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IIITM: मैथ्स में वीक स्टूडेंट्स के लिए समर प्रोग्राम, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

स्कूल स्टूडेंट्स के लिए पहली बार ट्रिपल आईटीएम कराएगा अकेडमिक प्रोग्राम

एजुकेशन डेस्क, ग्वालियर। जिन स्कूल स्टूडेंट्स को मैथ्स टफ लगती है, अब उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। मैथमेटिकल पजल के जरिए उनकी यह परेशानी दूर की जाएगी। साथ ही एक फ्लोचार्ट बनवाया जाएगा, ताकि वह इसे घर पर आसानी से सीख सकें। स्कूल स्टूडेंट्स को अकेडमिक में स्ट्रांग करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एबीवी ट्रिपल आईटीएम) पहली बार स्कूल स्टूडेंट्स के लिए समर अकेडमिक प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। 
2 सप्ताह के इस प्रोग्राम की शुरुआत 16 मई से होगी, जो 29 मई तक चलेगा। स्टूडेंट्स को बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए मुंबई से एक्सपर्ट बुलाए जा रहे हैं। इसके अलावा ट्रिपल आईटीएम के एक्सपर्ट का भी पैनल रहेगा। यह भी स्कूल के स्टूडेंट्स की जिज्ञासा का शांत करेगा। 

13 तक होंगे रजिस्ट्रेशन 

प्रोग्राम को-आर्डिनेटर डॉ. जॉयदीप धर ने बताया कि इसमें 150 सीट्स रखी गई हैं, अभी तक 70 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं और 13 मई की शाम 5 बजे तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए जा सकते हैं। इसके लिए www.codechef.com/school/workshop पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एबीवी ट्रिपल आईटीएम यह प्रोग्राम कोड शेफ के साथ मिलकर कर रहा है। 

प्रोब्लम सोल्व टिप्स मिलेंगे 

इस समर प्रोग्राम में प्रोब्लम सोल्व कराने को लेकर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। छात्र-छात्राओं को राइटिंग सॉल्यूशन कोड का उपयोग बताया जाएगा। साथ ही पाइथन प्रोग्रामिंग लैंगेवेज की जानकारी दी जाएगी। इसमें खासतौर पर मैथ्स के फॉर्मूले किस प्रकार से तैयार होते हैं इससे क्वेश्चन कैसे साल्व किए जाते हैं इसके बारे में भी बताया जाएगा।

रोजाना 6 घंटे तक दी जाएगी ट्रेनिंग

प्रोग्राम को दो भागों में बांटा गया है। इसमें रोजाना 6 घंटे की क्लास होगी। इसका समय सुबह 9 से दोपहर 3 बजे का रहेगा। शुरुआत के 6 दिन क्लासरूम के लिए रहेंगे और बाद के दिनों में प्रैक्टिकल कराया जाएगा। इसमें अंत में प्रतिभागियों का टेस्ट भी होगा। इसके माध्यम प्रतिभागी स्वयं का भी आकलन इस प्रशिक्षण में कर सकेंगे। 

इन चार बिंदुओं पर दिया जाएगा खास ध्यान 

- पजल और फ्लोचार्ट: जिन विद्यार्थियों को गणित समझने में परेशानी आती है। उन्हें पजल के जरिए गणित के सवाल हल करने की विधि बताई जाएगी। साथ ही आगे उन्हें दिक्कत न हो इसके लिए एक फ्लो चार्ट भी बनवाया जाएगा। 
- विकसित कराएंगे स्किल: स्कूल में जब भी कोई समस्या आती है तो कई बार छात्र-छात्राएं घबरा जाते हैं। किसी भी तरह की समस्या को हल करने के गुर उन्हें सिखाए जाएंगे। ताकि उनमें एनालिटिकल स्किल विकसित की जा सकें। 
- प्रैक्टिकल पर ज्यादा ध्यान: क्लास में थ्योरी ज्यादा और प्रैक्टिकल कम कराया जाता है। इस समर प्रोग्राम में प्रैक्टिकल पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, ताकि विषय से संबंधित जानकारी उन्हें बेहतर ढंग से दी जा सके। 
- ओलिंपियाड की तैयारी: स्कूल स्टूडेंट्स नेशनल और इंटरनेशनल ओलिंपियाड में हिस्सा लेते हैं। उनकी इस स्किल को और बेहतर बनाने के लिए ओलिंपियाड की तैयारी के तरीके बताएंगे और टेस्ट लेकर इसे परखा भी जाएगा। 

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