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MP: चुनावों से पहले अफसरों का होगा एग्जाम, फेल हुए तो देना पड़ेगा री-टेस्ट

हाल ही में दिल्ली में भी इस तरह का एग्जाम कराया गया था, जिसमें 70% लाने वाले कैंडिडेट्स को पास घोषित किया गया था।

एजुकेशन डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में इस साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। चुनावों में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने से रोकने के लिए इलेक्शन कमीशन भी तैयारी कर रहा है। इसके लिए इलेक्शन कमीशन राज्य के 700 एसडीएम और तहसीलदारों का एग्जाम लेगा। 14 मई को होने वाले इस एग्जाम में अफसरों से पूछा जाएगा कि ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने क्या सीखा। चुनावों में ड्यूटी के लिए ये एग्जाम पास करना जरूरी है और इसके लिए 70% होने चाहिए। 

फेल हुए तो फिर से होगा एग्जाम

- पहली बार हो रहे इस तरह के एग्जाम में पास होने के लिए 70% लाने जरूरी है। इतने मार्क्स लाने पर ही कैंडिडेट को पास माना जाएगा।
- वहीं एग्जाम में जो फेल होंगे, उन्हें दोबारा ट्रेनिंग लेकर एग्जाम देना होगा। इसके साथ जो अफसर 14 मई को एबसेंट रहेंगे, वो भी 15 मई को एग्जाम दे सकेंगे।

ऑब्जेक्टिव टाइप होंगे क्वेश्चंस

- बताया गया है जो पेपर होगा, उसमें ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चंस पूछे जाएंगे। हालांकि अभी ये नहीं बताया गया है कि कुल कितने क्वेश्चंस रहेंगे और कितने नंबर का पेपर होगा। पर ये तय है कि सभी परीक्षार्थियों को पेपर में कम से कम 70 फीसदी अंक लाने ही होंगे। 
- तहसीलदार और एसडीएम की परीक्षा बिलकुल वैसी ही होगी, जैसी स्कूल-कॉलेजों में होती है। पेपर सुबह 11 बजे से शुरू होगा। 

इस पैटर्न का हो सकता है पेपर

- 19 से 21 अप्रैल तक दिल्ली में कर्नाटक को छोड़कर देश भर के संभागीय जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, आईटी स्पेशलिस्ट के अलावा सीईओ ऑफिस के अफसरों सहित कुल 325 लोगों की ट्रेनिंग हुई थी। 
- इसी में अंतिम दिन 40 प्रश्नों और 90 नंबर का पेपर हुआ था। इसमें 30 प्रश्न हल करना अनिवार्य था। इसी में 70 फीसदी अंक हासिल करने वाले 305 लोगों को पास घोषित किया गया था।
- पेपर में संविधान की धाराएं, मतदाता सूची तैयार करने, नाम जोड़ने, घटाने आदि की प्रक्रिया, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1960-61, रजिस्ट्रेशन अधिनियम आदि से जुड़े सवाल पूछे गए थे। इसी के आधार पर प्रदेश में ट्रेनिंग भी दी गई है। यदि यही पैटर्न रहा तो पेपर भी इसी तर्ज पर आ सकता है। 

दिल्ली से आएगा क्वेश्चन पेपर

- सागर की डिप्टी डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर प्रभा श्रीवास्तव ने बताया कि इलेक्शन कमीशन की तरफ से जो पेपर तैयार कराया गया है, वह 14 मई के दिन ही ऑनलाइन भेजा जाएगा। यहां प्रिंट आउट निकालकर सभी को दे दिया जाएगा। पूरे प्रदेश में संभागीय मुख्यालय पर सभी ईआरओ एवं एईआरओ की परीक्षा कराई जाएंगी।

इसलिए लिया जा रहा है ये एग्जाम

- मध्य प्रदेश इलेक्शन कमीशन के एडिशनल सीईओ संदीप यादव ने बताया कि इलेक्शन कमीशन की तरफ से चुनाव ड्यूटी में लगे अफसरों का एग्जाम लिया जा रहा है। इसमें उन्हें जो ट्रेनिंग दी गई है, उसमें क्या सीखा। इस बारे में पूछा जाएगा। इस परीक्षा का उद्देश्य पास-फेल से नहीं है। वोटर लिस्ट के समरी रिवीजन में अफसर पारदर्शी तरीके से काम कर सकें उन्हें इसकी जानकारी देना है।

मध्य प्रदेश में कब है विधानसभा चुनाव? 

- मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान तो नहीं हुआ है, लेकिन इस साल के नवंबर-दिसंबर तक यहां चुनाव हो सकते हैं। 
- 2013 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने यहां की 230 सीटों में से 165 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 58 सीटें ही आई थी।
- एमपी में 29 नवंबर 2005 से शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री हैं और 2013 में बीजेपी सरकार आने के बाद चौहान ने तीसरी बार यहां के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी।
 

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