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NEET 2018: एग्जाम का पूरा एनालिसिस, कितना हो सकता है कटऑफ?

एक्सपर्ट के मुताबिक, पिछली साल की तुलना में इस साल का पेपर सरल रहा। साथ ही इस साल 556 से कम नंबर पर मिल सकता है गवर्नमेंट कॉलेज।

एजुकेशन डेस्क। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET का एग्जाम रविवार को सक्सेसफुली हो गया। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन की तरफ से हुए इस एग्जाम में 60 हजार मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की सीट के लिए 13 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। एग्जाम के बाद bhaskareducation.com अपने रीडर्स के लिए एग्जाम पेपर का पूरा एनालिसिस और इस साल के एक्सपेक्टेड कट ऑफ के बारे में बताने जा रहा है।

NEET 2018 की बड़ी बातें

- इस साल इस एग्जाम में 13,26,725 कैंडिडेट्स हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से 5,80,648 मेल कैंडिडेट्स और 7,46,076 कैंडिडेट्स शामिल हो रहे हैं। जबकि एक ट्रांसजेंडर भी शामिल है।
- इस एग्जाम के लिए देशभर के 136 शहरों में 2,225 एग्जाम सेंटर्स बनाए गए हैं। बता दें कि एग्जाम का रिजल्ट 5 जून तक डिक्लेयर किया जा सकता है और इसी के बाद आगे की प्रोसेस शुरू होगी।

NEET 2018 के बारे में एक्सपर्ट ओपिनियन

- पी कोड के 102 नंबर के सवाल में गलती लग रही है। 113 नंबर के सवाल में अप्रेजल आना चाहिए, जबकि अप्रूव्ड आ रहा रहा है। बोनस की उम्मीद है : बृजेश माहेश्वरी, एकेडमिक डायरेक्टर, एलन 

- केमेस्ट्री-फिजिक्स के कुछ सवाल एडवांस थे। फिजिक्स में कैलकुलेशन होने के कारण उसमें समय जरूर लगा । कट ऑफ के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी : आरके वर्मा, एमडी, रेजोनेंस 

- पेपर पिछले साल की तुलना में आसान रहा। फिजिक्स में 19, केमेस्ट्री में 22 सवाल सरल रहे : मयंक जोशी, डायरेक्टर, सर्वोत्तम कॅरियर इंस्टीट्यूट 

- फिजिक्स व बायोलॉजी का पेपर बैलेंस रहा। केमेस्ट्री का पेपर पिछले वर्ष की तुलना में कठिन रहा। कठिनाई का स्तर पिछले साल जैसा ही था : शैलेंद्र माहेश्वरी, एकेडमिक डायरेक्टर, कॅरियर प्वाइंट 

- इस साल कटऑफ गिर सकती है। जनरल कैटेगरी में 124 नंबर पर क्वालीफाई करने की उम्मीद रहेगी। केमेस्ट्री के कुछ सवाल कंफ्यूजिंग जरूर रहे : नितिन विजय, डायरेक्टर, मोशन 

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पहली बार 20 कोड में आया पेपर

- इस साल देश के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 556 से कम नंबर पर ही ऑल इंडिया कोटे से एडमिशन मिल जाएगा। इसके साथ ही इस साल मार्क्स रेंज में भी गिरावट तय मानी जा रही है। एक्सपर्ट के अनुसार इस साल का पेपर पिछले साल से आसान जरूर था, लेकिन कुछ पार्ट को काफी क्वालिटेटिव रखा गया। उधर, 2 से 3 सवालों में बोनस की उम्मीद की जा सकती है। इस कारण सीबीएसई के पास काफी आपत्तियां जा सकती हैं। 
- पिछले साल ऑल इंडिया कोटे से 556 नंबर आने पर सरकारी कॉलेजों में एडमिशन मिला था। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि काउंसलिंग में अच्छे तरीके से भाग लेने व सीटों का गणित जानने पर इससे कम नंबर पर एडमिशन मिलने की गुजांइश है। इस साल कट ऑफ भी गिरेगा। खास बात यह रही कि पहली बार पेपर 20 कोड में आया है। पिछले साल 12 कोड में ही पेपर आया था। 

कैसा रहा फिजिक्स का पेपर?

- फिजिक्स के पेपर के बारे में ज्यादातर स्टूडेंट्स का मानना है कि तीनों पेपरों में फिजिक्स सबसे डिफिकल्ट था। इस साल फिजिक्स में 24 क्वेश्चंस 12th क्लास से और 21 क्वेश्चंस 11th क्लास से पूछे गए थे।
- एक्सपर्ट के मुताबिक, इस सेक्शन 2 सबसे ज्यादा डिफिकल्ट क्वेश्चन थे। जबकि 9 मॉडरेट क्वेश्चंस और 34 इजी क्वेश्चंस थे। हालांकि इनमें से ज्यादा कैलकुलेशन बेस्ड क्वेश्चंस थे।

कैसा रहा केमिस्ट्री का पेपर?

- वहीं केमिस्ट्री का पेपर ज्यादा लेंदी नहीं रहा। इस सेक्शन में 20 क्वेश्चंस 12th क्लास से और 20 क्वेश्चंस 11th क्लास से आए थे। इस सेक्शन में 1 डिफिकल्ट क्वेश्चंस, 20 मॉडरेट क्वेश्चंस और 24 इजी क्वेश्चंस पूछे गए थे। ज्यादातर क्वेश्चंस सिंपल कॉन्सेप्ट पर बेस्ड थे।

कैसा रहा बायोलॉजी का पेपर?

- एक्सपर्ट के अनुसार, बायोलॉजी का सेक्शन सबसे सरल था। इस सेक्शन में 46 क्वेश्चंस 12th क्लास से और 44 क्वेश्चंस 11th क्लास से पूछे गए थे। इस सेक्शन में 9 डिफिकल्ट क्वेश्चंस, 33 मॉडरेट क्वेश्चंस और 49 इजी क्वेश्चंस पूछे गए थे। 

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कितना हो सकता है इस साल का कटऑफ?

- एक्सपर्ट के अनुसार, NEET 2018 में ज्यादातर क्वेश्चंस एनसीईआरटी की बुक से पूछे गए थे, जबकि 10 क्वेश्चंस ट्रिकी रहे।
- माना जा रहा है कि किसी भी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए इस साल 135 तक का कटऑफ जा सकता है। हालांकि गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए 510 से ज्यादा मार्क्स की जरुरत होगी।

5 जून को आएगा रिजल्ट, OMR भी देख सकेंगे

- NEET एग्जाम का रिजल्ट 5 जून को डिक्लेयर किया जाएगा। इसके बाद ही काउंसलिंग और बाकी की प्रोसेस शुरू होगी।
- इसके साथ ही एग्जाम के बाद 10 मई को बोर्ड की वेबसाइट पर कैंडिडेट्स अपनी OMR शीट भी देख सकते हैं।
- इसके लिए कैंडिडेट्स को बोर्ड की वेबसाइट पर जाना होगा और अपना रोल नंबर डालना होगा। इससे कैंडिडेट्स की OMR शीट ओपन हो जाएगी।
- इसके बाद ही आंसर-की जारी की जाएगी। हालांकि अभी तक इसके लिए बोर्ड ने कोई डेट डिसाइड नहीं की है।

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