयन स्टडीज


महात्मा गांधी के जीवन, उनकी विचारधारा और उनके सिद्धांतों का अध्ययन गांधीयन स्टडीज के माध्यम सेकिया जा सकता है। अहिंसा और सत्याग्रह के बारे में जानने के अलावा इस कोर्स के जरिए समुदाय के साथ रहने, स्वच्छता, कृषि से जुड़े अनुभव भी आपको मिलते हैं।


स्कोप 


अगर समाज सेवा में आपकी विशेष रुचि है तो यह कोर्स करने के बाद सोशल वर्कर, गांधीयन फिलॉस्फी रिसर्चर, चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर, लेबर वेलफेयर ऑफिसर, काउंसलर, सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में सरकारी व गैरसरकारी संस्थानों के साथ जुड़कर काम कर सकते हैं। 


इंस्टीट्यूट 
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, पंजाब यूनिवर्सिटी, इग्नू से इस विषय में डिग्री, एमफिल व पीएचडी कर सकते हैं। वायसीएमओयू से एक वर्ष का डिप्लोमा भी कर सकते हैं।


एस्ट्रोबायोलॉजी


एस्ट्रोबायोलॉजी जीवन की उत्पत्ति और विकास से जुड़ा विषय है। साइंस की किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स के लिए यह फील्ड खुला है। उदाहरण के लिए केमिस्ट्री के स्टूडेंट्स यहां जीवन की रासायनिक उत्पत्ति को समझ सकते हैं। वहीं माइक्रोबायोलॉजिस्ट एक्सट्रीमोफिलिस का अध्ययन कर सकते हैं। 


स्कोप
एस्ट्रोबायोलॉजी पढ़ने वाले एस्ट्रोनॉमी, जियोलॉजी, स्पेस साइंस रिसर्च, बायोमेडिकल रिसर्च, एन्वायरनमेंटल रिसर्च के क्षेत्र में काम कर सकते हैं। बायोकेमिस्ट और एस्ट्रोनॉमर के तौर पर इसरो व नासा जैसे संस्थानों का हिस्सा भी बन सकते हैं।


इंस्टीट्यूट
इंडियन एस्ट्रोबायोलॉजी रिसर्च सेंटर, आईआईएससी, हैदराबाद स्थित उस्मानिया यूनिवर्सिटी और मुंबई के टीआईएफआर से यह कोर्स कर सकते हैं।  


फोटोनिक्स 
क्वांटम साइंस और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए फोटोनिक्स कॅरिअर के बेहतरीन विकल्प के तौर पर उभरा है। आॅप्टिकल टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स के मेल से बना यह कोर्स लाइट के बेस पार्टिकल्स फोटोन्स और लाइट की विशेषताओं को समझने में मदद करता है


स्कोप 
फोटोनिक्स से बैचलर या मास्टर कोर्स करने वाले स्टूडेंट इंजीनियर, साइंटिस्ट या रिसर्चर के रूप में ईगल फोटोनिक्स, क्वालिटी फोटोनिक्स, ऑप्टिवेब फोटोनिक्स समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर सकते हैं।  


इंस्टीट्यूट
द इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फोटोनिक्स, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास, मनिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आईआईटी दिल्ली, पेरियार ईवीआर कॉलेज में उपलब्ध फोटोनिक्स से जुड़े कोर्स किए जा सकते है।

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