JEE Result Analysis :हर साल घट रहा कटऑफ ताकि खाली न रहें सीट 

इस बार निशक्तों की कटऑफ माइनस 35 रही है। जो पिछले साल 1 नंबर थी। क्योंकि आईआईटी में इस श्रेणी की 315 सीट हैं। जिसमें से पिछले साल 30% सीटें खाली रह गई।

एजुकेशन डेस्क । इस साल जेईई मेन्स में सामान्य वर्ग के स्टूडेंट्स की कटऑफ 74 नंबर है। 2014 से ये आंकड़ा लगातार कम हो रहा है। क्योंकि हर साल एडवांस क्वालिफाई करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ाई जा रही है। ताकि आईआईटी की सीट खाली न रहें। इस बार निशक्तों की कटऑफ माइनस 35 रही है। जो पिछले साल 1 नंबर थी। क्योंकि आईआईटी में इस श्रेणी की 315 सीट हैं। जिसमें से पिछले साल 30% सीटें खाली रह गई।

2017: 324 रैंक वालों को एनआईटी में एडमिशन
कॅरियर काउंसलर अमित आहूजा ने बताया कि साल 2017 में मेन्स में 324 रैंक हासिल करने वाले ने भी एनआईटी में एडमिशन लिया था। एनआईटी में बेस्ट ओपनिंग रैंक त्रिचापल्ली की 324वीं रैंक रही थी। इसकी क्लोजिंग रैंक 2120 रही थी। वहीं, एनआईटी सिक्किम से होम स्टेट कोटा में 10 लाख 44 हजार 649 रैंक पर भी एडमिशन मिला था। ट्रिपलआईटी इलाहाबाद की इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी ब्रांच में मेन्स में 2624 रैंक वाले स्टूडेंट को एडमिशन मिला था। जनरल में ट्रिपलआई मणिपुर की क्लोजिंग रैंक 39 हजार 507 रही थी। 

काउंसलिंग के दौरान रहें अलर्ट
सही तरीके से काउंसलिंग में भाग लिया जाए तो पीछे की रैंक पर भी एनआईटी प्लस सिस्टम में एडमिशन हासिल किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार काउंसलिंग में ध्यान रखें तो अच्छा कॉलेज मिल सकता है। कई बार अच्छे कॉलेज में भी सीट खाली रहने पर स्पॉट राउंड होता है।
                                                                     

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