अपनी सुबह को बर्बाद न करें, साइंटिफिक तरीकों से शेड्यूल बनाकर करें तैयारी

अधिकांश प्रोफेशनल्स आठ से दस घंटे काम करते हैं। कई बार काम पूरा होने के बावजूद आउटपुट नहीं मिलता, लेकिन कई बार कम समय देने के बाद भी बेहतर रिजल्ट मिलते हैं। यह आपके काम की शेड्यूलिंग पर निर्भर करता है। सफल लीडर्स भी अपने टाइम मैनेजमेंट के लिए अनूठे तरीके

करियर डेस्क । अधिकांश प्रोफेशनल्स आठ से दस घंटे काम करते हैं। कई बार काम पूरा होने के बावजूद आउटपुट नहीं मिलता, लेकिन कई बार कम समय देने के बाद भी बेहतर रिजल्ट मिलते हैं। यह आपके काम की शेड्यूलिंग पर निर्भर करता है। सफल लीडर्स भी अपने टाइम मैनेजमेंट के लिए अनूठे तरीके अपनाते हैं। साथ ही कई साइंटिफिक तरीके भी हैं जिनके इस्तेमाल से आप अपने दिन को ज्यादा से ज्यादा प्रॉडक्टिव बना सकते हैं।


सुबह को बर्बाद न करें 

फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग हर दिन कपड़ों का रंग चुनने में सुबह का समय खराब नहीं करते। वे अपनी निर्णय लेने की क्षमता को अन्य कामों के लिए बचा कर रखते हैं। ऐसा अक्सर होता है कि सुबह का समय हम कई बार छोटी-छोटी बातों से जुड़े फैसलों में खराब कर देते हैं। जबकि रिसर्च में साबित हुआ है कि जैसे-जैसे दिन बीतता है, वैसे-वैसे हमारी निर्णय लेने की क्षमता में कमी आती है। इसलिए जरूरी है कि आप दिन के महत्वपूर्ण फैसलों के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। 


52-17 मिनट का रूल करें फॉलो

 दिन में लगातार कई घंटों तक काम करने पर धीरे धीरे काम की गति धीमी पढ़ जाती है। दुनिया भर में प्रॉडक्टिविटी को मापने के लिए काम में लिए जाने वाले एप ‘डेस्कटाइम’ द्वारा हुए एक शोध के अनुसार बेहतर आउटपुट के लिए काम का असरदार समय औसतन 52 मिनट है। यानी 52 मिनट काम करने के बाद आपको करीब 17 मिनट का गैप लेना चाहिए। या फिर लगातार एक घंटे काम करने के बाद 15 से 17 मिनट का ब्रेक लिया जाना चाहिए। इससे हर ब्रेक के बाद का एक घंटा, ज्यादा से ज्यादा प्रॉडक्टिव होता जाएगा।


क्रिएटिव थिंकिंग के लिए लंबी वॉक

वर्जिन ग्रुप के फाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन को जब भी कोई महत्वपूर्ण मीटिंग करनी होती है तो वे पूरी टीम को एक वॉक पर ले जाते हैं। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक शोध की मानें तो लंबी वॉक लेने से क्रिएटिव थिंकिंग में इजाफा होता है। कई बार सामान्य लगने वाला यह तरीका मुश्किल समस्याओं का समाधान भी दे सकता है

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