IIT-JEE Advanced: एग्जाम में होती हैं ये सिली मिस्टेक, करें अवॉयड

एग्जाम के दौरान कई सारे स्टूडेंट्स कुछ ऐसी गलतियां करते हैं, जिसका असर उनकी रैंक और स्कोर पर पड़ता है।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। जेईई एडवांस्ड के एग्जाम में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और 20 मई को ये एग्जाम देश भर में होने वाला है। पहली बार जेईई एडवांस्ड का एग्जाम पूरी तरीके से ऑनलाइन ही कंडक्ट कराया जा रहा है। इस एग्जाम के जरिए ही स्टूडेंट्स का IIT में एडमिशन का सपना पूरा होगा। इस एग्जाम को क्लियर करने के लिए स्टूडेंट्स काफी समय से मेहनत करते हैं, लेकिन एग्जाम के दौरान कुछ ऐसी सिली मिस्टेक्स कर देते हैं, जिससे उनकी अच्छी रैंक नहीं आ पाती। इसीलिए bhaskareduction.com अपने रीडर्स को जेईई एडवांस्ड एग्जाम में होने वाली उन सिली मिस्टेक्स के बारे में बताने जा रहा है, जो एग्जाम के दौरान हर स्टूडेंट्स को अवॉयड ही करनी चाहिए।

1. रातभर जागकर न करें पढ़ाई

- किसी भी एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स के ऊपर काफी प्रेशर होता है और एग्जाम में अपना 100% देने के लिए स्टूडेंट्स एग्जाम से एक दिन पहले काफी पढ़ते हैं। यहां तक कि कुछ स्टूडेंट्स तो रात भर जागकर भी पढ़ते ही रहते हैं।
- लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि एग्जाम से एक रात पहले अच्छी नींद लें। ज्यादा देर तक जागकर पढ़ाई करने से अच्छा है कि रात में अच्छी नींद लें और सुबह जल्दी उठकर जो पढ़ा है, उसे रिवाइज करें।

2. क्वेश्चंस को अच्छी तरह से पढ़ें

- जेईई एडवांस्ड का पेपर मुख्य रूप से स्टूडेंट्स की टाइम मैनेजमेंट स्कील्स को पहचानने के लिए किया जाता है। इस तरह के एग्जाम से स्टूडेंट्स की टाइम मैनेजमेंट स्कील का पता चलता है। 
- जेईई एडवांस्ड के पेपर के एक क्वेश्चन को सॉल्व करने में 3 मिनट से ज्यादा न लगाएं। इन तीन मिनटों में क्वेश्चन को अच्छी तरह से पढ़ें, उसे समझें, एनालाइज़ करें और फिर सॉल्व करें। हालांकि, ज्यादातर स्टूडेंट्स एग्जाम के दौरान क्वेश्चन को समझते नहीं हैं और सीधे ही सॉल्व कर देते हैं। इससे स्कोरिंग गिर जाती है।
- ये एक तरह की सिली मिस्टेक ही होती है, जिसे अच्छी स्कोरिंग के लिए अवॉयड करना जरूरी है। 

IIT-JEE Advanced: 20 मई को एग्जाम, जानें इससे जुड़ी सारी बातें

3. लास्ट मिनटों में आंसर की मार्किंग न करें

- एग्जाम के दौरान ज्यादातर स्टूडेंट्स पहले क्वेश्चन सॉल्व करते हैं और लास्ट मिनटों में आंसर मार्क करते हैं। हालांकि, इस तरह के एक्सपेरिमेंट एग्जाम के दौरान न ही करें, तो बेहतर होगा।
- ज्यादातर स्टूडेंट्स सोचते हैं आंसर मार्किंग लास्ट में करके वो अपना टाइम बचा लेंगे। हालांकि, अगर कई स्टूडेंट्स को अपनी टाइम मैनेजमेंट स्किल पर काफी भरोसा है, तो वो आखिरी के कम से कम आधे घंटे पहले से आंसर मार्किंग करना शुरू कर दें।
- क्योंकि अक्सर आखिरी समय में हड़बड़ी का माहौल रहता है, जिससे आंसर गलत मार्क होने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

4. अपने डाउट हमेशा क्लियर रखें

- एग्जाम के दौरान कई लोग सलाह देते हैं कि, पहले जो हो बन रहा है उसको सॉल्व करें। डिफिकल्ट क्वेश्चन को बाद में सॉल्व करने की कोशिश करें। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स की राय इससे अलग है।
- कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि एग्जाम में अपने सारे डाउट क्लियर रखें। अगर एग्जाम के दौरान किसी क्वेश्चन में डाउट है, तो उसे इसी तरह न छोड़ दें। उसको क्लियर करने की कोशिश करें।
- एक्सपर्ट्स का ये भी मानना है कि एग्जाम से कुछ दिन पहले ही अपने सारे डाउट क्लियर कर लें, ताकि एग्जाम में दिक्कत न हो। 

IIT-JEE Advanced: टॉपर से जानें, लास्ट मोमेंट्स में कैसे करें तैयारी?

5. कैलकुलेशन की मिस्टेक को देखें

- मैथ्स और फिजिक्स सब्जेक्ट की कैलकुशन देखने में काफी सिंपल और आसान लगते हैं, लेकिन इन्हें ऐसा ही मानकर प्रैक्टिस न करने का नुकसान ही होता है।
- ज्यादातर स्टूडेंट्स एग्जाम से पहले कैलकुलेशन को काफी सिंपल समझकर उनकी प्रैक्टिस नहीं करते हैं और फिर एग्जाम में परेशान होते रहते हैं। इसलिए कैलकुशन की प्रैक्टिस करना बेहद जरूरी है और साथ ही इनमें होने वाली मिस्टेक्स का भी ध्यान रखें।
- कैलकुलेशन करने से न सिर्फ स्टूडेंट्स अपनी कंप्यूटिंग एबिलिटी और स्पीड को बढ़ा सकते हैं, बल्कि एग्जाम के दौरान कैलकुलेशन की वजह से होने वाली सिली मिस्टेक्स से भी बच सकते हैं।

Next News

जनरल कैटेगरी के लिए IIT पहली पसंद नहीं, इस साल सिर्फ 62,800 रजिस्टर्ड

सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान आईआईटी में अब दाखिले के लिए कम हो रहा है कॉम्पीटिशन, आईआईटी में एडमिशन के लिए पिछले साल सामान्य में 66700 ने दी परीक्षा

इन 9 देशों के लोग दे सकते हैं भारत की IIT-JEE, पाक स्टूडेंट्स को नो एंट्री

जून 2016 में भारत सरकार ने सार्क समेत 9 देशों को IIT-JEE के लिए परमिशन दी थी। हालांकि पाकिस्तान को इसमें शामिल नहीं किया गया था।

Array ( )