एमपी बोर्ड: पिता मजदूर, मैथ्स पढ़ने के पैसे नहीं थे तो आर्ट में टॉप किया

शाजापुर के सत्यम ने 12वीं में 460 अंक प्राप्त तक प्रदेश में 7वां स्थान हासिल किया है। सत्यम के पिता मजदूर हैं।

एजुकेशन डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) ने सोमवार को 10वीं और 12वीं के रिजल्ट घोषित कर दिए। 10वीं में शाजापुर के हर्षवर्धन ने विदिशा की अनामिका के साथ संयुक्त रूप से टॉप किया। दोनों को ही को 500 में से 495 नंबर मिले हैं। बोर्ड परीक्षा में बेहतर नतीजों के लिए जहां नीमच जिला टाप पर रहा, वहीं देवास दूसरे स्थान पर। वहीं शाजापुर के सत्यम ने 12वीं में 460 अंक प्राप्त तक प्रदेश में 7वां स्थान हासिल किया है। सत्यम के पिता मजदूर हैं, गरीबी के अभावा में उसने यह मुकाम हासिल किया। इस वर्ष 10वीं में 66 फीसदी बच्चों से बाजी मारी है वहीं 12वीं में 68 फीसदी बच्चों ने सफलता की ओर एक कदम और आगे बढ़ा दिया है।

 

12वीं में टॉपर सत्यम के संघर्ष की कहानी

- हायर सेकंडरी परीक्षा परिणाम के कला संकाय में प्रदेश के टॉपर विद्यार्थियों में शामिल सत्यम के पास गणित या विज्ञान की कोचिंग करने के पैसे नहीं थे, इसलिए उसने कला संकाय में प्रवेश लिया और परिवार की गरीबी की टीस में खूब पढ़ाई कर मुकाम हासिल किया है। 
- शुजालपुर तहसील के ग्राम खरसौदा में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर हेमराज सिंह दसलानिया व आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाली सुशीलाबाई के बेटे सत्यम ने बचपन से अब तक सरकारी स्कूल में ही पढ़ाई की।
- एक्सीलेंस स्कूल में पढ़ने के लिए गांव व परिवार से दूर शुजालपुर आकर किराए के कमरे में रहा। उसने ठाना कि वह अपनी मेहनत से साबित करेगा कि योग्यता में वह अव्वल है। बस इसी जिद ने उसे हमेशा पढ़ाई पर केंद्रित रखा।
- मोबाइल-टीवी से दूर रहने के साथ ही शिक्षकों को सफलता का श्रेय दिया। सत्यम ने बताया पिता को रोज मजदूरी का काम नहीं मिलता। मां आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए जो थोड़े-बहुत रुपए कमाती, उससे 7 सदस्य के परिवार को चलाना मुश्किल देख हमेशा परिवार के लिए सक्षम बन कुछ करने की सोच ने भी ये हौसला दिया। 
- रिजल्ट आने के बाद हर्षवर्धन का लक्ष्य  अब पुलिस या किसी अन्य डिफेंस सर्विस में करियर बनाने का है।

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