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जानें आर्टिफेशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कैसे बनाएं करियर?

ग्रेजुएशन के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में करियर कैसे बना सकते हैं?- राजेश

एजुकेशन डेस्क। रिसर्च और एडवाइजरी फर्म गार्टनर के मुताबिक, 2020 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) 2.3 मिलियन नौकरियां लाएगी। बाजार की बात करें तो फोरेस्टर रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 तक यह मार्केट तिगुना हो जाएगा और इसका आकार 1.2 ट्रिलियन डॉलर सालाना तक पहुंच जाएगा। देश में भी कॅरिअर के इस तुलनात्मक रूप से नए क्षेत्र के लिए माहौल अनुकूल है। असल में जिस तेजी से अब हरेक क्षेत्र में एआई का उपयोग बढ़ रहा है वह नौकरी तलाश रहे उम्मीदवारों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। जिस तेजी से अब हरेक क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है वह नौकरी तलाश रहे उम्मीदवारों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

उदाहरण के तौर पर 2018 के अंत तक देश में थ्री डी प्रिंटर्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स के साथ करीब 2,000 स्कूलों में टिंकरिंग लैब्स होंगी ताकि स्टूडेंट्स रटने के बजाय प्रयोगों पर फोकस करें। इसी तरह बैंकिंग से लेकर मेडिकल क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से अपनी जगह बना रही है। इतना ही नहीं एग्रीकल्चर, पेट्रोलियम, फार्मा, ट्रांसपोर्टेशन जैसे पारंपरिक सेक्टर्स भी टेक्नोलॉजी टैलेंट की हायरिंग में बढ़ोतरी कर रहे हैं। जाहिर है कॅरिअर व जॉब्स की तलाश में जुटे उम्मीदवार यहां तरक्की की उम्मीद रख सकते हैं। 

क्या है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस? 
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक कम्प्यूटर प्रोग्राम स्वयं को दिए जाने वाले निर्देशों को समझने के बाद उन्हें स्टोर करता है और उनके आधार पर भविष्य की जरूरतों को समझते हुए रिजल्ट देता है।
- बार-बार इस्तेमाल के बाद वह अपने काम करने के एलोगरिद्म को बदलता है और ज्यादा बेहतर परिणाम देने का प्रयास करता है।
- असल में रोबोटिक्स की दुनिया को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पूरी तरह बदल दिया है क्योंकि अभी तक जो रोबोट सिर्फ कुछ निश्चित काम ही कर पाते थे, एआई ने उनमें नया सीखने की क्षमता पैदा कर दी है, जिसे आधार बनाकर वे बार-बार किए जाने वाले कामों में अपनी गलतियों को सुधारता है और फिर क्लाइंट की जरूरत को समझते हुए काम को अंजाम देता है। 

भविष्य में जॉब के लिए...होंगे ये विकल्प 

मैन-मशीन टीमिंग मैनेजर 
- आने वाले समय में कंपनियों का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वे मशीन और मानव के श्रम का कितना अच्छा मिश्रण कर रही हैं। इस काम के लिए मैन-मशीन टीमिंग मैनेजर जैसे जाॅब्स पैदा होंगे, जो मशीन व व्यक्ति के बीच के सामंजस्य को बनाए रखने का काम करेंगे।
- ये इंजीनियरिंग और ह्यूमन रिसोर्स दोनों के एक्सपर्ट होंगे, जो अपनी कंपनी के लिए मशीन और मानव दोनों के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति तैयार करेंगे। 

एथिकल सोर्सिंग ऑफिसर व डेटा डिटेक्टिव 
- एथिकल सोर्सिंग ऑफिसर एआई को लेकर बनाए गए एथिक्स को लागू करवाने का काम करेंगे ताकि इसके दुरुपयोग को रोका जा सके। यह एथिकल हैकर से मिलता जुलता काम होगा, जो इंटरनेट पर अापराधिक प्रयासों को रोकने का काम करते हैं।
- इसी तरह डेटा डिटेक्टिव सेंसर्स, बायोमेट्रिक मॉनिटर्स, ट्रेडिश्नल कम्प्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से पैदा होने वाले डेटा की स्टडी से बिजनेस आंसर्स तैयार करेंगे। 

एआई बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर 
एआई की मदद से बिजनेस की प्लानिंग के लिए भविष्य में एआई बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर्स की जरूरत होगी। ये पेशेवर एआई को आधार बनाकर मार्केटिंग व सेल्स प्लान तैयार करेंगे या एआई की भूमिका बिजनेस प्लान में निर्धारित करेंगे। 

किन क्षेत्रों में आएंगी नौकरियां 
- यह एक आम धारणा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ह्यूमन रिसोर्स की जरूरत कम हो जाएगी और बेरोजगारी बढ़ेगी, लेकिन भारत के मामले में यह बात वास्तविकता से परे है।
- विशेषज्ञों की राय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मशीन स्किल्स बढ़ेंगी और साथ में ऐसे लोगों की जरूरत भी बढ़ेगी जो इन मशीनों को मैनेज कर पाएं।
- फिक्की और नैसकॉम की स्टडी रिपोर्ट फ्यूचर ऑफ जॉब्स इन इंडिया के अनुसार एआई की वजह से भारत के 5 प्रमुख औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में तकनीकी उछाल आएगा।
- ऐसे में आईटी, रिटेल, फाइनेंस, टेक्सटाइल और ऑटो सेक्टर में एआई की वजह से बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी। 

यहां से कर सकते हैं पढ़ाई 
- देश में कई संस्थान हैं जहां आप इस विषय की पढ़ाई कर सकते हैं। इसके लिए आप आईआईटी मद्रास, आईआईएससी बेंगलुरु, यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद जैसे इंस्टीट्यूट्स में प्रवेश ले सकते हैं।
- इसके अलावा विदेश से पढ़ाई के लिए एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी, एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन जैसे विकल्प उपलब्ध हैं जहां से आप डिग्री ले सकते हैं। 

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