एमपी बोर्ड: पिता के साथ खेतों में किया काम, अब 12वीं में सेकेंड टॉपर

ये हर किसी के लिए सीख की तरह है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं हो सकता है।

एजुकेशन डेस्क, भोपाल। एक्सीलेंस स्कूल गंजबासौदा के 12वीं के छात्र मयंक कुशवाह ने कला संकाय में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। मयंक अपने पिता जयसिंह और मां कुसुमदेवी के साथ खेतों में काम करता था। उसे पढ़ने के लिए समय कम मिलता था। परिवार में गरीबी होने के कारण मयंक को कई बार मजदूरी करने भी जाना पड़ता था।


रोजाना 2-3 घंटे ही पढ़ाई कर पाया
- मयंक का कहना है कि उसके माता-पिता बेहद गरीब हैं और वह भी पढ़ाई के साथ-साथ मजदूरी पर जाता था। जिससे घर-परिवार भी चलता रहे। यही, वजह थी कि उसे समय नहीं मिल पाता था। रोजाना बमुश्किल दो से तीन घंटे ही मयंक पढ़ाई कर पाया। - मयंक का कहना है कि मैं भले ही कम टाइम पढ़ाई पर दे पाता था लेकिन पूरा मन लगाकर विषयवार पढ़ता था। जिससे ये सफलता मिली है। 
- ये हर किसी के लिए सीख की तरह है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं हो सकता है। मेरी सफलता का सारा श्रेय मेरे माता-पिता को जाता है।
- मयंक का सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है। मयंक आगे की पढ़ाई के लिए भोपाल में एडमिशन लेंगे।
 

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