IIT JEE advance 2017 : 46 वीं रैंक पाने वाले अर्पित ने बताया कैसे की थी तैयारी

अर्पित बताते हैं कि उन्होंने परीक्षा की तैयार बिना स्ट्रेस लिए की थी। विषयों को रटने की बजाय समझने पर फोकस किया था।

एजुकेशन डेस्क । आईआईटी जेईई एडवांस 2017 में 46वीं रैंक पाने वाले इंदौर के अर्पित प्रजापति के पिता हरेनाम माली हैं और बंगलों पर गार्डन की देखरेख करते हैं। अर्पित कहते हैं कि पिता ने मुश्किल से उसे यहां तक पहुंचाया है। अब मेरा अगला लक्ष्य Google में काम जाने का है।

अर्पित प्रजापति ने बताया कि उसे आईआईटी मैन्स में 244 रैंक मिली थी। लग रहा था कि कहीं ना कहीं कमेस्ट्री में मात खा रहे हैं इसलिए अन्य विषयों के साथ इसमें कुछ ज्यादा समय दिया। उन्होंने पूरे समय बिना स्ट्रेस लिए पढ़ाई की। उसका फोकस रटने की बजाय उसे समझने पर था। साथ ही तैयारी के दौरान कई प्रीवियस पेपर भी सॉल्व किए।

- अर्पित ने कहा कि मेरी सफलता पिता की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने मेरे रूप में एक उजाड़ जमीन पर पौधा उगाया है। मेरी पढ़ाई के प्रति लगन और पिता की हालत को देखते हुए कोचिंग संस्थान ने भी पूरा साथ दिया और फ्री में कोचिंग में बैठने दिया।

- अर्पित के पिता का कहना है कि मैं तो माली का काम करता हूं। मुझे नहीं पता कि ये कौन सी पढ़ाई होती है। लेकिन बेटे की कामयाबी ही मेरा सपना है और मैं बेटे को बहुत ऊंचाई पर देखना चाहता हूं। हरेनाम ने कहा कि मेरा अर्पित बचपन से पढाई में तेज था। इसीलिए मैंने उसे बस पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और आज मैं बहुत खुश हूं।

- मूसाखेड़ी की तंग गलियों में रहने वाले अर्पित के घर की दीवारों पर प्लास्टर तक नहीं है। जहां अर्पित का घर है वहां तक पहुंचा भी आसान नहीं है। उसके घर तक तो शायद सूरज की रोशनी भी अच्छे से नहीं पहुंचती। जिन घरों में पिता बागवानी करते हैं, शायद उनके बाथरूम भी अर्पित के घर में मौजूद कमरों से बड़े होंगे। अर्पित का कहना है कि अब ये ज्यादा दिन नहीं रहेगा। आईआईटी से पढ़ाई के बाद मैं गूगल जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी करूंगा और पापा-मम्मी को अपने साथ ले जाउंगा।

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