IIT-JEE EXAMS: अधिक पॉजिटिव आंसर पर एडवांस में मिलेगी हायर रैंक

आईआईटी कानपुर की ओर से आयोजित होने वाले जेईई एडवांस में टाईब्रेकर होने पर ज्यादा पॉजिटिव अंक हासिल करने वाले स्टूडेंट को हायर रैंक दी जाएगी। अगर दो या उससे अधिक स्टूडेंट्स का स्कोर एक जैसा रहता है तो हायर रैंक का फैसला पॉजिटिव उत्तरों के अंकों के आधा

एजूकेशन डेस्क । आईआईटी कानपुर की ओर से आयोजित होने वाले जेईई एडवांस में टाईब्रेकर होने पर ज्यादा पॉजिटिव अंक हासिल करने वाले स्टूडेंट को हायर रैंक दी जाएगी। अगर दो या उससे अधिक स्टूडेंट्स का स्कोर एक जैसा रहता है तो हायर रैंक का फैसला पॉजिटिव उत्तरों के अंकों के आधार पर होगा। जेईई एडवांस के लिए जारी किए गए एफएक्यू में इस नियम का उल्लेख किया गया है।

पॉजिटिव सवालों के अंक भी अगर समान हैं तो दोनों स्टूडेंट्स के मैथ्स के नंबर देखे जाएंगे। मैथ्स में अधिक नंबर स्कोर करने वाले को हायर रैंक दी जाएगी। अगर पॉजिटिव अंक और मैथ्स के अंकों की संख्या में एक जैसी होगी तो हायर रैंक का फैसला फिजिक्स के अंकों के आधार पर किया जाएगा। तीनों ही स्टेज में टाईब्रेकर का फैसला नहीं हुआ तो दोनों छात्रों को एक ही रैंक अलॉट कर दी जाएगी।

ये होते हैं अन्य एग्जाम में टाईब्रेकर के नियम
नीट में नंबर बराबर होते हैं तो पहले बॉयो, फिर केमेस्ट्री के नंबर के आधार पर रैंक तय की जाती है। इसके बाद भी टाईब्रेकर रहता तो कम गलत सवाल करने व अधिक अधिक उम्र वाले को वेटेज दिया जाता है। जेईई मेन्स में पहले मैथ्स, फिर केमेस्ट्री के अंकों को वेटेज दी जाती है। इसके बाद भी फैसला नहीं होने पर उम्र को देखा जाता है। एम्स एंट्रेंस में पहले बॉयोलाजी, फिर केमेस्ट्री को वेटेज दिया जाता है।

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