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CLAT: 80 मॉक टेस्ट देकर क्लैट में हासिल किए 157.5 मार्क्स

मैंने इन 90 दिनों के लिए प्लान किया कि जितने ज्यादा मॉक टेस्ट दूंगा, खुद की कमियों को सुधार पाऊंगा।

एजुकेशन डेस्क, जोधपुर। क्लैट की आंसर-की और स्कोर कार्ड मंगलवार रात को जारी किए गए। इन स्कोर कार्ड के मुताबिक जयपुर के अमन गर्ग 200 में से 157.5 मार्क्स हासिल कर फिलहाल टॉप पर हैं। हालांकि 18 मई तक आंसर-की को चैलेंज किया जा सकेगा। इसलिए स्कोर में फेरबदल होने के चांसेज हैं। जयपुर से अनमोल गुप्ता ने 157.25 और देवांश कौशिक ने 156.25 मार्क्स हासिल किए। हालांकि 13 मई को हुए ऑनलाइन क्लैट में टेक्नीकल एरर होने से रिजल्ट पर असर हुआ है। जयपुर के टॉपर्स ने शेयर किए अपनी तैयारी के सीक्रेट्स। 

 

बोर्ड के बाद 90 दिनों में की तैयारी

- अमन गर्ग ने बताया कि पापा अरुण गर्ग स्कूल में भी टॉपर थे और आरपीएससी में भी टॉप किया था। मैंने देखा है कि वो अपने सपने के लिए ईमानदारी से मेहनत करते हैं। मैंने भी तय किया था कि मैं टॉप एनएलयू यानी बैंगलोर में एडमिशन लूंगा। इसलिए मैंने 11वीं से ही मेहनत करना शुरू कर दिया। 12वीं में बोर्ड होने के कारण मेरी क्लैट की तैयारी में टाइम मैनेजमेंट में दिक्कत आ रही थी।
- मैंने पहले बोर्ड की तैयारी पर फोकस किया। बोर्ड के बाद क्लैट के लिए 90 दिन बचे थे। मैंने इन 90 दिनों के लिए प्लान किया कि जितने ज्यादा मॉक टेस्ट दूंगा, खुद की कमियों को सुधार पाऊंगा। इसलिए करीब 80 मॉक टेस्ट दिए। इन मॉक टेस्ट को मैंने एनालिसिस किया और जो गलतियां निकलती थीं उनको मैं दोहराता नहीं था। इन मॉक टेस्ट से मेरा टाइम मैनेजमेंट बहुत स्ट्रॉन्ग हो गया। यही वजह है कि टेक्नीकल एरर आने पर भी मैं पेपर को कम टाइम में भी पूरा सॉल्व कर पाया। 

 

एक महीने की तैयारी में पहली बार में ही क्रैक किया 

- अनमोल कहते हैं कि क्लैट में बेहतर परफॉर्म करने के लिए मैंने 12वीं बोर्ड ड्रॉप किया। क्योंकि पिछले साल मैंने केवल एक महीने की तैयारी के आधार पर क्लैट को क्रैक कर लिया था। मुझे रायपुर की एनएलयू मिल गई थी। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और मैंने 12वीं को ड्रॉप कर फिर से क्लैट करने का मन बनाया। हालांकि पेरेंट्स को डर था कि अच्छे मार्क्स आएंगे या नहीं।
- मुझे खुद पर भरोसा था इसलिए मैंने हर दिन का सिलेबस तय किया और हर दिन का टारगेट पूरा किया। एग्जाम हॉल में भी टेक्नीकल एरर आने से स्टूडेंट्स टेंशन में आ गए। हालांकि लॉग इन होने पर 10 मिनट तक कंप्यूटर की स्क्रीन ब्लैंक थी। मैं मानसिक रूप से तैयार था कि अगर एक्स्ट्रा टाइम ना भी मिला तो भी मुझे पेपर कम समय भी पूरा करना है। इसी का नतीजा है कि 157.25 स्कोर कर पाया। 

 

क्लैट की तैयारी के लिए यूपीएससी बुक्स बेहतर 

- स्टूडेंट देवांश ने बताया कि उनका टार्गेट यूपीएससी और ज्युडिश्यरी में कॅरियर बनाना है। क्लैट क्रैक करने के लिए लीगल और जनरल नॉलेज डिसाइडिंग पेपर होते हैं। मैंने इनपर फोकस किया। स्टेटिक जीके के लिए मैंने यूपीएससी की बुक्स रेफर कीं। वहीं लीगल के लिए कांस्टीट्यूशनल लॉ को स्टडी किया। 

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