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एमपी बोर्ड: मां ने कोर्स रिकॉर्ड कर बेटे को सुनाया, बेटा 10वीं में स्टेट टॉपर

12वीं में जिला स्तर पर पास स्टूडेंट्स का प्रतिशत 71 रहा वहीं पास लड़कियों का प्रतिशत 80 से ज्यादा रहा।

एजुकेशन डेस्क, इंदौर। सोमवार को घोषित हुए मप्र बोर्ड के 10वीं व 12वीं के नतीजों में 12वीं में जिले के 75 फीसदी नियमित जबकि 10वीं में जिले के 70 फीसदी नियमित स्टूडेंट्स को सफलता मिली है। जिला स्तर पर 12वीं में 29180 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। इनमें 16146 छात्र जबकि 12972 छात्राएं पास हुईं। इसी तरह जिला स्तर पर 10वीं में 36354 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। इनमें 19653 छात्र जबकि 16679 छात्राएं पास हुईं। 

- 12वीं में जिला स्तर पर पास स्टूडेंट्स का प्रतिशत 71 रहा वहीं पास लड़कियों का प्रतिशत 80 से ज्यादा रहा। इसी तरह 10वीं में जिला स्तर पर 64 फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट सफल हुए, वहीं 77 फीसदी से ज्यादा लड़कियों को सफलता मिली। अक्षत बल्दवा ने निजी स्कूल से 10वीं में प्रदेश में दृष्टिहीन छात्रों में पहली रैंक प्राप्त की है। 

 

शहर के वे स्टूडेंट्स जो 10वीं में जिले की टॉप-10 लिस्ट में आए 

पहली रैंक
 1. डॉली गोस्वामी, निजी स्कूल 

दूसरी रैंक- 
1. आर्या पटेल, शा. एसीएम कन्या विद्यालय 
2. दिव्यांशी जैन, सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय 
3. संजय सोनी, शा. हायर सेकंडरी विद्यालय 

तीसरी रैंक- योगेश धेवा, निजी स्कूल 

 

शहर के वे स्टूडेंट्स जो 12वीं में जिले की टॉप-10 लिस्ट में आए 

पहली रैंक 
1. पिंकी पगारे, शा.एसीएम कन्या विद्यालय 
2. अपूर्वा कराहे, श्री वैष्णव कन्या विद्यालय 
3. रीना हुंकार, शा. मल्हाराश्रम विद्यालय 
4. राहुल राठौर, निजी स्कूल 
5. तरंग निगम, शा. कन्या विद्यालय 

दूसरी रैंक 
1. मनीराम फूलसिंह, शा. मल्हाराश्रम विद्यालय 
2. पायल नैनवानी, तीरथबाई कलाचंद विद्यालय 

तीसरी रैंक 
1. रामप्रकाश गुप्ता, शा. मल्हाराश्रम विद्यालय 

ग्रामीण के वे स्टूडेंट्स जो 12वीं में जिले की टॉप-10 लिस्ट में आए 
दूसरी रैंक 

1. अनीता मुंडेल, शा. बालक विद्यालय, दतोदा 
2. मोना नागर, विवेकानंद विद्या विहार, चंद्रावतीगंज 
3. सीमा पाटीदार, मां उमिया कन्या विद्यालय, रंगवासा 

 

10वीं नियमित
36532  स्टूडेंट एग्जाम में शामिल हुए 
14018  प्रथम श्रेणी में 
9728  द्वितीय श्रेणी में 
1961  तृतीय श्रेणी में 
3356  छात्र को सप्लीमेंट्री
7469  छात्र फेल 


12वीं नियमित
29188  छात्र एग्जाम में शामिल हुए 
12917  प्रथम श्रेणी में 
7776 द्वितीय श्रेणी में 
1193  तृतीय श्रेणी में 
3118 स्टूडेंट को सप्लीमेंट्री
4114  स्टूडेंट फेल 

 

10वीं प्राइवेट 
10217 ने एग्जाम दिया
2606 पास हुए 
1430 को सप्लीमेंट्री
6163 स्टूडेंट फेल 

12वीं प्राइवेट 
8040 ने एग्जाम दिया
2230 पास हुए 
1153 को सप्लीमेंट्री
4595 स्टूडेंट फेल 

 

पढ़ाई के लिए परिवार तक को छोड़ा

प्रदेश में नहीं मिली तो हरियाणा से लाए किताबें, मां बनी शिक्षक, कोर्स को रिकॉर्ड कर बेटे को सुनाया, 
- अक्षत बल्दवा ने निजी स्कूल से 10वीं में प्रदेश में दृष्टिहीन छात्रों में पहली रैंक प्राप्त की है। अक्षत ने बताया पढ़ाई के लिए मां ने एक शिक्षक जैसा साथ दिया। पढ़ाई के लिए जब प्रदेश में किताबें नहीं मिलीं तो हरियाणा से किताबें मंगवाई। पढ़ाई करने के लिए पहले कोर्स को टेप रिकॉर्डर में मां से रिकॉर्ड करवाता था, उसके बाद उसे सुनकर याद करता था। 

पिता ने ड्राइवरी कर पढ़ाया, मां ने हमेशा हौसला बढ़ाया, अब बेटी डॉक्टर बनकर करेगी मदद 
- डॉली गोस्वामी ने निजी हा.से. स्कूल से 10वीं की पढ़ाई कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। डॉली के पिता इंदौर-भोपाल बस में ड्राइवर हैं और मां ने पढ़ाई को लेकर हमेशा हौसला बढ़ाया है। वह श्रमिक बस्ती में रहकर पढ़ी और अब आगे डॉक्टरी कर माता-पिता की सेवा करना चाहती है। साथ ही समाज के लिए भी कई कार्य करना चाहती है। 

दो साल पहले आर्थिक तंगी में स्कूल छोड़ने तक के हालात बने, मामा के घर पढ़कर पाई सफलता 
- जिले में 12वीं में पहली रैंक पर आने वालीं शा. अहिल्याश्रम कन्या विद्यालय क्र.1 की पिंकी पगारे ने बताया पिता साकेत नगर में एक घर में चौकीदारी करते हैं और मां वहीं के घरों में काम करती हैं। छोटा भाई निजी स्कूल में 8वीं में पढ़ता है। दो साल पहले पिता की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण लगा कि पढ़ाई छूट जाएगी। तब मामा के घर आ गई और पढ़ाई जारी रखी। 

पिता की मौत के बाद भाई ने ड्राइवरी और मां ने मजदूरी कर पढ़ाया, अब सरकारी नौकरी की इच्छा 
- जिले में 12वीं में दूसरी रैंक प्राप्त करने वाले शा. मल्हाराश्रम हा.से. स्कूल के मनीराम यादव ने बताया पिता की मौत काफी पहले हो चुकी थी। घर चलाने के लिए बड़े भाई सिवनी में बस चलाते हैं। मां मजदूरी करती हैं। सिवनी में रहकर पढ़ाई करना मुश्किल था। 10वीं में सुपर 100 में आने के बाद सरकार ने पढ़ाई का खर्च उठाया तो इंदौर में पढ़ाई की। अच्छी पढ़ाई कर सरकारी नौकरी हासिल करूंगा। 

डॉक्टर बन कर करना चाहती हूं सेवा
- आर्या पटेल ने शा. अहिल्याश्रम कन्या हा.से. स्कूल क्र. 1 से 10वीं की पढ़ाई कर इंदौर जिले में दूसरी रैंक प्राप्त की है। घर में माता-पिता और बड़ा भाई भी है। भाई निजी स्कूल में 12वीं में पढ़ता है। सरकारी स्कूल में पढ़कर भाई से ज्यादा नंबर प्राप्त किए। आगे डॉक्टरी की पढ़ाई कर समाजसेवा करूंगी। 

कृषि में पढ़ाई कर गांव को दूंगा खेती की र जानकारी
- राहुल राठौर ने इंदौर ग्लोरियस हा.से. स्कूल से 12वीं में जिले में पहली रैंक प्राप्त की। राहुल ने बताया मूल रूप से आगर-मालवा का रहने वाला हूं, लेकिन वहां पढ़ाई के लिए अच्छे स्कूल नहीं थे। पिता से जिद की और इंदौर आया। मेरी खेती में रुचि है, इसलिए कृषि विषय चुना। अब कृषि क्षेत्र में आगे की पढ़ाई कर गांव के लोगों को अच्छी खेती की जानकारी दूंगा। 
 

 

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