जानिए बायोफिजिक्स के क्षेत्र में क्या है संभावनाएं?

मैं साइंस स्ट्रीम का स्टूडेंट्स हूं, बायोफिजिक्स में कैसे करियर बनाऊं?

एजुकेशन डेस्क। मेडिकल इमैजिंग टेक्नोलॉजीस जैसे मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई), कंप्यूटेड एक्जिअल टोमोग्राफी स्कैन (कैट) आदि का आविष्कार बायोफिजिक्स के माध्यम से मुमकिन हो पाया है। इसकी वर्तमान जीवनशैली में महत्वपूर्ण भूमिका है। इसका उपयोग बीमारियों के टीके बनाने में किया जाता है। फॉरेंसिक साइंस से लेकर जैविक उपचार में इसकी जरूरत होती है। बायोफिजक्स के क्षेत्र काम करने वाले प्रोफेशनल बायोफिजिसिस्ट कहलाते हैं। ये हर स्तर पर जीवन और बायोलॉजिकल गतिविधियों का अध्ययन करते हैं। इसमें छोटे जीवों की गतिविधि से लेकर मानवीय और पर्यावरण की गतिविधियां शामिल हैं। लोकप्रिय न होने के कारण कम छात्र ही इसे चुनते हैं और इसमें प्रोफेशनल की मांग बनी रहती है। 


क्या है बायोफिजिक्स
 
- यह साइंस की एक ब्रांच है। फिजिक्स और फिजिकल केमिस्ट्री के माध्यम से बायोलॉजिकल सिस्टम का अध्ययन बायोफिजिक्स कहलाता है। इसमें फजिक्स व केमिस्ट्री के सिद्धांतों व कंप्यूटर मॉडलिंग के तरीकों का उपयोग किया जाता है।
- बायोफिजिक्स में मॉलीक्यूलर स्ट्रक्चर व इसके गुणों माध्यम से बायोलॉजिकल सिस्टम की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया जाता है।
- यह ब्रांच बायोलॉजी और फिजिक्स के बीच एक पुल की तरह काम करती है। यह क्षेत्र अन्य एडवांस बायोलॉजिकल क्षेत्रों जैसे बायोकेमिस्ट्री, बायोइंजीनियरिंग, सिस्टम बायोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और एग्रोफिजिक्स से संबंधित है।
- फजिक्स और केमिस्ट्री के माध्यम से जीवन प्रक्रिया पर शोध करना बायोफिजिक्स का एक महत्वपूर्ण भाग है। 


कैसे मिलेगा प्रवेश 

- बायोफिजिक्स का बैचलर कोर्स कुछ संस्थानों में संचालित किया जाता है। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी या इससे संबंधित विषयों से बैचलर डिग्री करने वाले छात्र इमसें करियर बनाने के योग्य होते हैं।
- साइंस स्ट्रीम से 12वीं की परीक्षा पास करने वाले छात्र बैचलर डिग्री कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। इसमें प्रवेश संस्थान द्वारा आयोजित एंट्रेंस टेस्ट के वैलिड स्कोर के आधार पर मिलेगा। इसके बाद बायोफिजिक्स के मास्टर डिग्री कोर्स में प्रवेश लिया जा सकता है। 


कहां कर सकते हैं जॉब 

- इसमें प्रोफेशनल बतौर बायोफिजिसिस्ट या साइंटिस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, सरकारी संस्थाओं में रिसर्च आधारित क्षेत्र में काम कर सकते हैं।
- इसके अलावा बायोफिजिसिस्ट संबंधित इंडस्ट्री जैसे कि फार्मास्युटिकल कंपनियों और हाईटेक बायोलॉजिकल कंपनियों में भी जॉब कर सकते हैं। साथ ही प्रोफेशनल के लिए शिक्षण संस्थाना में भी नौकरी के अवसर हैं। 


क्या होग सैलरी पैकेज 

- इस क्षेत्र में फ्रेशर को 25 से 30 हजार रुपए प्रति माह मिलने की संभावना होती है। कुछ वर्षों के अनुभव के बाद यह पैकेज सालाना 5 से 6 लाख रुपए प्रति माह तक हो सकता है।
- शिक्षण संस्थानों में शुरुआती पैकेज 25 हजार रुपए प्रति माह तक हो सकता है। 


बायोफिजिक्स को कुछ भागों में बांटा जा सकता है 

मॉलीक्यूलर: इसमें छोटे कणों, अणु और परमाणुओं की गतिविधियों का अध्ययन किया जाता है। 

मेडिकल: इसके अंतर्गत मेडिकल एप्लीकेशन के क्षेत्र में बायोलॉजिकल प्रोसेस के प्रभाव को जानने के लिए फिजिक्स का इस्तेमाल किया जाता है। 

मैथमेटिकल और थ्योरेटिकल: इसमें मैथमैटिकल और फिजिक्स के सिद्धांतों के आधार पर लिविंग ऑर्गनिज्म के व्यवहार के बारे में अध्ययन किया जाता है। 

रेडिएशन: इस फील्ड में ऑर्गनिज्म पर रेडिएशन जैसे- अल्फा, बीटा, गामा, एक्सरे और अल्ट्रा वायलेट लाइट का क्या असर होता है, इस पर अध्ययन किया जाता है।


कहां से कर सकते है कोर्स

मुंबई यूनिवर्सिटी 
http://mu.ac.in/portal/ 

एम्स, दिल्ली 
www.aiims.edu/en.html 

कल्याणी यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल 
http://kalingauniversity.ac.in/Default.aspx 

महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, केरल 
www.mguniversity.edu/ 

 

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