UPSC 2017: डॉक्टर बनने का था सपना यूपीएससी किया क्लीयर अब IAS बनेंगी ज्योति

आईएएस बनी ज्योति के पिता कहलगांव में रसकदम बनाते हैं। शहर के तीन अन्य युवा भी हुए सफल, नारायणपुर व एकचारी का नाम भी रोशन हुआ है।

भागलपुर।  संघ लोक सेवा आयोग की 2017 की परीक्षा में जिले के छह प्रतिभागियों ने परचम लहराया है। शहर के भीखनपुर, मिरजानहाट और नाथनगर के तीन बेटोें ने सफलता पाई तो कहलगांव ब्लॉक से एक बेटी ने 53th रैंक लाकर जिले का नाम रोशन कर दिया। कहलगांव के ही एकचारी और नारायणपुर के दो बेटों ने भी पूरे देश में जिले का झंडा बुलंद कर दिया। ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने दिल्ली को चुना और इतिहास विषय में हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएट हुई। इसके बाद कॉम्पटीशन की तैयारी की। 

दिल्ली में असिस्टेंट डायरेक्टर हैं ज्याेति

कहलगांव की बेटी ज्योति को 53th रैंक मिली है। ज्योति को पहली सफलता 2015-16 में 524th रैंक के रूप में मिली थी। बीएसएनएल के टेलीकम्युनिकेशन में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर दिल्ली में पदस्थ ज्योति ने दूसरी बार सफलता हासिल की है। उसके के पिता जगन्नाथ प्रसाद साह रसकदम मिठाई वाले के नाम से फेमस हैं। अपनी बेटी की सफलता पर उन्होंने कहा, नौकरी में रहते हुए बेटी ने दूसरी बार कोशिश की। भगवान ने उसे सफलता दी। यह हमारे लिए खुशी की बात है। 

मैं बिहार आना चाहती थी भगवान ने मेरी सुन ली 

दो बहन व एक भाई में सबसे बड़ी ज्योति ने बताया, मैं बिहार आना चाहती थी। भगवान ने मेरी सुन ली। उसने बताया कि मैं अपनी पहली सफलता से भी खुश थी। 2 साल में मैंने बहुत कुछ सीखा। टेलीकॉम सेक्टर से भी मैंने बहुत कुछ सीखा है। इस बार की सफलता से मैं बहुत खुश हूं। मेरे परिवार का बहुत बड़ा सहयोग रहा, आईएएस बनना चाहती थी। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने का मेरा सपना था, यह मौका मुझे मिला। काम चैलेंजिंग है, लेकिन महिला व बच्चों के उत्थान के लिए मैं सबसे पहले काम करूंगी। 

पायलट की नौकरी छोड़ की तैयारी, मिली सफलता 

पेशे से पायलट रहे भीखनपुर के मोतिउर्रहमान ने यूपीएससी में 154th रैंक हासिल की है। बीते वर्ष पहले अटेंप्ट में उन्होंने पीटी क्वालिफाई किया आैर इस वर्ष दूसरे अटेंप्ट में मुकाम हासिल कर लिया। मोतिउर्रहमान माउंट असीसी स्कूल भागलपुर के स्टूडेंट रहे हैं। दो सालों से जामिया मिलिया इस्लामिया में रहकर यूपीएससी की तैयार कर रहे थे। इंदिरा गांधी नेशनल फ्लाइंग एकेडमी राय बरेली से एविएशन का कोर्स किया। पायलट बनने के बाद उन्होंने यूपीएससी करने की ठानी और इग्नू से बीए फिलॉस्फी की। वह एसएम कॉलेज के इकनॉमिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. तबस्सुम परवीन और एसबीआई के रिटायर्ड मैनेजर एसएम साजिद के बेटे हैं। 

मोतिउर्रहमान रोजाना 7-8 घंटे स्टडी की 
मोतिउर्रहमान ने  कहा कि मुझे पायलट बनने का शौक था। मगर मुझे एहसास हुआ कि पायलट बनकर मैं उस तरह से देश की सेवा नहीं कर पाऊंगा, जितना प्रशासनिक सेवा में जाकर कर सकूंगा। हवा में रहकर भी देश की सेवा कर सकता था, मगर मुझे जमीन पर रहकर देश की सेवा करनी थी। मैं इग्नू से ही पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स भी कर रहा हूं, मैं पाॅलिटिक्स को करीब से समझना चाहता हूं। मैंने रोजाना सात से अाठ घंटे पढ़ाई की। मेरे लिए बहुत कठिन नहीं रहा, क्योंकि मैंने सिलेबस पर अच्छी पकड़ बना ली थी। पेपर थोड़ा ट्रिक्री होता है, सवाल जरा लंबे होते हैं। इसलिए जवाब शॉर्ट और सिंपल लिखने चाहिए। मेरे ख्याल से चयनकर्ता सिर्फ ये देखना चाहते हैं कि आपका कॉन्सेप्ट कितना क्लियर है।

मिरजानहाट के इन्द्रबदन को मिली 169th रैंक 

शहर के इंद्रबदन झा ने यूपीएससी में 169th रैंक हासिल किया है। फिलहाल वह दिल्ली में रहकर यूपीएससी की प्रिपरेशन कर रहे थे। उन्होंने तीसरे अटेंप्ट में सफलता पाई है । इससे पहले दूसरे अटेम्प्ट में उन्होंने प्रीलिम्स क्वालीफाई किया था। उनके पिता स्व. त्रिभुवन झा पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर थे। उनकी मां भागलपुर में रहती हैं। इंद्रबदन झा की पढ़ाई यूपी के रायबरेली से हुई है। वे दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। 

नाथनगर के गोविंद मोहन को 260th रैंक 

नाथनगर के गोविंद मोहन को यूपीएससी में 260th रैंक मिला है। वे फिलहाल अलाइड सर्विस की नागपुर में ट्रेनिंग कर रहे हैं। वे पहले एनटीपीसी कहलगांव में इंजीनियर थे। उन्होंने 2016 में यूपीएससी कंपीट किया था। उसके बाद से ही ट्रेनिंग में हैं। उन्होंने बेहतर रैंक के लिए इस बार फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी। इसमे उन्हें 260th रैंक मिला है। 

एकचारी के वशिष्ठ नंदन को मिली 586th रैंक 

कहलगांव प्रखंड एकचारी पंचायत के रामपुर खरारा के वशिष्ठ नंदन ने अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। उन्हें 586th रैंक मिली। वशिष्ठ इस समय आयल इंडिया लिमिटेड उड़ीसा में कार्यरत हैं। वशिष्ठ ने बताया कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसफ स्कूल पकड़तल्ला से की। किसान पिता और आंगनबाड़ी में काम करने वाली मां के इस लाल ने देश की सबसे बड़ी प्रतियोगिता में जिले का नाम रोशन किया। 

पीएफ के कमिश्नर हैं नारायणपुर के सौरव 

प्रखंड के मधुरापुर निवासी सौरव कुमार डोकानिया ने यूपीएससी की परीक्षा में 389th रैंक हासिल किया है। व्यवसायी शंभू डोकानिया के बड़े पुत्र सौरभ ने अपने अंतिम प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। एजुकेशन नवटोलिया के बैजू दास विद्यालय से प्राप्त किया। नवयुग विद्यालय भागलपुर से इंटर व ग्रेजुएशन इग्नू और एनआईआरडी हैदराबाद से किया। वर्तमान में वह प्रोविडेंट फंड कमिश्नर के पोस्ट पर सिलीगुड़ी में पदस्थ है। सौरभ की इस सफलता पर नारायणपुर लोगों में खुशी का माहौल है। 

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