देश और विदेश में शानदार करिअर आॅप्शन के चलते इंटरनेशनल रिलेशन का बढा स्कोप 

डॉ धनंजय त्रिपाठी कहते हैं कि अगर आपकी दिलचस्पी पॉलिटिक्स में है और आपको अलग-अलग देशों या अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के बारे में पढ़ना पसंद है तो इंटरनेशनल रिलेशंस (आईआर) आपके काम का विषय है।

करियर डेस्क । अगर आपकी दिलचस्पी पॉलिटिक्स में है और आपको अलग-अलग देशों या अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के बारे में पढ़ना पसंद है तो इंटरनेशनल रिलेशंस (आईआर) आपके काम का विषय है। चूंकि हर देश की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय संबंधों से प्रभावित होती है ऐसे में इस क्षेत्र में सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ कई मल्टीनेशनल कंपनियों में भी बेहतर वैश्विक समझ वाले प्रोफेशनल्स की जरूरत है। यही वजह है कि आईआर एक मजबूत करिअर ऑप्शन के रूप में सामने आया है। यह कहना है डॉ धनंजय त्रिपाठी (असिस्टेंट प्रोफेसर, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, दिल्ली) का। उन्होने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान इस बारे में कई जरूरी बातें सांझा कीं।

पढ़ाई के लिए टॉप यूनिवर्सिटीज
पढ़ाई के लिए जेएनयू, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी, पॉन्डीचेरी यूनिवर्सिटी, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी, राजस्थान यूनिवर्सिटी (साउथ एशिया सेंटर), गोवा यूनिवर्सिटी, एमजी यूनिवर्सिटी केरल को चुन सकते हैं।

करिअर के लिए बेहतर मौके
देश भर में बड़ी संख्या में थिंक टैंक्स फॉरेन पॉलिसी इश्यूज पर काम कर रहे हैं और वे आईआर बैकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स को प्राथमिकता देते हैं। इसके अलावा आईआर स्टूडेंट्स डिप्लोमैट, इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट, पॉलिटिकल एनालिस्ट, इंटरनेशनल लॉयर के रूप में अपना कॅरिअर शुरू कर सकते हैं। साथ ही इंटरनेशनल ट्रेड, मीडिया व अंतरराष्ट्रीय सिक्योरिटी फर्म्स आदि में भी बेहतरीन ऑप्शन्स हैं।

ऐसे बढ़ाएं अपनी नॉलेज
इस क्षेत्र में आगे बढ़नेके लिए विषय की अच्छी समझ जरूरी है। इसके लिए हर रोज अखबारों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर लिखे लेखों को पढ़ें। विश्व में हो रही तमाम घटनाओं के हर पहलूओं को समझने की कोशिश करें। उदाहरण के तौर पर अंतरराष्ट्रीय घटना जैसे ब्रेग्जिट के क्या मायने हैं? क्यों ब्रिटेन ने ईयू से अलग जानेका फैसला किया? इससे भारत समेत एशियाई देशों पर क्या असर पड़ेगा? इसी तरह क्लाइमेट चेंज और दुनिया भर की आर्थिक परिस्थितियों की समझ यहां आपके लिए काम की साबित होगी।

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