IIT JEE: नेगेटिव मार्किंग की वजह से -35 पर पहुंचा दिव्यांग स्टूडेंट्स का कट ऑफ

दिव्यांग केटेगरी में भी स्टूडेंट्स को जनरल, ओबीसी, एससी/एसटी में अलग रखा गया था। इसकी वजह से दिव्यांग स्टूडेंट्स का मैक्सिमम कट ऑफ 73 रहा और मिनिमम कटऑफ -35 पर रुका।

एजुकेशन डेस्क। 30 अप्रैल को जारी हुए जेईई मेन के रिजल्ट में भले ही नॉर्मल कट ऑफ का लगातार डाउनफॉल चर्चा का विषय रहा हो, लेकिन एक और फिगर सबसे ज्यादा चर्चित रहा- दिव्यांग केटेगरी का कटऑफ, जो -35 पर रुका। यह पहली बार हुआ है जब किसी स्पेशल केटेगरी का कटऑफ माइनस में इतना ज्यादा डाउन हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह थी पेपर का बेहद टफ होना। इसके पहले साल 2017 में कटऑफ -1 पर रुका था। 

नेगेटिव मार्किंग ने घटाए मार्क्स 

एक्सपर्ट सुनील चौरसिया ने बताया कि दिव्यांग केटेगरी के स्टूडेंट्स ने पेपर सॉल्व करने के दौरान एक लिमिट के बाद लगातार गलत आन्सर्स टिक किए। जिसके चलते उनके अर्न किए मार्क्स डिडक्ट होते गए। स्काेर जीरो होने के बाद भी यह सिलसिला चलता रहा, जिसकी वजह से काउंटिंग माइनस में हुई और फाइनल स्कोर -35 पर रुका। 

दिव्यांगों का केटेगरी वाइज डिस्ट्रीब्यूशन 

  • ओपन केटेगरी/PwD - 5656
  • ओबीसी/NCL/PwD - 3024
  • एससी/PwD - 1680
  • एसटी/PwD - 840

मैक्सिमम और मिनिमम मार्क्स 

दिव्यांग स्टूडेंट्स के लिए जेईई मेन में मैक्सिमम पासिंग मार्क्स  73 थे। जबकि इसका कट ऑफ -35 पर रुका। इस तरह टोटल 2755 दिव्यांग स्टूडेंट्स ही एडवांस के लिए क्वालिफाइ कर सके। 
 

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