CBSE:10वीं मैथ्स की 32 आंसरशीट्स गुम, डिपार्टमेंट ने बनाई जांच कमेटी

मैथ्स की करीब 2400 आंसरशीट्स थीं। जब आंसरशीट्स की चेकिंग पूरी हुई तब पता लगा कि 32 आंसरशीट्स गायब हैं।

एजुकेशन डेस्क, चंडीगढ़। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की परेशानी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। पहले एग्जाम के दौरान पेपर लीक होने का मामला सामने आया और जब रिजल्ट जारी करने की तैयारी चल रही है तब आंसरशीट्स गुम होने की खबर सामने आ रही है। दरअसल, चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (जीएमएसएसएस) सेक्टर-19 में 10वीं मैथ्स एग्जाम की आंसरशीट चेक होने आई तो पता चला कि उसमें से 32 आंसरशीट्स गायब थी। इस मामले से जुडे़ किसी भी सवाल का जवाब सीबीएसई के पास नहीं हैं हालांकि एजुकेशन डिपार्टमेंट ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी बना दी है। 

शुक्रवार को दोबारा शुरू होगी आंसरशीट्स की काउंटिंग
- मामला गंभीर है इसलिए अब स्कूल ने सभी बंडल्स की दोबारा से गिनती करने की प्लानिंग कर ली है और शुक्रवार को यह काउंटिंग शुरू की जाएगी। चांसेज कम हैं लेकिन स्कूल को ऐसा लगता है कि शायद कहीं यह आंसरशीट्स किसी अन्य सब्जेक्ट के बंडल में न चली गई हों।
- हालांकि, अन्य सब्जेक्ट्स के बंडल में पड़ी आंसरशीट्स चेक होने के बाद दोबारा सील की गई हैं लेकिन अब इनकी सील तोड़कर दोबारा से काउंटिंग होगी। दूसरी ओर सीबीएसई भी अपनी सीक्रेसी ब्रांच में इन आंसरशीट्स को ढूंढने का काम कर रहा है लेकिन कामयाबी नहीं मिली है।

इन 4 स्टेप्स से होकर गुजरती हैं आंसरशीट्स
सीबीएसई की सीक्रेसी ब्रांच में आंसरशीट के रोल नंबर बदलकर एक फेक नंबर लगाए जाते हैं। इसके बाद आंसरशीट्स को स्कूलों में चेकिंग के लिए भेजा जाता है। इस प्रोसेस में कुल 4 स्टेप्स रहते हैं।
 

पहला स्टेप:सीबीएसई यह जिम्मा सेंटर नोडल सुपरवाइजर को देता है जोकि स्कूल का प्रिंसिपल रहता है। उसकी जिम्मेवारी इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी, चौकीदार और एग्जामिनर्स को अरेंज करने की रहती है। इस मामले में यह नोडल ऑफिसर संजय वालिया हैं।
दूसरा स्टेप: सीबीएसई ऑफिस से सीधा आंसरशीट्स एक सील्ड बंडल में आती है। सीबीएसई ऑफिसर यह बंडल सीधा हेड एग्जामिनर को देता है और इसके बाद सारी जिम्मेवारी हेड एग्जामिनर की रहती है। यह हेड एग्जामिनर स्कूल का ही एक सीनियर टीचर रहता है। इस मामले में हेड एग्जामिनर मैथ्स टीचर दविंदर सिंह हैं और उन्हें सीबीएसई ने आंसरशीट्स दी थीं।
तीसरा स्टेप: हेड एग्जामिनर आंसरशीट्स की चेकिंग के लिए अपने अधीन तीन असिस्टेंट हेड एग्जामिनर को डेप्यूट करता है।
चौथा स्टेप: तीन असिस्टेंट हेड एग्जामिनर्स अपने अंदर 10 एग्जामिनर्स लगाते हैं जो आंसरशीट्स की चेकिंग करते हैं।

11 हजार आंसरशीट्स पहुंची स्कूल

- सीबीएसई की ओर से 4 मई को जीएमएसएसएस सेक्टर-19 में आंसरशीट्स भेजी गईं थीं। यह आंसरशीट्स 10वीं बोर्ड एग्जाम्स के पांच सब्जेक्ट्स की थीं। इनमें मैथेमेटिक्स, पंजाबी, सोशल स्टडीज, इकोनॉमिक्स और फिजिकल एजुकेशन की आंसरशीट्स शामिल थीं। स्कूल में करीब 11 हजार आंसरशीट्स आईं।
- इनमें से मैथ्स की करीब 2400 आंसरशीट्स थीं। जब आंसरशीट्स की चेकिंग पूरी हुई तब पता लगा कि 32 आंसरशीट्स गायब हैं। अब यह आंसरशीट्स सीबीएसई की ओर से दिए गए बंडल में कम थीं या फिर स्कूल से ही किसी ने चुरा लिया।
- इसको लेकर फिलहाल असमंजस है क्योंकि सीबीएसई से जब बंडल चेकिंग सेंटर में पहुंचते हैं तो सील्ड रहते हैं और उनकी मौके पर काउंटिंग नहीं होती कि बंडल के ऊपर जितनी आंसरशीट्स बताई गई हैं उतनी आंसरशीट्स बंडल के अंदर है या नहीं।

मामले पर क्या कहना है जिम्मेदारों का?

- जीएमएसएसएस 19 के प्रिंसिपल संजय वालिया के मुताबिक, इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं कह सकता क्योंकि मामला गंभीर हैं।
- सीबीएसई, नई दिल्ली पीआरओ रमा शर्मा ने बताया कि हम आंसरशीट्स को ढूंढ रहे हैं। हो सकता है कि हमारी सीक्रेसी ब्रांच में किसी अन्य सब्जेक्ट के साथ यह मिक्सअप हो गई हों। फिर भी आंसरशीट्स नहीं मिलीं तो उन स्टूडेंट्स का एग्जाम दोबारा नहीं होगा और कोई हल जरूर निकाला जाएगा।
- एजुकेशन सेक्रेटरी का कहना है कि इसमें चंडीगढ़ प्रशासन को कोई रोल नहीं रहता क्योंकि सीबीएसई सीधे ही इन्हें एग्जामिनर अपॉइंट करता है। फिर भी मुझे बताया गया कि किसी ने जानबूझकर ऐसा किया है और मैंने एफआईआर दर्ज करने की अप्रूवल दे दी है।

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