NEET 2018: केंद्रों पर सख्ती से हुई चेकिंग, कहीं बाल खुलवाए तो कहीं काटी आस्तीन

परीक्षा देने आए एक छात्र को दुर्घटना के कारण पैर में रॉड डली होने की वजह से प्रवेश देने से इनकार कर दिया

एजुकेशन डेस्क।  देशभर में बने एग्जाम सेंटर्स पर कई जगह सख्ती देखने को मिली। अभ्यर्थी छात्राओ ने बताया कि सेंटर में उनके बाल खुलवा दिए गए। महिला सुरक्षाकर्मियों ने तलाशी के दौरान सोने-चांदी से लेके कृतिम ज्वेलरी तक उतरवा दी। परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर लौटीं एक छात्रा ने बताया कि मैंने सभी दिशानिर्देश पढ़े थे। परीक्षा केंद्र में उसी के हिसाब से तैयारी करके पहुंची थी। बस हाथ में एक कलावा का धागा बंधा था। सेंटर पर उसे भी काट दिया गया। यही नही बालो में लगा रबरबैंड भी हटवा दिया गया। परीक्षा केंद्र में हमें बाद में पतले रबर बैंड दिए गए। मुझे यह रवैया काफी अजीब लगा। एक तरफ न्यायालय सम्प्रदाय विशेष को उनके धर्म से जुड़े पहलुओं को मानने की इजाजत दे रही, दूसरी तरफ हमारे कलावे तक काट दिए। वहीं ,अभ्यर्थी पारुल वर्मा ने कहा कि जिस तरह परीक्षा केंद्रों में हमारे पूरे शरीर को टटोलकर तलाशी ली गई, यह काफी आपत्तिजनक था। हमें डॉ बनने से पहले इस तरह की परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं। सरकार अगर परीक्षाओं को लेकर इतना गम्भीर है, तो बॉडी स्कैनर जैसी तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

पैर मेें डली थी रॉड, प्रवेश देने से किया इंकार

परीक्षा देने आए एक छात्र को दुर्घटना के कारण पैर में रॉड डली होने की वजह से प्रवेश देने से इनकार कर दिया काफी जद्दोजहद के बाद उसे सशर्त अनुमति दी गई पिता को निर्देश दिए गए कि वह परीक्षा खत्म होने के समय मेडिकल सर्टिफिकेट लेकर आएं। इसके बाद ही कॉपी को सीबीएसई भेजा जा सकेगा। एग्जाम सेंटर्स पर ऐसे छात्रों की आस्तीन कैंची से काट दी गई जो फुल स्लीव शर्ट पहन कर आए थे। सभी सेंटरों पर अभ्यर्थीयों से पैसे भी जमा करा लिए गए परीक्षा के बाद कुछ को तो पैसे वापस मिले लेकिन कई लोगों की जेब खाली रह गई।

दो हजार से अधिक थे सेंटर्स

इस परीक्षा में देशभर के 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे जिसमें 7,46,076 फीमेल कैंडिडेट्स और 5,80,648 कैंडिडेट्स थे। देशभर में 2025 एग्जाम सेंटर्स बनाए गए थे जहां सुरक्षा के कड़े इंत्जाम किये गए थे।

एग्जाम के लिए रखा गया था ड्रेस कोड, पेन लाने पर भी थी पाबंदी 

बोर्ड के नोटिफिकेशन के मुताबिक अभ्यर्थियों को हल्के रंग के कपड़े पहनकर आने को कहा गया है। शर्ट भी केवल आधी बाजू की पहननी होगी। खास बात यह है कि जूतों के बजाए केवल चप्पल पहनकर ही आ सकते हैं। अभ्यर्थियों को निर्देश दिए गए हैं कि महिला अभ्यर्थी सलवार-सूट और पुरुष अभ्यर्थी ट्राउजर पहनकर आए। किसी भी कपड़े में कोई बड़ा बटन नहीं होना चाहिए।  बोर्ड कुछ केंद्रों पर जैमर लगाने की भी तैयारी की थी जिससे किसी भी तरह के मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल न हो सके। अभ्यर्थियों को नोजपिन, चेन, नेकलेस, पेंडेंट, बैज, ब्रूच, घड़ी, कोई भी मैटेलिक आइटम, पेन, पेंसिल, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव, पर्स, चश्मा, हैंडबैग, बेल्ट, अंगूठी आदि लेकर आने पर भी पाबंदी लगाई गई थी।

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