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इंजीनियरिंग नहीं, स्टूडेंट्स को MBBS है पसंद, ये कहते हैं आंकड़े

इस साल NEET में IIT के मुकाबले 1 लाख 91 हजार स्टूडेंट्स अधिक रजिस्टर्ड हुए

एजुकेशन डेस्क, अजमेर। देशभर के स्टूडेंट्स की पहली पसंद एमबीबीएस है, इंजीनियरिंग नहीं। सीबीएसई द्वारा इस वर्ष ली गई नीट और जेईई मेंस में रजिस्टर्ड कैंडीडेट्स की संख्या से यह संकेत मिलते हैं। इस बार दोनों महत्वपूर्ण टेस्ट में देशभर के कुल 24 लाख 61 हजार 809 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हुए। इनमें मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए हुई नीट में 13 लाख 26 हजार 725 स्टूडेंट्स हैं, जबकि इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए हुई जेईई मेंस 2018 के लिए कुल 11 लाख 35 हजार 84 स्टूडेंट्स ही रजिस्टर्ड हुए। इस हिसाब से नीट में 1 लाख 91 हजार 641 स्टूडेंट्स अधिक रजिस्टर्ड हुए। सीबीएसई की ओर से आयोजित की जाने वाली दोनों ही महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं को लेकर देशभर में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल रहता है। 12वीं विज्ञान वर्ग के साथ कंप्लीट करने वाले स्टूडेंट्स में से अधिकांश का सपना एमबीबीएस और इंजीनियरिंग ही है। 

 

देश में सबसे ज्यादा कोचिंग आईआईटी और मेडिकल की

विज्ञान वर्ग के स्टूडेंट्स के पेरेंट्स की मानसिकता भी अधिकांशतया वही होती है जो उनके बच्चों की होती है। देश भर में जितनी कोचिंग इन दोनों परीक्षाओं के लिए है उतनी अन्य कोर्सेस के नहीं हैं। देश के सभी प्रमुख शहरों में इन दोनों ही टेस्ट की तैयारी के लिए सैकड़ों कोचिंग इंस्टीट्यूट मौजूद हैं। सीबीएसई की ओर से आयोजित दोनों ही टेस्ट के आंकड़े कई और राज भी खोलते हैं। 


एमबीबीएस में लड़कियों की अधिक रुचि, इंजीनियरिंग में लड़कों की 

- नीट में कुल 13 लाख 26 हजार 725 स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन हुआ। इनमें लड़कियों की संख्या 7 लाख 46 हजार 76 है, जबकि मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले लड़कों की संख्या 5 लाख 80 हजार 648 ही है। इस हिसाब से नीट में 1 लाख 65 हजार 428 लड़कियां अधिक रजिस्टर्ड हुईं। इससे साफ पता लगता है कि लड़कियों की एमबीबीएस में अधिक रूचि है। इसके विपरीत इंजीनियरिंग में लड़कों का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
- जेईई मेंस के लिए इस साल कुल 11 लाख 35 हजार 84 स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन हुआ। इनमें से लड़कों की संख्या 8 लाख 15 हजार 15 है, जबकि लड़कियों की संख्या 3 लाख 20 हजार 77 है। इस हिसाब से इस टेस्ट में 4 लाख 94 हजार 938 लड़कियां कम रजिस्टर्ड हुईं। यह आंकड़े इस रुझान को दर्शाते हैं कि इंजीनियरिंग में लड़कों की दिलचस्पी अधिक है और लड़कियों की कम। 


आंकड़ों की जुबानी

- 24 लाख 61 हजार 809 हैं कुल रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स 
- 13 लाख 26 हजार 725 स्टूडेंट्स नीट में 

 

ओवर ऑल लड़कों का पलड़ा भारी 

- दोनों ही टेस्ट के लिए कुल 24 लाख 61 हजार 809 स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन किया गया। इनमें 13 लाख 95 हजार 653 लड़के हैं। लड़कियों की संख्या 10 लाख 66 हजार 153 ही है।
- ओवरऑल नीट व जेईई मेंस में कुल 4 लाख 25 हजार 999 लड़के अधिक रजिस्टर्ड हुए। 
- दोनों टेस्ट में कुल 3 ट्रांसजेंडर रजिस्टर्ड हुए 
- जेईई मेंस और नीट में कुल 3 ट्रांसजेंडर रजिस्टर्ड हुए। इनमें जेईई मेंस में 2 और नीट में एक है। 
- 11 लाख 35 हजार 84 स्टूडेंट्स जेईई मेंस में 

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