NEET 2018: करना चाहते हैं अच्छा स्कोर, तो जरूर आजमाएं ये टिप्स

लास्ट मोमेंट्स में नर्वस या टेंशन में रहने की कोई जरुरत नहीं है बल्कि इसकी जगह अपना कॉन्फिडेंस बनाए रखें।

एजुकेशन डेस्क। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET का एग्जाम रविवार के दिन होने वाला है। देशभर में दूसरी बार हो रहे इस एग्जाम 13 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स के शामिल होने की संभावना है। एग्जाम शुरू होने में अब बस कुछ ही घंटे बाकी रह गए हैं। जाहिर है कि एग्जाम के टेंशन को लेकर स्टूडेंट्स काफी नर्वस होंगे। मगर इसी नर्वसनेस और टेंशन का असर एग्जाम में पड़ता है और रिजल्ट बिगड़ जाता है। ज्यादातर स्टूडेंट्स लास्ट मोमेंट्स में डिफिकल्ट क्वेश्चन को सॉल्व करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा करने की बजाय अगर पुराना ही रिवाइज किया जाए तो ज्यादा फायदेमंद होता है। इसलिए bhaskareducation.com एग्जाम से कुछ समय पहले स्टूडेंट्स को कुछ ऐसे लास्ट मोमेंट्स टिप्स के बारे में बताने जा रहा है, जिसको यूज करके एग्जाम में अच्छा स्कोर किया जा सकता है।

एग्जाम से पहले इन 3 बातों का रखें ख्याल

1. लास्ट मोमेंट्स में नर्वस या टेंशन में रहने की कोई जरुरत नहीं है। इसकी जगह अपना कॉन्फिडेंस बनाए रखें क्योंकि एग्जाम में कॉन्फिडेंस बहुत जरूरी है।
2. किसी भी तरह की निगेटिव थिंकिंग अपने दिमाग में न लाएं। बल्कि इसकी जगह पॉजिटिविटी से भरे रहें। बेहतर होगा कि लास्ट मोमेंट्स में फ्रेंड्स या फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें।
3. एग्जाम से कुछ घंटों पहले स्टूडेंट्स ने जो भी पढ़ा है, उसे ही रिवाइज करने पर ध्यान दें। नया याद करने की कोशिश न ही करें तो अच्छा रहेगा, क्योंकि इससे नर्वस नहीं होंगे।

टॉपिक के शॉर्ट नोट्स बना लें

- NEET एग्जाम में अब 24 घंटे से भी कम समय बचा है। ऐसे में फिजिक्स, कैमिस्ट्री या बायोलॉजी के उन टॉपिक्स को रिवाइज करें, जिन्हें आप पहले पढ़ चुके हैं। टॉपिक पढ़ते-पढ़ते उसके शॉर्ट नोट्स भी बनाते चलें, जिन्हें आप एग्जाम से कुछ घंटे पहले एक बार फिर से रिवाइज कर सकते हैं।

फॉर्मूलों पर अपनी अच्छी पकड़ बना लें

- लास्ट मोमेंट्स में थ्योरिटिकल पढ़ने की बजाय फॉर्मूले पर ध्यान देंगे, तो अच्छा रहेगा। आखिरी समय में फॉर्मूले बेस्ड चैप्टर की गहराई से पढ़ाई करें। फॉर्मूलों और बेसिक कॉन्सेप्ट पर पकड़ होने से एग्जाम में काफी हेल्प मिलती है। 

एनसीईआरटी से करें तैयारी

- NEET एग्जाम के लिए यूं तो मार्केट में और इंटरनेट पर ढेरों किताबें हैं। मगर NEET में एनसीईआरटी के 11th और 12th क्लास की बुक्स के ज्यादा सवाल पूछे जाते हैं। ऐसे में बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर करने के लिए एनसीईआरटी की बुक्स का रिव्यू कर सकते हैं। 

पुराने क्वेश्चन पेपर को सॉल्व करके देखें

- लास्ट मोमेंट में हो सके तो पुराने क्वेश्चन पेपर को जरूर देखें और इसे सॉल्व करके देखें। ऐसा करने से स्टूडेंट्स को क्वेश्चंस के लेवल और पैटर्न को समझने में आसानी होगी। इसके साथ ही आखिरी टाइम में क्वेश्चंस पेपर को सॉल्व जरूर कर लें, क्योंकि इससे स्टूडेंट्स को उनकी टाइमिंग, स्पीड और एक्यूरेसी का पता चलेगा। साथ ही क्वेश्चंस सॉल्व करने की स्पीड भी बढ़ेगी। 

अच्छा स्कोर के लिए सेहत भी अच्छी हो

- अगर अगले दिन एग्जाम हो तो उससे एक दिन पहले स्टूडेंट्स को एग्जाम का काफी डर और टेंशन होता है। ये टेंशन और डर एग्जाम हॉल में खतरनाक भी साबित हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि एग्जाम से एक दिन पहले टेंशन से पूरी तरह दूर रहें। इसके साथ ही टेंशन का असर स्टूडेंट्स की सेहत पर भी पड़ता है, जिससे एग्जाम बिगड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए एग्जाम से एक दिन पहले टेंशन को अपने पास भटकने भी न दें। 

- एग्जाम से एक दिन पहले अच्छी नींद भी सबसे जरूरी है। अगर रात को ठीक तरीके से नहीं सो पाए या नींद पूरी नहीं हुई तो इसका असर अगले दिन एग्जाम में जरूर दिखाई देगा। एग्जाम से पहले की रात पूरी नींद लें और सुबह-सुबह जल्दी उठ जाएं। सुबह उठकर रिवाइज करना ठीक रहेगा।

- पानी सबसे जरूरी होता है और अभी गर्मी का मौसम है तो पानी और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। एग्जाम से पहले या एग्जाम में सेहत न बिगड़े, इसके लिए पानी पीते रहना चाहिए। अक्सर ऐसा होता है कि स्टूडेंट्स पढ़ाई पर तो ध्यान दे देते हैं, लेकिन सेहत पर नहीं। एग्जाम हॉल में भी बीच-बीच में पानी पीते रहें, इससे शरीर के अंदर एनर्जी बरकरार रहेगी।

एग्जाम के दौरान इन बातों को रखें ध्यान

- किसी भी एग्जाम को पास करने के लिए सबसे जरूरी है टाइम मैनेजमेंट। 3 घंटे के होने वाले इस एग्जाम में टोटल 180 क्वेश्चंस होते हैं, जिसमें 90 क्वेश्चन बायोलॉजी के और 45-45 क्वेश्चन फिजिक्स, कैमिस्ट्री से होते हैं। एग्जाम में निगेटिव मार्किंग भी होती है, लिहाजा क्वेश्चन सॉल्व करते समय सावधानी बरतें। अगर किसी क्वेश्चन को सॉल्व नहीं कर पा रहे हैं या उसमें टाइम लग रहा है, तो उसको स्किप करके दूसरे क्वेश्चन में चले जाएं। 

- एग्जाम में पास होने के लिए सबसे जरूरी फैक्टर है, क्वेश्चन सॉल्व करना। एग्जाम शुरू होने पर सबसे पहले ऑब्जेक्टिव टाइप के आसान क्वेश्चन को सॉल्व करना चाहिए। इतना होने के बाद कुछ कठिन क्वेश्चंस और सबसे आखिरी में कठिन क्वेश्चंस सॉल्व करना चाहिए। 

- एग्जाम हॉल में प्लानिंग का खासतौर से ध्यान रखें। पेपर मिलते ही उसे सॉल्व करने की बजाय 10 से 15 मिनट तक पेपर को देखें और प्लानिंग करें। पेपर को अच्छी तरह से देखें और सबसे पहले जो क्वेश्चंस आते हैं, उन्हें सॉल्व करें। ऐसा करने से न सिर्फ कॉन्फिडेंस बढ़ेगा, बल्कि ज्यादा से ज्यादा क्वेश्चंस भी सॉल्व हो पाएंगे।

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