जेईई एडवांस : 15 हजार तक रैंक लाने वाली गर्ल्स को भी मिलेगी आईआईटी सीट

IIT में इस बार 779 सीट्स के अवसर ज्यादा, पिछले साल 9 हजार रैंक पर लास्ट सीट अलॉट हुई, इस बार काउंसलिंग के 9 राउंड होंगे( 

एजुकेशन डेस्क | जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई होने वाली गर्ल्स के लिए इस बार ज्यादा अपॉर्च्युनिटी हैं। वजह है कि टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में जेंडर गैप को घटाने के लिए एमएचआरडी के निर्देशों के मुताबिक गर्ल्स रिजर्वेशन में 779 सीट्स ज्यादा मिल रही हैं। मिनिस्ट्री के सुझाव के मुताबिक जेईई एडवांस के लिए गर्ल्स की अलग मेरिट लिस्ट बनेगी जिससे तय हो जाएगा कि आईआईटीज में 14 परसेंट एडमिशन गर्ल्स को मिलें। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर एडवांस के लिए गर्ल्स ज्यादा मेहनत करें तो गर्ल्स रिजर्वेशन में अच्छी परफॉर्मर्स को मेन स्ट्रीम और एवरेज स्टूडेंट्स को ऑफबीट ब्रांच आसानी से मिल जाएगी। यहां तक कि 15 हजार तक रैंक लाने वाली गर्ल्स को आईआईटी की सीट मिल सकेगी। गौरतलब है कि इस बार काउंसलिंग के 9 राउंड होंगे। गर्ल्स कैटेगरी में टॉप करने वाली कैंडीडेट्स को टॉप आईआईटीज में मेन स्ट्रीम में सीट मिल जाएगी। इससे पहले आईआईटी में दाखिला लेने वाली गर्ल्स का रेशो 10 परसेंट ही था। इस परसेंटेज को बढ़ाने के लिए इन 779 सुपरन्यूमरेरी सीट्स को क्रिएट किया गया है। हालांकि इससे मेल कैंडिडेट्स के लिए उपलब्ध सीटें नहीं घटेंगी। 

कॉमन लिस्ट में सलेक्ट होने पर ज्यादा फायदा 
एक्सपर्ट आशीष अरोड़ा ने बताया कि कॉमन लिस्ट में सलेक्ट होने वाली गर्ल्स को इससे ज्यादा फायदा होगा। उनके पास मेन ब्रांच के अवसर ज्यादा रहेंगे। उदाहरण के तौर पर अगर 5 हजार रैंक वाली कैंडीडेट गर्ल्स कैटेगरी में टॉप पर आ रही है तो उसके सामन मेन ब्रांच के ऑप्शन खुल जाएंगे। अगर कॉमन रैंक में उसे टैक्सटाइल ब्रांच मिल रही और गर्ल्स रिजर्वेशन में उसे मुंबई आईआईटी में इलेक्ट्रिकल ब्रांच मिल रही है तो वो इलेक्ट्रिकल को ऑप्ट कर सकेंगी। एक्सपर्ट ध्रुव बनर्जी ने बताया कि पिछले साल 9 हजार रैंक पर सीट अलॉटमेंट रुक गया था। गर्ल्स रिजर्वेशन में सीट बढ़ने से अब 15 हजार तक रैंक लाने वाली गर्ल्स को ऑफबीट ब्रांचेज मिल जाएंगी। 

इन ब्रांचेज में भी अच्छे प्लेसमेंट और बेहतर करिअर ऑप्शन
हाल ही आईआईटी की ओर से की गई एक रिसर्च में सामने आया कि आईआईटी में आने वाली मेल कैंडीडेट्स की 5 एप्लीकेशन के मुकाबले सिर्फ एक गर्ल कैंडीडेट की होती है। 2016 में आईआईटी की कुल 10500 सीटों में से सिर्फ 830 गर्ल्स के नाम रहीं। हालांकि 2200 ग‌र्ल्स ने जेईई क्वालिफाई किया था। आईआईटी दिल्ली की रिसर्च के अनुसार हर सेमेस्टर में औसतन गर्ल्स मेल्स के मुकाबले एक ग्रेड पॉइंट आगे रहती हैं। हालांकि जेईई रैंक में उनसे पीछे रहती हैं। आज आईआईटी में पढ़ने वाली गर्ल्स सिर्फ 8 परसेंट हैं जबकि यूएस के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में यह आंकड़ा 49.5 परसेंट है। 
किन आईआईटी में कितनी सीट्स बढ़ीं 
खड़गपुर 113 
धनबाद 95 
कानपुर 79 
भुवनेश्वर 76 
रूड़की 68 
दिल्ली 59 
मुंबई 58 
गुवाहाटी 57 
गर्ल्स रिजर्वेशन सीट कुल : 779 

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