जब घास हरी हो जाएंगी और फूल खिलने लगेंगे तब हम भी ख़ुशी और उत्साह से जीने लगेंगे— नेल्सन मंडेला

18 जुलाई 1918 को साउथ अफ्रीका में जन्मे नेल्सन मंडेला को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। ये सम्मान शांति स्थापना, रंगभेद से लड़ने, मानवाधिकारों की रक्षा और लैंगिक समानता की स्थापना के लिए दिए गए  थे।

एजुकेशन डेस्क । रंगभेद के खिलाफ लड़ने वाले नेल्सन मंडेला के त्याग और संघर्ष की कहानी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। 18 जुलाई 1918 को साउथ अफ्रीका में जन्मे नेल्सन मंडेला को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। ये सम्मान शांति स्थापना, रंगभेद से लड़ने, मानवाधिकारों की रक्षा और लैंगिक समानता की स्थापना के लिए दिए गए  थे। 300 साल के वाइट रुल के बाद साउफ अफ्रीका का पहला अश्वेत राष्ट्रपति बनने पर दी गई स्पीच उनके सबसे चर्चित भाषणों में से एक है। जो केपटाउन में 10 मई 1994 को दी थी।  
 

माननीय महोदय, माननीय उच्च पदाधिकारी, उत्कृष्ट मेहमान, मेरे साथी और दोस्तों,

आज हम सभी यहां इकट्ठा हुए हैं और दुनिया के सभी देशों में ख़ुशी का माहौल है और सभी हमारी इस नई आज़ादी का स्वागत कर रहे हैं।
एक असीमित मानवी तबाही का अनुभव लंबे समय तक करने के बाद अब हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जिस पर पूरी मानवजाति को गर्व हो। दक्षिण अफ़्रीकी के रूप में हमारा दैनिक काम यही है कि हम वास्तविक दक्षिण अफ्रीकन संस्कृति को लोगों के सामने उजागर करें ताकि मानवजाति को न्याय, शक्ति और महानता पर भरोसा हो और वे अपनी आशाओं को भी जीवन में पूरा कर सकें।

इन सबके लिए हम खुद के और दुनिया के लोगों के आभारी हैं जो आज अच्छी खासी तादाद में यहां मौजूद हैं।

मेरे हमवतनों के लिये, मुझे यह कहने में कोई परेशानी नही हो रही की हम में से हर एक व्यक्ति इस खूबसूरत देश की मिट्टी से जुड़ा हुआ है जो Pretoria के Jacaranda Trees की तरह प्रसिद्ध है और Bushveld के Mimosa Trees की तरह विशाल है।

जब कभी भी कोई एक धरती की मिट्टी को छुएगा, तब-तब हमें आंतरिक शुद्धि का अहसास होगा। हमारा राष्ट्रीय स्वभाव उसी तरह से बदलेगा जिस तरह से मौसम बदलते हैं।

जब घास हरी हो जाएंगी और फूल खिलने लगेंगे तब हम भी ख़ुशी और उत्साह से जीने लगेंगे। उस आध्यात्मिक और शारीरिक एकता को हम सभी एक-दूसरे के साथ बाटेंगे, देश के कठिन समय में हम सब एकता के साथ आगे बढ़ेंगे और एकता की ताकत से ही जीत हासिल करेंगे। हमारा यही विचार दुनिया के लोगों में फ़ैल रहे जातिवाद और जातीय उत्पीड़न को दूर करेगा।

हम दक्षिण अफ़्रीकी लोग ये महसूस करते हैं की मानवता ने ही हमें आज एक छत के नीचे लाकर खड़ा किया है, अब हम और ज्यादा समय तक अपराधी बनकर नही रह सकते, आज हमारी खुद की मिट्टी में ही दुनिया हमारे देश को कम महत्त्व देती है।

हम हमारे सभी सम्माननीय विदेशी अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों का धन्यवाद करते हैं, अंततः लंबे समय के बाद यही हमारी सच्ची जीत है, शांति के लिए और मानवता के निर्माण के लिए। हमें पूरा भरोसा है कि आप हमारे साथ शांति निर्माण, समृद्धि, जातिवाद को हटाने और लोकतंत्र की चुनौती में खड़े रहेंगे।

हम इस मुकाम पर पहुंचने के लिए अपने जनसमूहों और लोकतान्त्रिक,धार्मिक, महिला, युवा, व्यापार, परम्परागत व अन्य नेताओं की सराहना करते हैं। विशेष रूप से सेकेंड डिप्टी प्रेसिडेंट सम्माननीय एफ. डब्लू. डे क्लर्क की भी सराहना करते हैं।

मैं अपनी सुरक्षा फ़ोर्स की भी सराहना करना चाहता हूं, जिन्होंने लोकतांत्रिक चुनाव में मेरी और देश के लोगों की सुरक्षा की।

चोट के ठंडा होने का समय अब आ गया है। गहरे मतभेद का समय भी अब नजदीक आ गया है, जो हमें अलग करता है। अब खुद को विकसित करने का समय भी आ गया है। लाखों लोगों के दिलों में संघर्ष करने के बाद सफलता की आशा है। हम अनुबंध में प्रवेश कर चुके हैं जहां हमें दक्षिण अफ्रीका में कालों और गोरों दोनों ही समुदाय की मिश्रित सोसाइटी का निर्माण करना है, हमें दूर तक जाना है, दिल में डर लिए बगैर आगे बढ़ना है, मानवीय अधिकारों को हासिल करना है – और देश में शांति का इन्द्रधनुष बनाकर दुनिया में पहचान बनानी है।

हमारे देश के नवनिर्माण के संकल्प के रूप में राष्ट्रीय एकता की नई अंतरिम सरकार, जरूरतों को मायने रखती है। सरकार बहुत प्रकार के लोगों से क्षमा याचना भी कर रही है और साथ ही कारावास में कैद लोगों के साथ भी संवाद कर रही है।

हम आज के इस दिन को देश के महान लोगों को समर्पित करना चाहते हैं जिन्होंने देश को आज़ाद बनाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। आज उनके सपने वास्तविकता में बदल चुके हैं। और आज़ादी ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होगा। तुम्हारे द्वारा दिए गए सम्मान और आदर से हम दोनों नम्र और बुलंद हैं, दक्षिण अफ्रीका के लोगों ने एक लोकतांत्रिक, जातिवाद न मानने वाले और देश को अंधकार से उजाले की तरफ ले जाने वाले प्रेसिडेंट का चुनाव किया है।

हमें इस बात को समझना चाहिए कि आज़ादी पाने का कोई भी सरल रास्ता नहीं है। हम सभी जानते हैं कि हम में से कोई भी इंसान अकेला काम करके सफलता हासिल नहीं कर सकता। इसीलिए हमें देश की भलाई के लिए, देश के निर्माण के लिए और नए देश को जन्म देने के लिए एक साथ काम करना चाहिए।

आइए सभी के लिए न्याय विकसित करें।

सभी के लिए शांति का निर्माण करें।

सभी को काम, रोटी, पानी और नमक प्रदान करें।

सभी के शरीर, दिमाग और आत्मा को आंतरिक रूप से आज़ाद करें और उन्हें बताएं कि वे अब सबकुछ कर सकते है। अब इस खूबसूरत धरती को कभी किसी की गुलामी में नहीं रहना पड़ेगा। हम कभी भी इस धरती के लोगों को गुलामी की जंजीरों का एहसास तक नहीं होने देंगे।

आइए एक आज़ाद साम्राज्य का निर्माण करें।

इतनी महान मानवीय उपलब्धियों पर कभी सूर्य अस्त न हो!

गॉड ब्लेस अफ्रीका!

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