एग्जाम से कुछ घंटे पहले पिता की मौत, 98.25% से पास की 12वीं

मैथ्स के पेपर के दिन ही उसके पिता को हार्ट अटैक आ गया।

एजुकेशन डेस्क। बेटे को तरक्की करते देखना हर पिता का सपना होता है। अनमोल के पिता अजय श्रीवास्तव की भी यही इच्छा थी कि वो अपने बेटे को तरक्की करते हुए देखे। इस साल अनमोल CISCE बोर्ड की 12वीं की परीक्षा दे रहा था।
अनमोल के मैथ्स के पेपर के दिन ही उसके पिता को हार्ट अटैक आ गया। अनमोल भी अपने पिता की मौत होने से टूट गया था। पर पिता ने मरने से पहले कहा था कि तुम किसी भी स्थिति में अपना एग्जाम मत छोडना। वह चाहते थे कि अनमोल अपने एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाए और अनमोल ने भी अपने पिता के आखिरी इच्छा पूरी की। अनमोल ने इस साल ISC के एग्जाम में 98.25% लाकर अपने पिता का सपना पूरा किया।

 

कंप्यूटर साइंस और फिजिकल एजुकेशन में पूरे 100 अंक

- यूपी के लखनऊ में रहने वाले अनमोल जहां एक और एग्जाम में  98.25%  लाकर खुश हैं वहीं उसे इस बात का ज्यादा दुख है कि वह अपनी सफलता अपने पिता के साथ शेयर नहीं कर पाया। उसे इस बात का दुख है कि उसके पिता इस सफलता को देखने के लिए उसके साथ नहीं हैं। 26 फरवरी की सुबह जिस दिन अनमोल का मैथ्स का पेपर था उस दिन उनके पिता की हार्ट अटैक आने से मृत्यु हो गई। वहीं पिता की अचानक मृत्यु हो जाने से उनका इरादा डगमगाया नहीं और मैथ्स विषय में पूरे 100 नंबर हासिल किए। अनमोल ने 12वीं के एग्जाम में मैथ्स विषय के अलावा कंप्यूटर साइंस और फिजिकल एजुकेशन में पूरे 100 अंक, फिजिक्स में 97, केमेस्ट्री में 95 और अंग्रेजी में 93 अंक हासिल किए हैं।

 

मैं उस दिन बस रो रहा था

- 17 साल के अनमोल ने बताया कि मेरे लिए वो दिन सबसे भयानक दिन था जब मेरे पिता की मृत्यु हो गई थी और मैं चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा था। मेरी हिम्मत जवाब दे गई थी। उस दिन मेरे अंदर इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि मैं एग्जाम दे सकूं। मैं उस दिन बस रो रहा था और सिर्फ यह सोच रहा था कि मैं अपने पिता के लिए कुछ भी नहीं कर पाया।

 

पिता ने कहा था कि परीक्षा देने जरूर जाना

- मेरी मां ने मुझे बताया कि मरने से पहले मेरे पिता कह गए थे कि किसी भी स्थिती में मैं अपना एग्जाम देने जाऊं, भले ही मैं मर जाऊं। मेरे अंतिम संस्कार में  इंतजार किया जा सकता है पर अनमोल परीक्षा देने जरूर जाए।

 

पिता के शव को देखने के बाद गया परीक्षा देने

- अनमोल ने बताया सुबह करीब 10 बजे मैं अस्पताल में पिता के शव के पास बैठा था। परीक्षा शुरू होने का समय 2 बजे था। वो मेरी जिंदगी का अब तक का सबसे मुश्किल वक्त था, जब आपको अपने पिता का शव छोड़कर जाना था। मैंने जैसे-तैसे हिम्मत जुटाई और परीक्षा देने के लिए मन बना लिया। मेरे पास स्कूल पहुंचने के लिए केवल 2 घंटे थे। वहीं उस दौरान ऐसा लग रहा था जो कुछ भी पढ़ा है वो भूल चुका हूं। अनमोल ने बताया कि परीक्षा देते समय मेरी क्या हालात थी वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

 

मैथ्स के सब्जेक्ट में पापा ने की थी मदद

- अनमोल ने गणित में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। अनमोल ने बताया कि मेरे पिता पब्लिक सेक्टर में काम करते थे और गणित में अच्छे थे। जिस वजह से पिता ने मैथ्स में काफी मदद की। मैंने आईसीएसई कक्षा 10वीं की परीक्षा में मैथ्स में 95.4% मार्क्स हासिल किए थे।

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