CGBSE: 10th टॉपर बोले- घंटों पढ़ने से नहीं, फोकस करने से मिली सफलता

10वीं में 98.33% लाकर टॉप करने वाले यज्ञेश सिंह चौहान का कहना है कि एग्जाम से पहले टाइम मैनेजमेंट जरूरी है, ताकि सभी सब्जेक्ट्स पर ध्यान जाए।

एजुकेशन डेस्क, रायपुर। कलेक्टर मैम अपना फोन देते हुए बोलीं - यज्ञेश बात करो। प्रदेश के सीएम डॉ. रमन सिंह सर हैं। फोन उठाते ही आवाज आई- यज्ञेश बहुत बधाई हो तुमको। आगे बढ़ते रहो। तब खुद के कानों पर भरोसा ही नहीं हो रहा था। बचपन से तमन्ना थी सीएम से मिलने की। आज उन्होंने खुद फोन कर मुझसे बात की। ये मेरे लिए बहुत बड़ा गौरव का क्षण है। 10वीं में 98.33% पाकर टॉप करने वाले यज्ञेश ने अपना सक्सेज मंत्रा शेयर किया।

घंटों के हिसाब से पढ़ने से नहीं मिलती सफलता

- यज्ञेश ने बताया कि घंटों के हिसाब से पढ़ाना कतई सफलता नहीं दिला सकता है। कोई कहता कि 8 घंटे की पढ़ाई जरूरी है तो कोई 9 घंटे कहता है। मेरा मानना है कि जब भी पढ़िए फोकस होकर पढ़िए। जो विषय पढ़िए उसपर इतना फोकस हो कि उसको अच्छे से समझ लीजिए। वो पार्ट ऐसे समझ में आ जाए कि बार-बार उसे दोहराना या पढ़ाना न पड़े।

- खुद पर भरोसा होना चाहिए। मन में संकल्प हो कि टॉप करना है। फिर खुद को हर वक्त परखिए कि आप की तैयारी अभी किस लेवल पर है और उसे किस लेवल तक पहुंचाना है। एग्जाम से पहले सब्जेक्ट के मुताबिक अपना टाइम मैनेजमेंट करिए ताकि सभी विषयों पर बराबर ध्यान दे पाएं।

- जो विषय कमजोर हो उसमें प्रैक्टिस ज्यादा करें। उस सब्जेक्ट में रुचि पैदा करने का काम टीचर कर सकते हैं। टीचर से शेयर करें कि आपका ये सब्जेक्ट कमजोर है। आप खुलकर सब्जेक्ट से जुड़ी प्रॉब्लम बताएं।

स्पेस साइंटिस्ट बनने का है सपना

- यज्ञेश ने बताया कि बचपन में जब रात में आसमान की ओर देखता था तो बड़ी जिज्ञासा होती थी कि ये तारे कैसे हैं। कैसे चमकते हैं। क्या है सौर मंडल की दुनिया। अक्सर ये परिजनों से सौर मंडल से जुड़े सवाल करते थे। जवाब मिलने पर जिज्ञासा और बढ़ती जाती थी।

- ऐसे में स्पेस टेक्नोलॉजी को लेकर रुचि बढ़ती गई। अब तो यज्ञेश ने ठान लिया है कि वे स्पेस साइंटिस्ट बनेंगे।

संकल्प संस्थान से मिली सफलता

- जशपुर में बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए चलाए जा रहे संकल्प संस्थान को यज्ञेश अपनी सफलता का श्रेय देते हैं। यज्ञेश कहते हैं कि टीचर्स के साथ खुद कलेक्टर प्रियंका शुक्ला मैम हर रोज 2 घंटे बच्चों को पढ़ाती हैं। टॉप 10 लिस्ट के हिसाब से बच्चों को पढ़ाया जाता है।

- यज्ञेश के पिता दिलीप लाल चौहान, माता मधुमति चौहान और बड़ी बहन टीचर हैं। बाकी दो बड़ी बहनें भी पढ़ाई कर रहीं हैं। ऐसे में घर में शिक्षा का अच्छा माहौल मिलना सफलता की खास कुंजी साबित हुई। यज्ञेश के पिता ने उन्हें मोटिवेट किया और पढ़ाई से जुड़ी हर जरूरतों का ध्यान रखा।
 

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