12वीं के बाद चिप डिजाइनिंग में करियर के लिए शानदार संभावनाएं

देश विदेश में स्मार्ट और इंटेलिजेंट डिवाइसेज की मांग बढ़ रही है। इसे देखते हुए इंटीग्रेटेड सर्किट यानी चिप डिजाइनिंग इंडस्ट्री में तेजी से ग्रो करने का मौका मिला है।

करियर डेस्क । देश विदेश में स्मार्ट और इंटेलिजेंट डिवाइसेज की मांग बढ़ रही है। इसे देखते हुए इंटीग्रेटेड सर्किट यानी चिप डिजाइनिंग इंडस्ट्री में तेजी से ग्रो करने का मौका मिला है। अकेले भारत में यह करोड़ों डॉलर की इंडस्ट्री की शक्ल ले चुका है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स की बड़ी कंपनियों की नजर इस सेगमेंट पर है। दरअसल चिप डिजाइनिंग एक बेहतरीन प्रोफेशन है, इसमें इनोवेशन पर काफी जोर दिया जाता है। इसमें मेहनती और सीखने को तत्पर रहने वाले युवाओं की हमेशा जरूरत रही है।

जॉब 
इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में भारतीय चिप इंडस्ट्री की वार्षिक विकास दर करीब 26.72 फीसद है। वर्ष 2020 तक मोबाइल डिवाइस, आईटी सेगमेंट या ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में तेजी की वजह से चिप इंडस्ट्री में और तेज विकास का अनुमान है। अभी देश में कंप्यूटर कंपनीज समेट करीब 160 से अध‍िक चिप डिजाइन फर्म्स इस फिल्ड में सक्रिय है। प्रतिभाशाली युवाओं के लिए यहां जॉब की संभावनाएं भी बहुत हैं, क्योंकि मार्केट की डिमांड के मुकाबले देश के सभी आईआईटी और एनआईटी से अभी सिर्फ एक चौथाई प्रतिभाशाली इंजीनियर्स ही निकल पा रहे हैं।

कैसे हैं अवसर?
चिप इंडस्ड्री में जॉब की कमी नहीं है, क्योंकि किसी भी कंपनी में चिप निर्माण का पूरा काम, डिजाइन, प्रोडक्शन, टेस्टिंग, एप्लीकेशंस और प्रोसेस इंजीनियरिंग जैसे कई चरणों में बंटा होता है। इसलिए यहां बड़ी संख्या में टैलेंटेड इंजीनियर्स की हमेशा डिमांड बनी रहती है। कंपनीज में अपने अनुभव और दक्षता के आधार पर आर्किटेक्चर डिजाइन टीम, सर्किट डिजाइन टीम, फिजिकल डिजाइन टीम, टेस्टिंग या वेरिफिकेशन डिजाइन विंग में चिप/वीएलएस आई डिजाइन इंजीनियर, प्रोडक्ट इंजीनियर, टेस्ट इंजीनियर, एप्लीकेंशंस/सिस्टम इंजीनियर, प्रॉसेस इंजीनियर, पैकेजिंग इंजीनियर बन सकते हैं।

क्या है काम?
आईटी कंपनियों में आमतौर पर डिजाइन इंजीनियर्स ही चिप डिजाइनर की भूमिका निभा रहे हैं, जहां इनका मुख्य काम छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कार्यक्षमता बढ़ाना है। इसके लिए ऐसे प्रोफेशनल्स लाखों छोटे-छोटे पुर्जों और डिवाइसेज को मिलाकर इंटीग्रेटेड सर्किट यानी चिप बनाने का काम करते हैं। आजकल चिप का एडवांस वर्जन 'वेरी लार्ज स्केल इंटीग्रेशन" (वीएलएसआई) है। सिलिकॉन का यह छोटा पतला टुकड़ा इंटीग्रेटेड सर्किट बेस का काम करता है। वीएलएसआई डिजाइन के जानकारों की कंपनियों में काफी मांग है।

कोर्स और क्वॉलिफिकेशन
देश के कई आईआईटी और एनआईटी संस्थाओं में इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकम्युनिकेशंस या कंप्यूटर साइंस विभाग के अंतर्गत वीएलएसआई डिजाइन या चिप डिजाइन में बीटेक और एमटेक कोर्स ऑफर किए जा रहे हैं।


जरूरी स्किल्‍स 
इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्‍छुक युवाओं को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का नॉलेज होना जरूरी है। इसके अलावा अच्‍छी कम्‍यूनिकेशन स्किल्‍स, टीम वर्क, प्रॉब्‍लम सॉल्विंग एटिट्यूड बहुत जरूरी है। प्रोग्रामिंग और मैथमेटिकल स्किल्‍स बहुत जरूरी है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्‍छुक युवाओं को टेक्‍नोलॉजी डेवलपमेंट्स और लेटेस्‍ट इनोवेशन का ज्ञान होना जरूरी है।

प्रमुख संस्थान

आईआईटी दिल्ली
संपर्क - 011 2659 7135
http://www.iitd.ac.in/


आईआईटी खड़गपुर
संपर्क - +91 512 259 7325
http://www.iitkgp.ac.in/


भारतीय विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे
संपर्क - 020 6500 3345
http://bvcoe.bharatividyapeeth.edu/


अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई
संपर्क - 044 2235 7354
https://www.annauniv.edu/index.php

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