साइंस के प्रति लड़कियों का रुझान बढ़ा, लेकिन करियर के लिए प्रोत्साहन नहीं: सर्वे

सर्वे में शामिल 12 से 14 वर्ष की करीब 85% लड़कियों का कहना था कि वे इन सब्जेक्ट्स में रुचि रखती हैं और आगे इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं।

एजुकेशन डेस्क। स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों का साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (स्टेम) सब्जेक्ट्स के प्रति रुझान बढ़ा है और ज्यादातर लड़कियां इस क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छुक हैं। यह बात ‘गर्ल्स इन टेक : द पाथ टु अ करियर इन स्टेम’ सर्वे रिपोर्ट में सामने आई है। वहीं दूसरी तरफ एक अन्य सर्वे के अनुसार स्टेम क्षेत्र में काम कर रही महिला प्रोफेशनल का मानना है कि इसमें महिलाओं को कम प्रोत्साहन मिलता है, इस लिहाज से यह करियर का सही विकल्प नहीं है। 

12 से 14 वर्ष की 85 %लड़कियों को साइंस से संबंधित सब्जेक्ट्समें रुचि

- आमतौर पर यह माना जाता रहा है साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (स्टेम) सब्जेक्ट्स में लड़कियों का रुझान कम होता है। लेकिन अब यह स्थिति कुछ हद तक बदल रही है। हाल ही में 6 एशिया पेसिफिक देशों की लड़कियों पर किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि स्टेम सब्जेक्ट्सके प्रति लड़कियों का रुझान बढ़ा है।
- सर्वे में शामिल 12 से 14 वर्ष की करीब 85% लड़कियों का कहना था कि वे इन सब्जेक्ट्स में रुचि रखती हैं और आगे इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं। इस सर्वे में ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया और भारत की लड़कियों को शामिल किया गया था। सिंगापुर, चीन, इंडोनेशिया और मलेशिया की ज्यादातर लड़कियों ने डॉक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। वहीं दूसरी तरफ सर्वे में शामिल भारत और ऑस्ट्रेलिया की ज्यादातर लड़कियां इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छुक ह

उम्र के साथ बदल जाती है सोच

- रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि 12 से 14 वर्ष की आयु में लड़कियों को स्टेम सब्जेक्ट्स का फॉर्मेट मुश्किल लगता है। वहीं 15 वर्ष की आयु तक आते-आते उनकी सोच इन सब्जेक्ट्स को लेकर बदलने लगती है।
- इसके मुताबिक 15 वर्ष की आयु तक आते-आते करीब 51% लड़कियों की साइंस के क्षेत्र में पढ़ाई करने और करियर बनाने की सोच बदल जाती है। 

करियर चयन में पैरेंट्स की भूमिका अहम

- इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़कियों के शिक्षा और करियर के क्षत्रों के चयन में उनकी रुचि से ज्यादा पैरेंट्स और टीचर्स की राय मायने रखती है। पैरेंट्स और टीचर्स की पसंद लड़कियों के करियर के चयन को काफी हद तक प्रभावित करती है।
- ऐसे में लड़कियों को साइंस से संबंधित क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु टीचर्स और पैरेंट्स की भूमिका अहम हो जाती है। 

इंजीनियरिंग कोर्स में भागीदारी कम

- वर्तमान में हायर एजुकेशन में साइंस और टेक्नोलॉजी संबंधित कोर्स में लड़कियों की भागीदारी कम है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार बीटेक कोर्स में प्रवेश लेने वाले कुछ छात्रों में लड़कियों की भागीदारी सिर्फ 27.2 %ही है। - हालांकि मेडिकल के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले कुल छात्रों में लड़कियों की भागीदारी ज्यादा है।

वर्क कल्चर में बदलाव की जरूरत

- मास्टरकार्ड द्वारा साइंस के क्षेत्र में जॉब करने वाली महिला प्रोफेशनल पर किए गए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि 45 %प्रोफेशनल अपनी जॉब से खुश नहीं है और उनका मानना था कि यह लड़कियों  के लिए करियर का सही विकल्प नहीं है। इसके लिए ऑफिस में लंबे समय तक काम करने की जरूरत और महिला कर्मचारियों की संख्या कम होने को प्रमुख कारण बताया गया है।
- इस क्षेत्र में काम कर रही 24% महिला प्रोफेशनल का कहना था कि इस क्षेत्र में महिलाओं को पुरुषों के समान प्रोत्साहन नहीं मिलता है। ऐसे में इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए वर्क कल्चर में बदलाव की जरूरत है। 

Next News

हरियाणा बोर्ड: 12th का रिजल्ट घोषित, ऐसे कर सकते हैं चेक

हरियाणा बोर्ड के 12th के एग्जाम 7 मार्च से शुरू हुए थे, जिसमें 2 लाख 40 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

नागालैंड बोर्ड: 10वीं-12वीं का रिजल्ट घोषित, ऐसे करें चेक

इस साल 10वीं और 12वीं क्लास में 36,993 स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिए थे।

Array ( )