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IIT-JEE Advanced: डेसिमल में उलझे स्टूडेंट्स, इंटरनेट ने किया परेशान

पहली बार ऑनलाइन हुए आईआईटी एडवांस्ड के एग्जाम में देशभर के 1.60 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

एजुकेशन डेस्क। आईआईटी में एडमिशन लेने के लिए रविवार को हुए जेईई एडवांस्ड के एग्जाम को इस साल आईआईटी कानपुर ने कंडक्ट कराया। पिछले साल के मुकाबले इस साल का पेपर स्टूडेंट्स को ज्यादा टफ लगा। पहले व दूसरे पेपर में फिजिक्स के सवाल आसान थे जिससे स्टूडेंट्स को थोडी राहत मिली। वहीं, न्यूमेरिकल क्वेश्चन में डेसिमल के दो अंकों तक जवाब देना था, जो स्टूडेंट्स के लिए टाइम कंज्यूमिंग था। इस साल पहली बार जेईई एडवांस्ड का पेपर ऑनलाइन हुआ था। सुबह 9 बजे और दोपहर 2 बजे शुरू हुए दोनों पेपर में इस बार 54-54 क्वेश्चन थे, जिसके लिए 180-180 मार्क्स निर्धारित थे।

जिन्होंने केमिस्ट्री की इनडेप्थ स्टडी की उनके लिए आसान रहा पेपर 

- पेपर में आठ सवाल ऐसे पूछे गए थे जिनका जवाब डेसिमल में था। सही जवाब के लिए स्टूडेंट्स को तीन अंक दिए जाएंगे। इनमें माइनस मार्किंग नहीं थी।
- एक्सपर्ट विजित जैन ने बताया कि स्टूडेंट्स के मन में जवाब देते समय डाउट ये था कि किसी सवाल का जवाब यदि 7 है तो उसे 7.00 लिखा जाए या केवल 7 लिखा जाए।
- गणित के नियमों के अनुसार केवल 7 भी सही जवाब है। हालांकि निर्देशों के अनुसार डेसिमल के बाद के दो अंक लिखे जाना जरूरी थे। दोनों ही पेपर के हर सेक्शन में ऐसे 8-8 सवाल किए गए थे।
- पेपर-1 कुल 180 नंबरों का था जिसे तीन भागों में बांटा गया था। सेक्शन 1 में एक या एक से ज्यादा सही जवाब थे। सेक्शन में न्यूमेरिकल वैल्यू वाले सवाल पूछे गए। सेक्शन 3 में कॉम्प्रीहेंसिव सवाल थे। 

11वीं और 12वीं का लेवल बराबर रखा गया है 

- मैथ्स को सॉल्व करने में सबसे ज्यादा समय लगा। कुछ सवाल बहुत टफ होने के कारण स्टूडेंट्स परेशान हुए। इसमें से कुछ कंफ्यूजन वाले सवाल भी थे।
- कैलकुलस और एल्जेब्रा वाले सवाल टफ रहे। फिजिक्स आसान रही।
- एनसीईआरटी से 65 परसेंट और 35 परसेंट एडवांस लॉजिक के थे। वहीं इन सवालों की एप्लीकेशंस आसान थीं।
- स्टूडेंट्स राघव जोशी और अमृता अग्रवाल ने बताया कि कैमिस्ट्री में फिजिकल कैमिस्ट्री के सवाल लंबे और कैलकुलेशन वाले थे जबकि ऑर्गेनिक और इनॉर्गेनिक वाले क्वेश्चन एनसीईआरटी बेस्ड न होने के कारण स्टूडेंट्स को टफ लगे। 

इस बार इंटीजर सवालों में बदलाव 

- पहली बार पेपर में मल्टीपल चॉइसेस क्वेश्चन में तीन करेक्ट ऑप्शन दिए गए। तीनों को सही करने पर चार मार्क्स मिलेंगे और एक भी गलत आंसर होने पर दो मार्क्स की नेगेटिव मार्किंग है।
- ऐसे 6 सवाल थे जिनके करेक्ट आंसर ऑप्शन एक से ज्यादा थे। इन सवालों की 4 पार्शल मार्किंग रखी गई।
- पहली बार इंटीजर बेस्ड क्वेश्चंस में जवाब डेसिमल के बाद दो प्लेसेज तक के मांगे गए। इस तरह के कुल 16 सवाल पूछे गए। जो स्टूडेंट्स को राउंड ऑफ में भरने थे, इससे स्टूडेंट्स काफी कंफ्यूज हुए।
- अब तक जेईई एडवांस्ड में सिंगल डिजिट इंटीजर के सवाल होते थे। 

इंटरनेट ने किया परेशान

- पहली बार पेपर ऑनलाइन होने से उसमें कोई एरर नहीं था, लेकिन कई सेंटर्स पर बिजली चली जाने से स्टूडेंट्स के कंप्यूटर बंद होने से 10 मिनट का नुकसान हुआ। उनको एक्स्ट्रा समय भी नहीं दिया गया, जबकि बेंगलुरू में टेक्नीकल एरर के चलते पेपर देर से शुरू हुआ और रात 8 बजे खत्म किया गया।
- कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम होने से स्टूडेंट्स को 6 घंटे तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठना पड़ा। हालांकि सुबह 9 से 12 बजे तक हुए पहले पेपर के बाद उन्हें दो घंटे का ब्रेक दिया गया। दूसरा पेपर दोपहर 2 से 5 बजे तक हुआ। 
- परीक्षा देने आए एक स्टूडेंट ने बताया कि पहला पेपर शुरू होने के करीब एक घंटे बाद कम्प्यूटर्स बंद हो गए थे। करीब 40 मिनट बाद सिस्टम शुरू हुए। हालांकि इस वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ। दूसरे पेपर का टाइम भी एक घंटा आगे बढ़ा दिया गया।

10 जून को आएगा रिजल्ट 

- पेपर लीक होने के मामले को देखते हुए 25 मई को आंसर-की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद 29 मई को फाइनल आंसर लिस्ट जारी की जाएगी। 10 जून को जेईई-एडवांस का रिजल्ट घोषित किया जाएगा।


एक्सपर्ट व्यूज

- एक्सपर्ट मितेश राठी ने बताया, पेपर-1 में सिंगल आंसर टाइप सवाल पैराग्राफ पर और पेपर-2 में यह मैच द कॉलम पैटर्न पर दिए गए। मोर दैन वन आंसर टाइप सवालों में तीन सही जवाब में से दो को टिक करने पर,उसके अनुसार ही नंबर दिए जाएंगे। फिजिक्स आसान था, केमेस्ट्री का ऑर्गेनिक सेक्शन लॉजिकल था। वहीं एक्सपर्ट अभिषेक पाण्डेय ने बताया, पिछले साल 366 अंकों का पेपर था, इस बार 360 अंकों का। मैथ्स ट्रिकी था, लेकिन स्टूडेंट्स ने केमेस्ट्री को लेंदी बताया। ओवरऑल देखें, तो पिछले साल की तुलना में पेपर थोड़ा कठिन रहा। 

- एक्सपर्ट विजित जैन के अनुसार इस वर्ष का पेपर सन् 2016 के मुकाबले सरल था। न्यूमेरिकल आंसर (संख्यात्मक मान) होने की वजह से तुक्के मारने की प्रवृत्ति को रोका गया। फिजिकल केमिस्ट्री में कैल्कुलेशन बेस्ड प्रश्न होने की वजह से केमिस्ट्री टाइम कंज्युमिंग रहा। फ़िज़िकल केमिस्ट्री के सवाल बहुत केल्कुलेटिव थी जिसकी वजह से दशमलव के दो स्थान के अंक निकालना मुश्किल था। इस बार एडवांस्ड में जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स को फ़ायदा मिल सकता है। 

- एक्सपर्ट सुमित उपमन्यु के अनुसार पहले पेपर में केमेस्ट्री के सवाल औसत थे लेकिन दूसरे पेपर में ये कॉन्सेप्च्यूअल थे। जिन स्टूडेंट्स ने केमेस्ट्री की इनडेप्थ स्टडी की है उनके लिए ये सवाल आसान थे। मैथ्स का हिस्सा थोड़ा लंबा था। चूंकि न्यूमरिकल सवालों की संख्या ज्यादा थी इसलिए उन्हें हल करने में समय लगा।

- एक्सपर्ट भूपेंद्र भावसार के अनुसार पहला मौका था जब स्टूडेंट्स को इतने लंबे समय तक कम्प्यूटर के सामने बैठना पड़ा। कई स्टूडेंट्स ने आंखों में जलन होने की शिकायत भी की है। पिछले साल तक परीक्षा इसी तरह होती थी, लेकिन ओएमआर शीट पर जवाब देने होते थे। 

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