JEE-MAIN 2018: पिछले साल की तुलना में घट सकता है JEE-MAIN 2018 का कट ऑफ

इस वर्ष JEE-MAIN का कट ऑफ कम हो सकता है। हालांकि JEE-MAIN 2018 के कट ऑफ की अधिकारिक घोषणा 30 अप्रैल को ऑफिशियल वेबसाइट पर होगी।

एजुकेशन डेस्क। CBSE द्वारा कंडक्ट किया जा रहा JEE-Main 2018 का ऑफलाइन एग्जाम 8 अप्रैल को हो चुका है। जबकि ऑनलाइन एग्जाम 15 और 16 अप्रैल को होगा। इस साल देश के सबसे बड़े इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम में लगभग 11.50 लाख स्टूडेंट्स ने अप्लाय किया है, जो पिछले साल की तुलना में 2% कम है।  पिछली बार JEE-Main एग्जाम में 11.86 लाख स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। 2018 के JEE-MAIN एग्जाम में 2.25 लाख स्टूडेंट ऑनलाइन एग्जाम देंगे, जबकि 9.25 लाख ने ऑफलाइन एग्जाम में हिस्सा लिया था।

- JEE के सैकेंड फेज JEE-Advanced के लिए पिछले साल तक टॉप 2,22,000 स्टूडेंट्स की लिमिट रखी गई थी। जबकि 2018 में यह संख्या बढ़ा कर 2,24,000 कर दी गयी है। इन्हीं सारे फिगर्स के आधार पर इस साल JEE-MAIN का कट ऑफ निर्धारित किया जाएगा। 

कट ऑफ का कैलकुलेशन

किसी भी एंट्रेंस एग्जाम के पिछले सालों का कट ऑफ से स्टूडेंट्स इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्हें इस साल कितने प्रश्नों का सही जबाव देना हैं। कई बार ज्यादा प्रश्न हल कर देते हैं और नेगेटिव मार्किंग के चलते उनके मार्क्स कम हो जाते हैं।  गौरतलब है कि पिछले साल JEE-Main में  जनरल का कट-ऑफ 81 मार्क्स था। JEE-Main एग्जाम में 1 सवाल का सही जबाव देने पर स्टूडेंट्स को 4 मार्क्स मिलते हैं। यदि किसी स्टूडेंट ने 90 में से 21 सही आन्सर दिए हैं तो वह आसानी से JEE-Advanced के लिए क्वालीफाई कर लेगा।

- हालांकि लास्ट ईयर के कट ऑफ से इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि आने वाले एग्जाम में भी कट-ऑफ कम होगा। क्योंकि किसी भी एग्जाम का कट-ऑफ  कई फैक्ट्स पर डिपेंड करता है। स्टूडेंट्स को लास्ट ईयर के कट-ऑफ से 15-20 मार्क्स अधिक लाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि वह आसानी से JEE-Advanced के लिए क्वालीफाई सके। 

JEE-MAIN के पिछले तीन साल का कट ऑफ

  • केटेगरी     2017    2016    2015
  • जनरल      81        100      105
  • ओबीसी     49        70        70
  • एससी        32        52       50
  • एसटी        27        48       44

फैक्ट्स जिनसे घटता-बढ़ता है कट-ऑफ 

JEE-MAIN की कट-ऑफ को कई फैक्ट्स प्रभावित करते हैं। जिनसे कट-ऑफ घटता-बढ़ता रहता है। कुछ खास फैक्ट्स हैं-

- एग्जाम देने वाले टोटल नंबर ऑफ स्टूडेंट्स पहला फैक्ट हैं। संख्या ज्यादा होगी तो कट ऑफ ज्यादा होगा। 2018 में 2% कम स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हुए हैं। इसलिए कट ऑफ कम होने की उम्मीद की जा सकती है।

- सैकेंड फैक्ट है Advanced फेज के लिए पिछली बार से ज्यादा स्टूडेंट्स को सलेक्ट किया जाएगा। इसलिए भी कट ऑफ कम हो सकता है।

- थर्ड फैक्ट में एग्जाम पेपर का टफ होना भी इम्पोर्टेन्ट होता है। पेपर जितना टफ होगा, कटा ऑफ उतना कम होता है।

- लास्ट फैक्ट के तौर पर स्टूडेंट्स की परफॉर्मेन्स देखी जा सकती है। अच्छा परफॉर्मेन्स हाई स्कोरर ही होता है। 

JEE-MAIN 2018 का अनुमानित कट ऑफ 

  • जनरल    77-83
  • ओबीसी    45-52
  • एससी    28-33
  • एसटी    21-25

इन सभी फैक्ट्स के आधार पर देखा जाए तो इस वर्ष JEE-MAIN का कट ऑफ कम हो सकता है। हालांकि JEE-MAIN 2018 के कट-ऑफ की अधिकारिक घोषणा 30 अप्रैल को ऑफिशियल वेबसाइट पर होगी।

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