CBSE: पेरेंट्स हाव-भाव से जान सकेंगे, बच्चों के साथ कुछ गलत तो नहीं हुआ

सीबीएसई ने सभी स्कूलों में ऑनलाइन पोक्सो ई-बॉक्स सुविधा शुरू की, काउंसलर अभिभावकों को देंगे जानकारी

एजुकेशन डेस्क, ग्वालियर। शहर के सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ अलग कुछ गलत हुआ है तो पेरेंट्स उनके हाव-भाव से इसका अंदाजा लगा सकेंगे। इसके लिए काउंसलर उन्हें ट्रेनिंग देंगे। इसकी पहल सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से की गई है। सीबीएसई ने पोक्सो-ई बॉक्स सुविधा शुरू की है। इसके तहत बच्चे अपने साथ होने वाली गलत बातों की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा पाएंगे। कई बार बच्चों के साथ गलत हो जाता है और वह हिचकिचाहट की वजह से पेरेंट्स और टीचर्स को कुछ भी नहीं बता पाते हैं। वे अपनी शिकायत लिखकर उसे पोक्सो ई-बॉक्स के माध्यम से भेज सकेंगे। यह प्रणाली हाल ही में शहर के 62 सीबीएसई स्कूलों में शुरू की जा रही है, जिसका फायदा इन स्कूलों में पढ़ने वाले 25 हजार छात्र-छात्राओं को होगा। जो बच्चे इस पोक्सो ई-बॉक्स के तहत अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे, उनकी पहचान स्कूल प्रबंधन की ओर से गोपनीय रखी जाएगी और उनकी शिकायत पर तत्काल कार्यवाही होगी। इसके लिए सीबीएसई ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 

 

तीन बिंदुओं पर दिया जाएगा सबसे ज्यादा ध्यान 
- इस सर्कुलर के मुताबिक सभी सीबीएसई स्कूलों में पैरेंट्स टीचर्स मीटिंग होंगी, जिसमें पैरेंट्स को बताया जाएगा कि वे अपने बच्चों के किन इशारों से यह समझ सकते हें कि उनके साथ कुछ गलत तो नहीं हुआ। 
- पोक्सो ई-बॉक्स की जानकारी स्कूल के नोटिस बोर्ड, स्कूल मैग्जीन और स्कूल की दीवारों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही उसमें यह बताया जाएगा कि शिकायत कैसे करनी है। 
- पैरेंट्स को बताया जाएगा कि यदि बच्चे के साथ कोई घटना बाहर या स्कूल कैंपस में होती है, तो वे एक ई-मेल से स्कूल प्रिंसिपल को केस के बारे में बता सकते हैं। इसकी जानकारी ऊपर तक जाएगी। 


क्या है पोक्सो ई-बॉक्स 
पोक्सो (यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण) ई-बॉक्स, बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों को दर्ज करने के लिए एक ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली है। इससे अभिभावक और बच्चे लैंगिक शोषण के विरुद्ध राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह सुविधा वेबसाइट http://ncpcr.gov.in/ पर भी उपलब्ध है। 
स्कूल में बच्चों को इसकी जानकारी देने के साथ उन्हें ऑनलाइन शिकायत करने का तरीका भी बताया जाएगा। 


निगरानी के लिए बनाई गई है कमेटी 
सहोदय अध्यक्ष निकेश शर्मा और पूर्व अध्यक्ष राजेश्वरी सावंत का कहना है कि इसके लिए सभी स्कूलों में एक कमेटी बनाई गई है। इसमें पांच से छह सदस्य हैं। इनमें अभिभावक, स्कूल प्रिंसिपल, अकेडमिक पर्सन, काउंसलर और टीचर्स को शामिल किया गया है। यह कमेटी समय-समय पर बच्चों की काउंसिलिंग करेगी, जिससे उनके साथ होने वाली गलत बातों का पता चल सके। 

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