NEET 2018: फिजिक्स के पेपर से तय होगी रैंक, 180 में से 110 आसान सवाल

फिजिक्स के क्वेश्चंस ने कैंडिडेट्स को परेशान किया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस साल कटऑफ कम हो सकता है।

एजुकेशन डेस्क। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) एग्जाम रविवार को देश भर के 2 हजार से ज्यादा सेंटर्स पर हुआ। दूसरी बार हुए इस एग्जाम में देशभर के 13 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए। इस साल का पेपर देने के बाद ज्यादातर स्टूडेंट्स ने फिजिक्स के पेपर को ही सबसे टफ बताया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक भी इस साल फिजिक्स का पेपर एग्जाम में डिसाइडिंग फैक्टर साबित होगा और इसी से कैंडिडेट्स की रैंक तय होगी। हालांकि केमिस्ट्री और बायोलॉजी का पेपर फिजिक्स के मुकाबले ईजी रहा। 

एक्सपर्ट्स की क्या है राय?

- विशेषज्ञ डॉ. दुर्रानी के मुताबिक बॉटनी और जूलॉजी का पेपर मानक स्तर से निम्न रहा, क्योंकि अधिकांश सवाल डायरेक्ट क्वेश्चन थे। जो सवाल दो से तीन चैप्टर को मिलकार तैयार किए गए वे नॉलेज टेस्ट करने के लिए थे और इन्हें कठिन नहीं कहा जा सकता।
- वहीं एक्सपर्ट अनिल अग्रवाल ने कहा कि केमेस्ट्री और बायोलॉजी तो आसान थे, इसलिए नीट का डिसाइडिंग फैक्टर फिजिक्स का पेपर ही रहेगा। 

फिजिक्स सॉल्व करने में लगा आधा समय

- एक्सपर्ट भूपेंद्र भावसार के अनुसार पेपर मॉडरेट रहा। न ज्यादा मुश्किल, न आसान। केमिस्ट्री और बायोलॉजी ने स्टूडेंट्स को राहत दी। फिज़िक्स का हिस्सा टाइमटेकिंग था। कई स्टूडेंट्स का आधा समय सिर्फ फिज़िक्स के डेरिवेशन्स सॉल्व करने में ही गया। मैथेमेटिकल कैल्कुलेशंस भी लेंदी थे। ट्रिक वाले सवालों ने भी फिज़िक्स में परेशान किया। 
-  जानकारों के मुताबिक बायोलॉजी में कुछ प्रश्न एनसीईआरटी के बाहर से भी पूछे गए थे। वहीं फिज़िक्स में कुछ सवाल सीधे एनरसीईआरटी से पूछ लिए गए। इस बार नीट का ओवरऑल कट ऑफ कम हो सकता है। 

180 में से 110 ईजी क्वेश्चंस 

- नीट एक्सपर्ट चितरंजन कुमार ने बताया कि फिजिक्स के पेपर में 24 सवाल 12वीं और 21 सवाल 11वीं के सिलेबस से पूछे गए। केमेस्ट्री सेक्शन स्कोरिंग रहा, इसमें 20 सवाल 12वीं और 24 सवाल 11वीं के सिलेबस से आए। 
- बायोलॉजी का सेक्शन एवरेज था, लेकिन इसमें दो से तीन चैप्टर के कॉन्सेप्ट मिलाकर सवाल पूछे गए। इसमें 46 सवाल 12वीं से और 44 सवाल 11वीं के सिलेबस से आए।
- पूरे पेपर में 170 सवाल एनसीईआरटी बेस्ड और बाकी के 10ट्रिकी और इंटरलिंक टॉपिक्स से रहे। कुल 180 सवालों में से 110 सवाल आसान, 45 मॉडरेट और 25 सवाल हाई डिफिकल्टी लेवल के रहे। 

पेपर लीक जैसी घटना रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम

- इस बार सीबीएसई के पर्यवेक्षकों के शहर में आने के बाद भी उन्हें 5-6 मई की रात तक पता नहीं था कि पेपर कहां है और कैसे मिलेंगे। इसके लिए हर शहर के वॉट्सएप ग्रुप बनाए गए, जिस पर सुबह 5 बजे सूचना आई कि पेपर किस बैंक में सुरक्षित हैं और वहीं से पेपर अधिकारिक तौर पर नियुक्त व्यक्ति कलेक्ट कर सकता है। 

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