इस साल 11 हजार स्टूडेंट्स लेंगे एडमिशन, हर छात्र पर 3.4 लाख खर्च करेगी सरकार

एक छात्र पर औसतन 3.4 लाख रु. का खर्च ,छात्र को सिर्फ 90 हजार ही देना होता है।

पहला आईआईटी खड़गपुर में 1951 में खुला था। तब 12th के मार्क्स के बेसिस पर इंटरव्यू होते थे और देश में कहीं भी एडमिशन मिलता था।
- 1955-59 के बीच आईआईटी खड़गपुर ने एग्जाम लेना शुरू किया। इंटरव्यू और काउंसलिंग के बाद किसी ब्रांच में एडमिशन दिया जाता था।
- कॉमन IIT-JEE एग्जाम 1960 से शुरू हुआ। इसमें इंग्लिश लैंग्वेज मिलाकर चार सब्जेक्ट के पेपर होते थे। 
- 1997 में IIT-JEE एग्जाम साल में दो बार होने लगा। इसकी वजह कुछ सेंटरों में पेपर लीक होना बताया गया था।
- 2006 से एक ऑब्जेक्टिव टाइप का प्रिलिमनरी एग्जाम कर दिया गया। इसमें पास होने वाले कैंडिडेट्स को मेन्स देना होता है।
- एग्जाम में बैठने वाले जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स को 12वीं में 60 पर्सेंट और रिजर्व कैटेगरी के स्टूडेंट्स को 55 पर्सेंट मार्क्स लाने होते हैं।

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