क्रिटिकल थिंकिंग के साथ हिस्ट्री पढ़ेंगे तो एग्जाम में आपकी सफलता पक्की

 दिल्ली यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पारुल पंड्या धर कहती है, हिस्ट्री पढ़कर आपको एक समाज की सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनैतिक परिस्थितियों को समझने का मौका मिलता है।

एजूकेशन डेस्क । आर्ट्स पढ़ने वाले कई स्टूडेंट्स के लिए हिस्ट्री एक पसंदीदा विषय है। इसको पढ़कर आपको एक समाज की सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक परिस्थितियों को समझने का मौका मिलता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पारुल पंड्या धर कहती है कि यह विषय तीन प्रमुख स्पेशलाइजेन्स ऑफर करता है- आर्कियोलॉजी, म्यूजियोलॉजी और आर्काइवल स्टडीज। हिस्ट्री के बैकग्राउंड के साथ इनमें स्पेशलाइजेशन किया जा सकता है जो कि पीजी स्तर पर उपलब्ध होते हैं। 

क्रिटिकल एनालिसिस जरूरी
डॉ. पारुल पंड्या कहती हैं कि इतिहास को समझने के लिए जरूरी है कि आप ना केवल जाने माने इतिहासकारों की लिखी किताबें पढ़ें बल्कि मैग्जीन्स व न्यूज पेपर में छपने वाले लेखों को भी पढ़ें और उसका क्रिटिकल विश्लेषण भी करें। उदाहरण के लिए हड़प्पा सिविलाइजेशन को पढ़ने के बाद उस संस्कृति से जुड़ी जानकारी के आधार पर आप खुद की सोच डेवलप करें। 

करियर ऑप्शन
 उन्हाेने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि हिस्ट्री पढ़कर देश के उच्च पदों के लिए होने वाले आईएएस, आईसीएस व आईएफएस, टीचर, बैंक पीओ, एसएससी जैसी सरकारी नौकरी के लिए अप्लाय करने के अलावा कला-इतिहासकार, जर्नलिस्ट, हेरिटेज एक्सपर्ट, लेखक व पॉलिसी मेकर के रूप में अपना करिअर बना सकते हैं।

स्कॉलरशिप के मौके
डॉ. पारुल पंड्या ने बताया कि यूजीसी नेट/जेआरएफ के अलावा आईसीएचआर की स्कॉलरशिप के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप के रूप में सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा सिल्क रोड स्कॉलरशिप, अशोक खुराना स्कॉलरशिप, ऑरेंज ट्यूलिप स्कॉलरशिप के लिए इस विषय के स्टूडेंट्स आवेदन कर सकते हैं।

ये हैं नए कोर्स
इतिहास अपने आप में काफी बड़ा विषय है। अगर आप इसमें कुछ नया पढ़ना चाहते हैं तो पीजी डिप्लोमा इन आर्कियोलॉजी, डिप्लोमा इन आर्काइव कीपिंग, एमए इन म्यूजियोलॉजी, एमए इन आर्टहिस्ट्री पढ़ सकते हैं। ये कोर्सेज आपको कॅरिअर के कई अवसर उपलब्ध करवा सकते हैं।

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