IIT-JEE: आखिरी दिनों में नया पढ़ने की बजाए सिर्फ रिवाइज करें

लास्ट मोमेंट में ऐसी चीजें पढ़ें, जिनमें फॉर्मूले ज्यादा हों। फॉर्मूले रिवाइज नहीं करने से रैंक और स्कोर पर असर पड़ सकता है।

एजुकेशन डेस्क। ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) के मेंस के रिजल्ट आने के बाद अब स्टूडेंट्स एडवांस की तैयारी में लग गए हैं। 20 मई को होने वाले जेईई एडवांस के एग्जाम में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स अपनी तैयारी के लिए कई स्ट्रेटजी अपनाते हैं, ताकि एग्जाम में सफल हो सकें। इसलिए bhaskareducation.com लाया है, जेईई एडवांस गाइडेंस सीरीज, जिसके तहत पहले के टॉपर्स ने क्या तैयारी की थी, उस बारे में बताया जा रहा है। जानिए, 2016 में ऑल इंडिया थर्ड रैंक लाने वाले मुकेश पारीक के दिए टिप्स।

आखिर के दिनों में मैंने नया कुछ नहीं पढ़ा। सिर्फ रिवाइज़ किया। जिस टॉपिक का रिविज़न किया, उसके ठीक बाद क्वेश्चंस सॉल्व किए। इससे कॉन्सेप्ट क्लियर हुए और कॉन्फिडेंस बढ़ा। एग्ज़ाम से पहले कॉन्फिडेंस बनाए रखना ज़रूरी है। जेईई के लिए कैंडिडेट्स दो-तीन साल से तैयारी करते हैं। इसलिए आपने अब तक टॉपिक तो सारे पढ़ लिए होंगे। आखिरी के इन दिनों में अब टॉपिक देखकर उन पर बेस्ड क्वेश्चन सॉल्व करने का समय हैं। मैंने ऐसा ही किया था। आखिरी तीन दिन मैंने वो टॉपिक्स पढ़े जिनमें फॉर्मूले ज्यादा होते हैं। सब्जेक्टिव चीजें याद रखने में परेशानी नहीं होती। फॉर्मूले रिवाइज़ न करें तो गड़बड़ हो जाती है। 

मुकेश पारीक, AIR 3, JEE

दो लाइन में लिखें क्रक्स, इसी से रिवाइज करें

- ऐन वक्त पर रेफ़रेंसेस कन्फ्यूज़ करती हैं। ऐसा लगता है हमने कुछ भी नहीं पढ़ा। इससे मॉरल डाउन होगा। एग्ज़ाम से पहले के दिनों में यह घबराहट रैंक और स्कोर दोनों को नुकसान पहुंचाएगी। पढ़ते हुए अगर लिखने की आदत है तो सिर्फ दो लाइन में उसका क्रक्स नोटबुक में लिखें। एग्ज़ाम से एक दिन पहले इसी से रिविज़न करें। 

सब्जेक्टवाइज़ इम्पॉर्टेंट टॉपिक 

- फिज़िक्स : ग्रेविटेशन और इलेक्ट्रोस्टेटिक्स इम्पॉर्टेंट टॉपिक्स हैं। इन टॉपिक्स से काफी सवाल आते हैं। 
- इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री : इस सब्जेक्ट में कॉन्सेप्ट ही ज़रूरी हैं। इसलिए इसमें डीप रीडिंग ज़रूरी है। लेकिन आखिरी 15 दिनों में अपने नोट्स से ही रिविज़न किया। 

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